पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • धर्मगुरु होने का झूठा दावा कर रहे हैं

धर्मगुरु होने का झूठा दावा कर रहे हैं

8 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
भास्कर संवाददाता. शाजापुर
बोहरा समाज के 52वें धर्मगुरु डॉ. सैयदना मोहम्मद बुरहानुद्दीन साहब के निधन के बाद उनके एक सौतेले भाई ने खुद को 53वां धर्मगुरु होने का झूठा दावा कर दिया। विरोधस्वरूप शनिवार को शहर का दाऊदी बोहरा समाज भी सड़कों पर उतरा। कलेक्टोरेट पहुंचकर एडीएम आर.पी. भारती को राज्यपाल के नाम का ज्ञापन सौंपकर वास्तविकता बताई।
समाज के वरिष्ठ सदस्य व पूर्व पार्षद कैजार हुसैन गौहर ने बताया कि घटना से आहत होकर सैकड़ों समाजजनों ने आमिल साहब शेख मोहम्मद भाई रामपुरा वाले की सदारत में प्रशासन को ज्ञापन सौंपा है। ज्ञापन में बताया है कि शाजापुर की दाऊदी बोहरा जमात के लिए अपने अतिप्रिय धर्मगुरु के निधन को सहना असंभव है। समाजजन उनके पुत्र एवं समाज के 53वें धर्मगुरु, दाई अल मुतलक ((शहंशाह)) सैयदना मुफद्दल सैफुद्दीन भाई साहब से सांत्वना ले रहे हैं। लेकिन सैयदना मोहम्मद बुरहानुद्दीन के सौतेले भाई व 53वें धर्मगुरु सैयदना मुफद्दल सैफुद्दीन साहब के सौतेले काका खुजेमा कुतुबुद्दीन ने खुद को धोखे से सैयदना मोहम्मद बुरहानुद्दीन साहब का उत्तराधिकारी होने का झूठा दावा किया है। उन्होंने यह झूठा दावा करके न केवल विश्व के प्रत्येक दाऊदी बोहरा समुदाय के लोगों को परेशान किया है, बल्कि शांतिप्रिय समाज को अपनी सीमाएं लांघने के लिए उत्तेजित भी किया है। अत: शाजापुर दाऊदी बोहरा जमात अनुरोध करती है कि समाजजनों की भावनाओं को समझते हुए इस शांतिप्रिय समुदाय को अपने 53वें शहंशाह सैयदना मुफद्दल भाई सैफुद्दीन साहब के साए में जीवन-यापन करने की अनुमति प्रदान करें।



कलेक्टोरेट में एडीएम को ज्ञापन सौंपते समाजजन।