पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • ..तो ऐसा न हो कि पार्षद ही सिफारिश करने आएं

..तो ऐसा न हो कि पार्षद ही सिफारिश करने आएं

8 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
भास्कर संवाददाता - शाजापुर
शहर में अवैध तरीके से चल रहीं मांस की दुकानों को अभी बंद करवा दूंगा। नपा सीएमओ जांच करो और मांस की दुकानों पर कार्रवाई करो। अब ऐसा न हो कि भाजपा नेता और पार्षद ही दुकान चालू कराने सिफारिश लेकर आएं। अगर ऐसा करना हो तो कार्रवाई ही न करें। यह बात जनता दरबार में लोगों की समस्याएं सुनने के दौरान प्रभारी मंत्री पारस जैन ने कही। प्रभारी मंत्री ने यह भी कहा कि यदि कोई सिफारिश लेकर आए तो मुझे बताना। इसी बीच भीड़ में से आवाज आई कि मांस की दुकानों के लिए अलग जगह निर्धारित कर दी जाए। तभी मंच से कहा गया, यह बाद में देखा जाएगा। नपा सीएमओ ने बताया कि शहर में करीब ६०-६५ दुकानों से मांस का बेचा जाता है। इनमें से कई बिना अनुमति चल रही हैं।
प्रभारी मंत्री पारस जैन और विधायक अरुण भीमावद ने सर्किट हाउस पर शुक्रवार सुबह ११.३० बजे जनता दरबार लगाकर लोगों की समस्याएं सुनी और आवेदन लिए। ग्राम बक्सूखेड़ी के किसानों ने ओले से बर्बाद हुई फसल के नमूने और प्लास्टिक के जार में ओले लेकर पहुंचे। प्रभारी मंत्री ने जनता से लिए आवेदनों का शीघ्र निपटारा करने के निर्देश अधिकारियों को दिए। इस दौरान कलेक्टर प्रमोद गुप्ता, एसपी संजय तिवारी, जिपं सीईओ मुकेश शुक्ल, एसई एसएल करवाडिय़ा सहित विभागीय अधिकारी और भाजपा नेता मौजूद थे।
मुआवजे में धांधली- ग्राम सुनेरा के किसानों ने प्रभारी मंत्री से मिलकर बताया कि नेशनल हाईवे को फोरलेन करने के लिए अधिगृहीत की गई जमीन का मुआवजा बांटने में अफसरों ने धांधली कर दी है। सिंचित को असिंचित कर मुआवजे को कम कर दिया। जमीन में लगे पेड़-पौधे की गिनती नहीं की। बाजार कीमत से बहुत कम दिया जा रहा है।
व्यापारी से १० लाख रुपए की ठगी- मीरकलां निवासी व्यापारी अक्षय जैन ने प्रभारी मंत्री को आवेदन दिया कि जमीन का सौदा करने के नाम पर शहर के तीन दलालों ने उनके साथ १० रुपए ले लिए हैं। पुलिस को आवेदन दिया लेकिन पुलिस कार्रवाई नहीं कर रही है। अक्षय जैन के अनुसार दलालों ने ९ लाख ५० रुपए प्रति बीघा के रेट से २१ बीघा जमीन का सौदा कराया था। इसके बदले १० लाख रुपए अग्रिम लिए थे। जमीन का सौदा भी नहीं कराया और अब राशि नहीं लौटा रहे हैं।
फर्नीचर वालों को वन विभाग का अमला करता है ब्लैकमेल
शहर के फर्नीचर के दुकानदारों ने भी प्रभारी मंत्री से मिलकर बताया कि वन विभाग के कर्मचारी अक्सर आकर उनको परेशान करते हैं। फर्नीचर तैयार करने वाले औजारों पर कार्रवाई कर देते हैं। सुतार-विश्वकर्मा परिवारों की आजीविका का साधन फर्नीचर ही है। वन विभाग की तरफ किसी की भी उपस्थिति नहीं होने पर कलेक्टर ने नोटिस जारी करने के निर्देश दिए हैं।



जनता दरबार में लोगों को सुनते हुए प्रभारी मंत्री जैन एवं विधायक भीमावद।