आफत बनकर बरसे ओले
भास्कर संवाददाता - शाजापुर
पिछले एक सप्ताह से गड़बड़ाया मौसम गुरुवार रात 10.30 बजे फिर से बिगड़ा। शाजापुर सहित जिलेभर में कई जगह तेज बारिश हुई। जिससे खेत के खेत बर्बाद हो गए। एक अनुमान के मुताबिक खेतों में लहलहा रही गेहूं की फसल में 25 से 50 फीसदी तक नुकसान हो चुका है।
ठंड के सीजन में गुरुवार देर रात मावठे की बारिश ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी। जिले के कई क्षेत्र में अन्नदाताओं पर कहर बनकर बारिश के साथ ओले बरसे। किसानों के खेतों में खड़ी गेहूं-चने आदि की फसलें आड़ी पड़ गईं। कई जगह खेतों में भरा बारिश का पानी और ओले शुक्रवार सुबह तक भी नहीं सूख पाए। अधिकांश क्षेत्रों में गेहूं की फसल खेतों में आड़ी पड़ चुकी है। चना, धनिया, संतरे आदि की फसलें भी प्रभावित होना बताई जा रही है। गिरवर के किसान सौदानसिंह कहते हैं बारिश और ओलावृष्टि से उनके 4 बीघा गेहूं के खेत में अब आधा उत्पादन भी नहीं आएगा। पतोली के गोकुलसिंह बताते हैं कि उनके खेत में गेहूं की फसल नष्ट होकर आधी रह गई है। भारी नुकसान हुआ है। किसान गजराजसिंह के 2 बीघा के गेहूं खेत में ओलावृष्टि बारिश के कारण 25 प्रतिशत फसलें खराब हो गईं। गेहूं की ऊंबियां झड़ गई। शाजापुर क्षेत्र में इस प्राकृतिक आपदा से 15-20 प्रतिशत गेहूं की फसल में नुकसान आंका जा रहा है। जबकि अन्य फसलों में मात्र 5-10 प्रतिशत। विशेषज्ञों की मानें तो इस आपदा से फसलों का उत्पादन आधा ही रह सकता है।
इन फसलों पर पड़ा प्रभाव
कृषि विज्ञान केंद्र गिरवर के वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिक डॉ. जी.आर. अंबावतिया के मुताबिक गुरुवार रात हुई बारिश और ओलावृष्टि से जिले में सबसे ज्यादा गेहूं की फसल प्रभावित होने की सूचना मिल रही है।
रातभर में 11 मिमी बारिश- मौसम विभाग के मुताबिक गुरुवार-शुक्रवार को रातभर में मावठे से 11 मिमी बारिश हुई है। वहीं कई क्षेत्रों में ओलावृष्टि भी हुई है। ((संबंधित खबर पेज 5 पर))
खेत में इस तरह आड़ी पड़ गई गेहूं की फसल। इनसेट फसल से इस तरह टूटी गेहूं की ऊंबी।
किसानों को कराया दो घंटे इंतजार
मो. बड़ोदिया क्षेत्र के ग्राम बड़ौदी के भगवानसिंह, बाबूलाल, देवीसिंह, दिलीपसिंह, जोगनाथ, शंकरलाल सहित करीब 20 ग्रामीण शुक्रवार दोपहर करीब तीन बजे कलेक्टोरेट पहुंचे। वे ओलों से भरे दो थैले लेकर आए थे। किसानों को दो घंटे इंतजार कराया गया। इसके बाद प्रभारी मंत्री पारस जैन, कलेक्टर प्रमोद गुप्ता से मुलाकात की। उनकी 60-70 प्रतिशत फसलें ओलावृष्टि से बर्बाद हो गई। किसानों ने मुआवजे की गुहार लगाई है।
जिले में कौन सी फसल कितने रकबे पर
गेहूं- 81 हजार 50 हैक्टेयर
चना- 1 लाख 31 हजार 450 हैक्टे.
मटर- 501 हैक्टेयर
मसूर- 8 हजार 55 हैक्टेर
सरसों- 3925 हैक्टेयर
((नोट: आंकड़े अनुमानित, स्रोत : कृषि विभाग।))