मांगों को लेकर कलेक्टोरेट का घेराव
भास्कर संवाददाता। टीकमगढ़
रायकवार ((माझी)) आदिवासी परिषद के नेतृत्व में बुधवार को जिला स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें उप जातियों को जोडऩे की मांग करते हुए कलेक्टोरेट परिसर का घेराव किया गया। परिषद कार्यकर्ताओं ने शाम 4 बजे मुख्यमंत्री के नाम जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपा। इसमें मंत्री मंडल की अनुशंसा कराकर फरवरी 2014 तक स्वीकृति देने की मांग की गई है।
बुधवार को दोपहर 12 बजे कलेक्टोरेट रोड स्थित शादीघर में जिला स्तरीय कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें जिले भर से आए माझी समाज के लोगों ने एकजुट होकर अपनी मांगे पूरी कराने की बात कही। परिषद के जिला अध्यक्ष ओपी रैकवार ने बताया कि माझी जाति में रायकवार, कहार, केवट, मल्लाह, ढ़ीमर, कड़ा, बाथम, कश्यप, निषाद आदि नामों की उपजातियां हैं। इन्हें अनुसूचित जनजाति में शामिल करने के लिए वर्ष 2008 में प्रदेश शासन ने अनुशंसा करते हुए केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेजा था। लेकिन केंद्र सरकार के आरजीआई द्वारा इस प्रस्ताव पर आपत्ति लगाते हुए 27 जनवरी 2012 को मप्र सरकार को वापिस भेजा गया था। तब से यह प्रस्ताव मप्र शासन के पास लंबित है। दो सालों से प्रदेश सरकार ने आपत्तियों पर सुधार नहीं किया है। न ही केविनेट मंत्रीमंडल की अनुशंसा कराकर प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा है। इसके विरोध में बुधवार को जिला स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। विरोध प्रदर्शन के बाद मुख्यमंत्री के नाम जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपा गया है। इस दौरान परिषद के सचिव पीएल कड़ा, उपाध्यक्ष मनोज वर्मा, मूलचंद्र कड़ा, महामंत्री गोविंद रैकवार, लक्ष्मन रैकवार, कामताप्रसाद रैकवार सहित जिले के समस्त मछुआ सदस्य मौजूद रहे।
टीकमगढ़। मांझी समाज की ओर से बुधवार को कलेक्टोरेट का घेराव किया गया।
8 फरवरी को विशाल धरना
रायकवार परिषद ने मांगे पूरी नहीं होने पर 8 फरवरी को विशाल धरना प्रदर्शन करने की चेतावनी दी है। आंदोलन सांसद नरेंद्र कुमार कश्यन के नेतृत्व में होगा। परिषद के महामंत्री गोविंद रैकवार ने बताया कि 8 फरवरी को देश की राजधानी दिल्ली में जंतर-मंतर में देश भर के रायकवार समाज और उपजातियों के लोग इकट्ठा होंगे। समाज के लोग पिछले 20 सालों से यह मांग करते आ रहे हैं। लेकिन आज तक देश की सरकारों ने मांगे पूरी नहीं की हैं।
मांझी समाज ने मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर रखी मांग