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रबी फसल फिर संकट में

8 वर्ष पहले
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खास-खास:

गेहूं रकबा : एक लाख 74 हजार हेक्टेयर

चना रकबा : एक लाख 15 हजार हेक्टेयर

धनिया रकबा : एक लाख हेक्टेयर

मसूर रकबा :11 हजार 200 हेक्टेयर

मटर रकबा: -दो हजार 400 हेक्टेयर

भास्कर टीम - राजगढ़/ब्यावरा/नरसिंहगढ़

क्षेत्र में लगातार तीसरे साल रबी फसल पर प्राकृतिक आपदा की स्थिति बन रही है। तीन सप्ताह से तेज सर्दी के बाद अब मंगलवार को आधी रात से कई क्षेत्रों में तेज बारिश व आंधी चलने से हजारों हेक्टेयर फसल को नुकसान पहुंचा है।

इस साल जिले में रबी फसलों की बोवनी तीन लाख हेक्टेयर क्षेत्र में की गई है। अधिकांश खेतों में बोई फसलें पकने को तैयार हैं लेकिन जनवरी माह की शुरुआत से तेज सर्दी, कोहरा व ओस के कारण नुकसान की स्थिति बन रही है। बीते तीन-चार दिनों से लगातार आसमान में बढ़ रहे बादलों ने इस चिंता को और बढ़ा दिया। मंगलवार देर रात आंधी चलने के साथ ही जिले के कई हिस्सों में तेज बारिश हुई। इससे हजारों हेक्टेयर क्षेत्र में गेहूं की फसल जमीन पर आड़ी हो गई। इसके अलावा धनिए की पौध का भी रंग बदलने के कारण यह खराब होने लगी है। हजारों हेक्टेयर में बोई चने की पक चुकी फसल के खेत में ही अंकुरित होने के दर्जनों मामले सामने आए हैं।

बॉक्स.. बारिश का क्रम अब भी जारी :

जिलेभर में मंगलवार से शुरू हुआ बारिश का क्रम अब भी जारी है। बुधवार को दिनभर रुक-रुक कर तकरीबन सभी क्षेत्रों में बारिश हुई। कार्यालय भू-अभिलेख के मुताबिक मंगलवार से बुधवार सुबह आठ बजे के बीच जीरापुर क्षेत्र में आधा सेमी, खिलचीपुर में 0.16 सेमी, राजगढ़ में 0.6 सेमी बारिश हुई। जबकि ब्यावरा में इस दौरान 0.2 सेमी व नरसिंहगढ़ में 0.3 सेमी बारिश हुई। सारंगपुर क्षेत्र में सबसे ज्यादा 0.75 सेमी बारिश दर्ज की गई।

बॉक्स.. बारिश पर एक नजर :

24 घंटों में औसत बारिश : 4.2

एक जून से औसत बारिश : 150.67

बीते सीजन में औसत बारिश : 100.91

जिले की औसत सामान्य वर्षा : 110.07

बॉक्स.. इन गांवों में ज्यादा नुकसान की सूचना

क्षेत्र के करेड़ी, बखेड़, कल्पोनी, सोनखेड़ा, रसूलपुरा, कुंडी बे, राजपुरा सहित खिलचीपुर के बामनगांव, ब्यावराकलां, बरगोलिया, जटामड़ी, सेदरा, दुंदाहेड़ी, नाटाराम सहित अन्य गांवों में धनिया, चने सहित गेहूं में काफी नुकसान हुआ है। इसके चलते ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द सर्वे कराने और राहत दिलाने की मांग की है।

बॉक्स.. बारिश के साथ आंधी से ज्यादा नुकसान

सेदरा निवासी रामबाबू, जटामड़ी निवासी प्रेमनारायण, गाड़ाहेट सत्यनारायण, ब्यावरा कला निवासी रामचंद्र, दुंदाहेड़ी निवासी लक्ष्मीनारायण, बखेड़ निवासी रामप्रसाद व देवकरण और सोनखेड़ा निवासी खुशाल सिंह के मुताबिक तेज बारिश के कारण उनके खेतों में लगीं धनिया और चने की पचास प्रतिशत से ज्यादा फसलों को नुकसान हुआ है। हालांकि इन किसानों का यह भी कहना है कि बारिश के कारण आड़ी हुई गेहूं की बालियां, जल्द धूप निकली तो वापस खड़ी हो सकती हैं। ऐसे में फिलहाल गेहूं में नुकसान के बारे में अभी अनुमान नहीं लगाया जा सकता।

किसान वहीं फिलहाल मौसम भी साफ नहीं हुआ जिसके कारण किसान खासे चिंतित हैं।

बॉक्स.. तीसरे साल भी नुकसान के आसार :

क्षेत्र में बीते दो सालों से लगातार रबी की फसल को ओले व पाले के कारण नुकसान पहुंच रहा है। बीते साल पाले के अलावा मार्च में चलीं आंधी व ओले पडऩे के कारण कटने की कगार पर खड़ी फसलों को भारी नुकसान पहुंचा था। सबसे ज्यादा नुकसान जीरापुर, ब्यावरा और राजगढ़ क्षेत्र में हुआ था। यहां दस-बीस प्रतिशत फसल को छोड़कर शेष फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई थी। इस बार भी किसान ऐसी आशंका के चलते परेशान हैं।

बॉक्स .. धूप निकली तो बच सकती है फसल :

कृषि उपसंचालक जेएस पंद्राम के अनुसार बारिश के कारण पहले बोई व तैयार फसल के लिए तबाही का कारण बन सकती है। जबकि बाद में बोई फसलों के लिए यह फायदेमंद साबित होगी। उन्होंने कहा कि फिलहाल क्षेत्र में कितना नुकसान हुआ है। सर्वे के बाद ही बताया जा सकेगा। हालांकि उन्होंने उम्मीद जताई कि अगर जल्द ही धूप निकलती है तो नुकसान की आशंका बहुत कम रह जाएगी।

पेज-5, सेपरेट बॉक्स.. तीन हजार हेक्टेयर में नुकसान की आशंका

ब्यावरा। क्षेत्र में मंगलवार रात 11 बजे से अचानक गरज के साथ शुरू हुई बरसात का क्रम सुबह तक चला। इसके बाद बुधवार दोपहर दो बजे के बाद से रुक-रुक कर बारिश होती रही। इससे फसलों को नुकसान तो हुआ ही शहर में भी जगह-जगह कीचड़ व गंदगी फैल गई। सर्दी बढऩे की वजह से लोग बहुत जरूरी काम से ही बाहर निकले। हालांकि कृषि विभाग बारिश से नुकसान की संभावना को नकार रहा है।

फसलों पर आफत की बारिश

क्षेत्र के गांव जेपला के रामलाल, मोनीपुरा के गोकुलराम, नाथू सिंह आदि किसानों ने बताया कि बारिश व हवा से धनिया खराब हो गया। इसी के साथ कई किसानों की चने की फसल खराब हो गई। किसानों के अनुसार इस बारिश से क्षेत्र के दर्जन भर से अधिक गांवों की फसलों को नुकसान हुआ है। ग्रामीणों से मिली जानकारी के हिसाब से इस दौरान तीन हजार हेक्टेयर क्षेत्र की फसल खराब होने का अनुमान है।

खबर के साथ फोटो : राजगढ़ से ..

22 राज फोटो 01 ब्यावराकलां: आंधी के कारण जमीन पर लेट गए गेहूं।

22 राज फोटो 02 ब्यावराकलां: बारिश और आंधी के चलते धनिया की फसल के गिर गए फूल।





आंकड़े सेमी में



धूप निकली तो बच सकती है फसल

कृषि उपसंचालक जेएस पंद्राम के अनुसार यह बारिश पहले बोई व तैयार फसल के लिए तबाही का कारण बन सकती है। जबकि बाद में बोई फसलों के लिए यह फायदेमंद होगी। फिलहाल क्षेत्र में कितना नुकसान हुआ है। सर्वे के बाद ही बताया जा सकेगा। हालांकि उन्होंने उम्मीद जताई कि अगर जल्द ही धूप निकलती है तो नुकसान की आशंका बहुत कम रह जाएगी।

तीसरे साल भी नुकसान का अंदेशा

क्षेत्र में बीते दो सालों से लगातार रबी की फसल को ओले व पाले के कारण नुकसान पहुंच रहा है। बीते साल पाले के अलावा मार्च में चलीं आंधी व ओले पडऩे के कारण कटने की कगार पर खड़ी फसलों को भारी नुकसान पहुंचा था। सबसे ज्यादा नुकसान जीरापुर, ब्यावरा और राजगढ़ क्षेत्र में हुआ था। यहां दस-बीस प्रतिशत फसल को छोड़कर शेष फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई थी। इस बार भी किसान ऐसी आशंका के चलते परेशान हैं।



ब्यावराकलां। बारिश और आंधी के कारण धनिया की फसल के झड़ गए फूल।

हजारों हेक्टेयर में नुकसान की आशंका

ब्यावरा - क्षेत्र में मंगलवार रात 11 बजे से अचानक गरज के साथ शुरू हुई बरसात का क्रम सुबह तक चला। इसके बाद बुधवार दोपहर दो बजे के बाद से रुक-रुक कर बारिश होती रही। इससे फसलों को नुकसान तो हुआ ही शहर में भी जगह-जगह कीचड़ व गंदगी फैल गई। सर्दी बढऩे की वजह से लोग बहुत जरूरी काम से ही बाहर निकले। हालांकि कृषि विभाग बारिश से नुकसान की संभावना को नकार रहा है।

फसलों पर आफत की बारिश

क्षेत्र के गांव जेपला के रामलाल, मोनीपुरा के गोकुलराम, नाथू सिंह आदि किसानों ने बताया कि बारिश व हवा से धनिया खराब हो गया। इसी के साथ कई किसानों की चने की फसल खराब हो गई। किसानों के अनुसार इस बारिश से क्षेत्र के दर्जन भर से अधिक गांवों की फसलों को नुकसान हुआ है। ग्रामीणों से मिली जानकारी के हिसाब से इस दौरान तीन हजार हेक्टेयर क्षेत्र की फसल खराब होने का अनुमान है।

इन गांवों में ज्यादा नुकसान की सूचना

क्षेत्र के करेड़ी, बखेड़, कल्पोनी, सोनखेड़ा, रसूलपुरा, कुंडी बे, राजपुरा सहित खिलचीपुर के बामनगांव, ब्यावराकलां, बरगोलिया, जटामड़ी, सेदरा, दुंदाहेड़ी, नाटाराम सहित अन्य गांवों में धनिया, चने सहित गेहूं में काफी नुकसान हुआ है। इसके चलते ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द सर्वे कराने और राहत दिलाने की मांग की है।



बारिश पर एक नजर

०.4

सेमी हुई जिले में 24 घंटे में औसत बारिश

150.67

एक जून से औसत बारिश

100.91

बीते सीजन में औसत बारिश

110.07

जिले की औसत सामान्य वर्षा

बारिश के साथ आंधी से ज्यादा नुकसान

सेदरा निवासी रामबाबू, जटामड़ी निवासी प्रेमनारायण, गाड़ाहेट सत्यनारायण, ब्यावरा कला निवासी रामचंद्र, दुंदाहेड़ी निवासी लक्ष्मीनारायण, बखेड़ निवासी रामप्रसाद व देवकरण और सोनखेड़ा निवासी खुशाल सिंह के मुताबिक तेज बारिश के कारण उनके खेतों में खड़ी धनिया और चने की फसलों को 50 फीसदी से ज्यादा नुकसान हुआ है। हालांकि इन किसानों का यह भी कहना है कि बारिश के कारण आड़ी हुई गेहूं की बालियां, जल्द धूप निकली तो वापस खड़ी हो सकती हैं। ऐसे में फिलहाल गेहूं में नुकसान के बारे में अभी अनुमान नहीं लगाया जा सकता।



खास-खास

गेहूं का रकबा : एक लाख 74 हजार हेक्टेयर

चने का रकबा : एक लाख 15 हजार हेक्टेयर

धनिए का रकबा : एक लाख हेक्टेयर

मसूर का रकबा : 11 हजार 200 हेक्टेयर

मटर रकबा : दो हजार 400 हेक्टेयर



गेहंू की फसल हुई आड़ी, धनिए का फूल झड़ा, चने की फसल में अंकुरण

भास्कर टीम - राजगढ़/ब्यावरा/नरसिंहगढ़

क्षेत्र में लगातार तीसरे साल रबी की फसल पर प्राकृतिक आपदा की स्थिति बन रही है। तीन सप्ताह से तेज सर्दी के बाद अब मंगलवार को आधी रात से कई क्षेत्रों में तेज बारिश व आंधी चलने से हजारों हेक्टेयर फसल को नुकसान पहुंचा है।

इस साल जिले में रबी फसलों की बोवनी तीन लाख हेक्टेयर क्षेत्र में की गई है। अधिकांश खेतों में बोई फसलें पकने को तैयार हैं लेकिन जनवरी माह की शुरुआत से तेज सर्दी, कोहरा व ओस के कारण नुकसान की स्थिति बन रही है। बीते तीन-चार दिनों से लगातार आसमान में बढ़ रहे बादलों ने इस चिंता को और बढ़ा दिया। मंगलवार देर रात आंधी चलने के साथ ही जिले के कई हिस्सों में तेज बारिश हुई। इससे हजारों हेक्टेयर क्षेत्र में गेहूं की फसल जमीन पर आड़ी हो गई। इसके अलावा धनिए की पौध का भी रंग बदलने के कारण यह खराब होने लगी है। हजारों हेक्टेयर चने की पक चुकी फसल के खेत में ही अंकुरित होने के दर्जनों मामले सामने आए हैं।

बारिश का क्रम अब

भी जारी

जिले के कई क्षेत्रों में मंगलवार से शुरू हुआ बारिश का क्रम अब भी जारी है। बुधवार को दिनभर रुक-रुक कर बारिश हुई। कार्यालय भू-अभिलेख के मुताबिक मंगलवार से बुधवार सुबह आठ बजे के बीच जीरापुर क्षेत्र में आधा सेमी, खिलचीपुर में 0.16 सेमी, राजगढ़ में 0.6 सेमी बारिश हुई। जबकि ब्यावरा में इस दौरान 0.2 सेमी व नरसिंहगढ़ में 0.3 सेमी बारिश हुई। सारंगपुर क्षेत्र में सबसे ज्यादा 0.75 सेमी बारिश दर्ज की गई।