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कलेक्टोरेट और जल संसाधन ऑफिस की कुर्की के आदेश

7 वर्ष पहले
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कार्यालय संवाददाता। राजगढ़
जिला कोर्ट ने कलेक्टोरेट सहित जल संसाधन विभाग कार्यालय को कुर्क करने के आदेश दे दिए हैं। एक ठेकेदार को उसका बकाया नहीं मिलने पर उसने विभाग के खिलाफ दावा किया था। इसी की सुनवाई में यह फैसला किया गया है। अब विभाग के अधिकारी कुर्की से बचने के लिए यहां-वहां घूमते नजर आ रहे हैं।
जिला न्यायालय के इस आदेश के बाद कोर्ट के आदेशिका वाहक गजराजसिंह और रमेश वर्मा सोमवार को जल संसाधन विभाग सील करने पहुंचे। लेकिन ईई अनिल सिंह ने एक दिन की मोहलत मांगते हुए मंगलवार को कार्यालय आने के लिए कहा है।
जब मंगलवार को टीम जल संसाधन विभाग के कार्यालय पहुंची तो वहां अधिकारी मौजूद नहीं मिले। इस कारण टीम वापस आ गई। इसी तरह कलेक्टोरेट कार्यालय में कलेक्टर सहित अन्य प्रमुख अधिकारी जरूरी काम से मीटिंग में गए थे।



जिला कोर्ट ने दिए कलेक्टोरेट सहित जल संसाधन विभाग कुर्क करने के आदेश।

॥यह पुराना मामला है, कुर्की का आदेश मिल गया है। राज्य शासन से पैसे की मांग की जा रही है।

-आनंद कुमार शर्मा, जिला कलेक्टर राजगढ़

॥लंबित भुगतान को लेकर कई बार विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से संपर्क किया है लेकिन कोई हल नहीं निकला। हमने कुर्की टीम से समय मांगा है।

-अनिल सिंह, ईई जल संसाधन विभाग राजगढ़।

॥हम न्यायालय के आदेश पर सोमवार को कार्यालय सील करने पहुंचे थे। लेकिन मंगलवार तक की मोहलत ईई अनिल सिंह द्वारा मांगी गई थी। मंगलवार को जवाबदार अधिकारी नहीं मिले और न ही वहां वाहन मिल पाए। इससे कुर्की की कार्रवाई नहीं

हो पाई।

-गजराजसिंह, आदेशिका वाहक जिला न्यायालय राजगढ़

क्या है न्यायालय का आदेश

> कलेक्टर कार्यालय के वाहन क्रमांक एमपी 04 टी एक 1978 सहित अन्य वाहन जो कलेक्टर कार्यालय में खड़े है उन्हें कुर्क किया जाए।

> कलेक्टर कार्यालय का फर्नीचर, ब्रॉडबैंड, बैंक एकाउंट, कंप्यूटर के साथ ही भवन को कुर्क कर सील किया जाए।

> जल संसाधन विभाग के यंत्री का शासकीय वाहन एमपी 04 टीए 1637 व अन्य वाहन कुर्क किए जाए।

> साथ ही फर्नीचर, कम्प्यूटर सहित अन्य सामान के साथ बैंक खाता व भवन कुर्क कर ताला लगाया जाएं।



कुर्की के डर से कार्यालय से हटाई गाडिय़ां

मंगलवार को न्यायालय कर्मचारी जल संसाधन विभाग कार्यालय सील करने व वाहन कुर्क करने पहुंचे लेकिन आदेशिका वाहक को जवाबदार अधिकारी नहीं मिल पाए। इस कारण कार्यालय को सील नहीं किया जा सका। इधर अधिकारियों ने विभाग के सरकारी वाहनों को भी कार्यालय से हटा दिया ताकि कर्मचारी इन वाहनों को कुर्क नहीं कर सकें। मंगलवार को दिनभर विभाग के चार पहिया वाहन मौके पर खड़े नहीं मिले।



18 साल पुराना है मामला



जिम्मेदारों की बात

ठेकेदार का नहीं किया था पेमेंट



18 साल पहले 1996 में सूखा राहत के समय विभाग द्वारा तालाब बनाए गए थे। इसमें डिक्री धारी नवीन गुप्ता ने जेसीबी मशीन सहित अन्य मशीनरी उपलब्ध कराई थी, लेकिन विभाग ने इसका भुगतान नहीं किया। इसी कारण यह मामला दो साल पहले न्यायालय में पहुंचा। इसकी मूल राशि मय ब्याज के नौ लाख 25 हजार 407 रुपए देने का आदेश जारी किया था। इसका भुगतान नहीं होने की स्थिति यह कुर्की का आदेश जारी किया है।

जल संसाधन विभाग ने वर्ष 1996 में ब्यावरा निवासी ठेकेदार नवीन प्रकाश गुप्ता की मशीनों से काम कराया था लेकिन विभाग ने ठेकेदार का नौ लाख 25 हजार 407 रुपया भुगतान नहीं किया। सूखा राहत के तहत कराए गए इस काम के भुगतान की उम्मीद छोडऩे के बाद ठेकेदार ने कोर्ट में मामला दायर किया था। इसमें राहत राशि के सर्वेसर्वा कलेक्टर राजगढ़ को भी पार्टी बनाया गया था। जिला न्यायालय ने छह सितंबर 2011 को संबंधित पक्ष को भुगतान नहीं करने पर डिक्री आदेश दिए थे। अब भी भुगतान नहीं होने पर जिला जज आरके दुबे ने 10 जनवरी को कलेक्टोरेट सहित जल संसाधन विभाग के वाहन, फर्नीचर, कंप्यूटर, बैंक खाता सहित कार्यालय को कुर्क करने का आदेश जारी किया है।



मामला

9,25,407

रुपए नहीं दिए ठेकेदार को

1996

से ठेकेदार का कर्जदार है जल संसाधन विभाग

सूखा राहत के दौरान

चलीं मशीन का नहीं

किया था भुगतान



भुगतान नहीं करने पर ठेकेदार ने कोर्ट में दायर किया था मामला