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राशन की दुकानों से खाली लौट रहे लोग

8 वर्ष पहले
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कार्यालय संवाददाता - राजगढ़
राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम में विस्तार कर मुख्यमंत्री अन्नपूर्णा योजना एक मार्च से लागू की गई है, लेकिन विभागीय लेट-लतीफी के कारण पात्र परिवार राशन की दुकानों से खाली हाथ लौट रहे हैं। जिला आपूर्ति विभाग के अनुसार खाद्यान्न सामग्री राशन दुकानों को भेजी जा रही है लेकिन पात्रता पर्ची के न मिलने से उन्हें लौटाया जा रहा है जबकि योजना की शुरुआत हुए डेढ़ माह हो चुके हैं।
जिलेभर में नगर पालिका व ग्राम पंचायतों द्वारा नगर व गांवों में पात्रता पर्ची वितरण करने के लिए कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। इस दौरान कहीं पर नगरपालिका कर्मचारी राशन दुकान पर बैठकर पर्ची वितरण कर रहे हैं। इससे हितग्राहियों को पर्चियां नहीं मिल पा रही हैं। इस दौरान जब लोग जब नगर पालिका पहुंचते हैं, तो उनसे कहा जाता है कि कर्मचारियों को पर्चियां दे दी गई हैं जो प्रत्येक घर में वितरण कर रहे हैं।
अधिकारी नहीं दे रहे जानकारी
जिलेभर में मार्च से पहले पात्र प्राथमिक परिवारों को पात्रता पर्ची वितरण करने के शासन के सख्त निर्देश हैं। इसके बावजूद जिला खाद्य विभाग शासन के आदेश पर खरा नहीं उतरा है। योजना लागू हुए डेढ़ माह हो गए लेकिन हजारों परिवारों राशन नहीं मिल रहा है।



अधिकारी को नहीं जानकारी

॥पात्रता पर्ची बनाने में त्रुटि होने से कई परिवारों को पर्चियां नहीं मिल पाई हैं। प्राथमिक परिवार के नाम आ रहे हैं, उनके नाम फीड कर पर्चियां बनाई जा रही है। ऐसे परिवारों को मई माह तक पर्चियों का वितरण कर दिया जाएगा।

आरसी मीना, जिला खाद्य एवं आपूर्ति अधिकारी



एपीएल धारकों को नहीं मिल रहा केरोसिन

जिला आपूर्ति अधिकारी आरसी मीना ने बताया कि नई योजना के तहत राशन वितरण के लिए दो कैटेगरी तय की गई हैं। इसमें अंत्योदय कार्डधारी और 22 प्राथमिक श्रेणी में बीपीएल राशन कार्डधारियों के अलावा श्रमिक, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, हितग्राही, अजा-अजजा के गैर आय करदाता व तृतीय श्रेणी के अलावा अन्य कर्मचारी शामिल किए गए हैं। वहीं सामान्य राशन कार्ड धारी अर्थात एपीएल कार्डधारक को उपभोक्ता की श्रेणी से हटा दिया गया है। इन्हें अब तक तीन लीटर केरोसिन व पांच किलो प्रति कार्ड खाद्यान्न दिया जाता था जो अब बंद कर दिया गया है।

किन्हें मिलना है लाभ



राशन दुकानों पर खाद्यान्न वितरण की नई व्यवस्था लागू हो गई है। इसी के तहत 23 श्रेणी के परिवारों को शामिल किया गया है। सात सदस्य वाले अंत्योदय परिवार को 35 किलो और शेष 22 श्रेणी के परिवारों को प्रत्येक सदस्य के मान से पांच-पांच किलो अनाज मिलना है। इसमें गेहूं, चावल व नमक एक रुपए प्रति किलो दिया जाएगा। विभाग द्वारा जो पर्चियां हितग्राही को दी जा रही हैं, उन्हें हितग्राही को राशन कार्ड पर चिपकाना है। पर्ची देखकर ही राशन दुकान संचालक को खाद्यान्न देने के निर्देश हैं। इसके अलावा जिन परिवारों के राशन कार्ड नहीं हैं उन्हें पर्ची के आधार पर राशन दिया जाएगा।