न प्रशासन पहुंचा और न मांग हुई पूरी
भास्कर संवाददाता - आगर-मालवा
सिविल अस्पताल में जनता की सुविधा के लिए चला सांई परिवार का 36 घंटे का अनशन शुक्रवार शाम ७.३० बजे समाप्त हो गया। हालांकि जनहित के लिए उठाए जा रहे इस कदम के दौरान कोई प्रशासनिक अधिकारी अनशन स्थल पर नहीं पहुंचा। लेकिन शाम ७.३० बजे पूर्व विधायक लालजीराम मालवीय वहां पहुंचे और उनके आश्वासन पर अनशन समाप्त हुआ।
जनहित के इस मुद्दे पर चला यह अनशन भी अस्पताल में सुविधा मुहैया कराए जाने के लिए चले समय-समय पर अन्य आंदोलन की तरह निराधार ही साबित हुआ। इस दिन सांई परिवार के सतीश शास्त्री जहां पूरे समय तक अनशन पर रहे। वहीं सुबह 9 से रात 9 बजे तक परिवार के सदस्य अंकुश भटनागर भी अनशन पर रहे। अनशन स्थल पर सांई परिवार के भीमसिंह नायक, इंदुबाला बिलरवान, प्रशांत भटनागर, देवेंद्र वर्मा, सुनील जैन, अमित श्रीवास्तव, राजकुमार गुप्ता, लोकेश पाटीदार, अनिल गुप्ता, अजय सोनी, आजम पटेल, बाबूलाल शर्मा सहित सदस्य बड़ी संख्या में मौजूद रहे।
अधिकारियों के निरीक्षण भी नाकाम- अनशन कर रहे सतीश शास्त्री ने बताया कि शासन-प्रशासन की प्राथमिक सेवाओं में स्वास्थ्य सेवा प्रमुख है, लेकिन शहर के एकमात्र सिविल अस्पताल में सुविधा मुहैया कराने के लिए न तो शासन के प्रतिनिधि कोई कदम उठा रहे हैं और न ही प्रशासनिक अधिकारी यहां बिगड़ी व्यवस्था सुधारने के प्रयास कर पा रहे हैं। इसके चलते मरीजों को कई परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कई बार अस्पताल निरीक्षण के लिए वरिष्ठ अधिकारी भी यहां आए, लेकिन अधिकारियों ने खामियों को दूर करने के मात्र निर्देश ही दिए समस्या का निराकरण नहीं किया गया। यही कारण है कि 9 माह से अस्पताल में एक्स-रे मशीन खराब है, नई डिजिटल एक्स-रे मशीन और सोनोग्राफी खरीदी के लिए 6 माह पूर्व 9 लाख रुपए स्वीकृत हुए पर कम पड़ रही राशि मिलाकर अब तक दोनों उपकरण नहीं खरीदे जा सके। यही नहीं, अस्पताल में दुर्घटनाओं में गंभीर घायल लोगों के साथ प्रसूताओं के लिए आवश्यक ब्लड बैंक की स्थापना भी अब तक नहीं की गई।
दर्जनों लोगों ने रजिस्टर पर दर्ज की अपनी भावना- 36 घंटे तक चल इस अनशन पर अनेक सामाजिक लोगों के साथ नगर के बुद्धिजीवी भी वहां पहुंचे। सांई परिवार के इस कदम की प्रशंसा करते हुए जनहित में इसे आवश्यक बताया। अपनी भावना भी दर्जनों लोगों ने इस दौरान रजिस्टर पर विचार के रूप में अंकित की। किसी ने शासन-प्रशासन पर प्रतिक्रिया की तो किसी ने जनप्रतिनिधियों की उदासीनता होना बताया तो किसी ने अस्पताल में सुधार के लिए एक बड़े आंदोलन की आवश्यकता होना बताया।
पूर्व विधायक पहुंचे
अनशन के दौरान शाम करीब ७.३० बजे पूर्व विधायक लालजीराम मालवीय अनशन स्थल पर पहुंचे। मालवीय ने विधायक, प्रभारी मंत्री के साथ मिलकर इस मांग को स्वास्थ्य मंत्री और मुख्यमंत्री से पूरा कराने का आश्वासन दिया। इसके बाद एक बालिका के हाथों ज्यूस ग्रहण कराकर अनशकारियों का अनशन समाप्त कराया गया। इसके बाद सिविल अस्पताल में सांई परिवार द्वारा मरीजों को दूध वितरित किया गया।
सदस्यों को दूध पिलाकर अनशन समाप्त कराती बालिका।