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जमीन के शासकीय रेट ज्यादा होने पर लगा सकते हैं आपत्ति
भास्कर संवाददाता - शाजापुर
आबादी और खेती की जमीन के शासकीय रेट ज्यादा हैं तो आप आपत्ति लगा सकते हैं 31 जनवरी तक ही मौका है। इसके बाद शासकीय गाइड लाइन फायनल हो जाएगी और खरीदी-बिक्री के लिए तय गाइड लाइन अनुसार ही स्टाम्प शुल्क वसूला जाएगा।
शासकीय गाइड लाइन तय करने से पहले समिति की सिफारिशों पर ध्यान दिया जाता है। इस समिति में अधिकारियों के अलावा विधायक जसवंतसिंह हाड़ा और जनपद अध्यक्ष गंगाराम पटेल भी शामिल हैं। इनके अलावा कोई भी व्यक्ति जिसको प्रस्तावित रेट पर आपत्ति हो वह जिला पंजीयक कार्यालय में आपत्ति लगा सकता है।
रेट कम कराने भी लगा सकते हैं दावा- नियमानुसार यदि किसी जगह जमीन के रेट गाइड लाइन से कम हैं तो संबंधित क्षेत्र के व्यक्ति गाइड लाइन में रेट कम करने के लिए भी आपत्ति लगा सकते हैं। शहरों और गांवों में ऐसा ज्यादातर जगह देखने में आता है कि शासकीय गाइड लाइन के रेट बाजार रेट से भी ज्यादा होते हैं। ऐसे में उस जगह की रजिस्ट्री में स्टाम्प शुल्क ज्यादा चुकाना पड़ता है।
इस बार 20 फीसदी तक बढ़ोतरी प्रस्तावित- जिले के शहरी और ग्रामीण क्षेत्र में आवासीय जमीन से लेकर खेती वाली जमीन के 20 फीसदी तक रेट बढ़ाया जाना प्रस्तावित है। 25 जनवरी से 31 जनवरी लिए जा रहे हैं। जिला पंजीयक कार्यालय के अनुसार कुछ जगह इस बार दरों में कोई बढ़ोतरी नहीं की जा रही है।
आचार संहिता के चलते दो माह पहले गाइड लाइन
आगामी लोकसभा चुनाव की आचार संहिता कभी भी लग सकती है। ऐसे में वित्तीय वर्ष शुरू के दो माह पहले ही शासकीय गाइड लाइन तैयार की जा रही है। नया वित्तीय वर्ष 1 अप्रैल से शुरू होगा और उस दौरान आचार संहिता लगी रहेगी। ऐसे में नई गाइड लाइन लागू नहीं हो सकेगी। ऐसे में शासन पहले से गाइड लाइन के दावे/आपत्तियां लेकर फाइनल करने की तैयारी कर चुका है। जिला पंजीयक क्षिप्रा सेन के मुताबिक आपत्तियां ली जा रही हैं। 31 जनवरी को गाइड लाइन बनाकर वरिष्ठ कार्यालय को भेज दी जाएगी।