लापरवाही और मनमानी की हो गई हद
अटल तिवारी - शाजापुर
दूषित पेयजल के चलते उल्टी-दस्त से जूझ रहे तिंगजपुर में उप स्वास्थ्य केंद्र है, लेकिन यहां मरीजों का उपचार नहीं होता है। इस अस्पताल में निजी स्कूल संचालित होता है।
रसूखदारों ने उपस्वास्थ्य केंद्र को आंगनवाड़ी भवन में पहुंचा दिया है। गांव की करीब 4 हजार आबादी है और अस्पताल के भी ठिकाने नहीं है। बुधवार शाम तक गांव में विधायक, सीएमएचओ से लेकर एसडीएम तक ने दौरा किया, लेकिन अस्पताल कहां चल रहा है यह किसी ने भी सुध नहीं ली। न जानने का प्रयास किया कि गांव में स्वास्थ्य सुविधाएं कैसी हैं। गांव के एक समाजसेवी का कहना है कि अफसर आए, देखा, रौब झाड़ा, निर्देश दिए, सरकारी तूती को बजाया और वापस चले गए। गांव में तो दो मौत हो चुकी है और कई ने निजी अस्पतालों में महंगा उपचार कराया। यह कीमत तो गांववालों को चुकानी पड़ी। अब लापरवाह अफसरों से कौन पूछेगा कि इन मौतों के लिए कौन जिम्मेदार है। निजी स्कूल को फायदा पहुंचाने के लिए अस्पताल को आंगनवाड़ी में पहुंचाने की मदद करने वाले कौन हैं। इन सवालों का जबाव प्रशासन को देना होगा।
॥यह मामला तो बेहद गंभीर है। गांव के उपस्वास्थ्य केंद्र भवन का उपयोग निजी स्कूल को कैसे करने दिया जा रहा है इसकी जानकारी लेकर संबंधितों पर कार्रवाई करेंगे।ञ्जञ्ज
डॉ. प्रमोद गुप्ता, कलेक्टर
तिंगजपुर के उपस्वास्थ्य केंद्र में चल रहा है निजी स्कूल। इनसेट यहां चल रहा है उपस्वास्थ्य केंद्र।
तिंगजपुर में ग्रामीणों से बात करते हुए विधायक हाड़ा।
तिंगजपुर मरीजों का उपचार करती स्वास्थ्य विभाग की टीम।