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दमोह जिले में वन्य प्राणियों की गणना में जुटा वन अमला

8 वर्ष पहले
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निज संवाददाता - बनवार
वन प्राणियों की गणना के लिए प्रदेश में एक साथ वन्य प्राणियों की गणना का कार्य चल रहा है। जिसके तहत दमोह जिले में भी वन विभाग के अधिकारी व कर्मचारी इस काम में मुस्तैदी से जुटे हुए हैं। जंगली एरिया के जलस्त्रोत नदी नाले, तालाव जहां पर वन्य प्राणी भोर होते ही पानी पीने के लिए आते हैं। यहां पर वनकर्मी बिना आहट किए नजर रखे हुए हैं। सगरा के वनरक्षक, बीट गार्ड मुहम्मद हुसैन ने बताया कि वन्य प्राणी दिन भर कहीं भी विचरण करते रहे लेकिन सुबह के समय वह पानी पीने के लिए अक्सर जलस्स्रोतों तक पहुंचते हैं। नतीजन वन्य प्राणी की गणना करने में सबसे आसान क्षेत्र बीट के जलस्त्रोत होते हैं। जहां पर हरेक वन्य प्राणी को प्रत्यक्ष देखा जा सकता है और विचरण करते हुए उनके पगमार्क के निशान भी आसानी से मिल जाते है। और यही वन्यजीवों की गणना के लिए सबसे उपयुक्त प्वाइंट साबित होते हैं।
९ रेंजों में १८३ बीटों
वन संरक्षक दमोह टीएस चतुर्वेदी का कहना है कि जिले की 9 रेंजों में 183 वनबीटों में वन्य प्राणी की गणना का कार्य सुबह 6 से शाम के 6 बजे तक किया जा रहा है जिसमें वनरक्षक से लेकर विभाग के अधिकारी पूरी मुस्तैदी से वन्य प्राणी की खोज में जुटे है। उन्होंने बताया कि जीपीएस के माध्यम से होने वाली इस गणना में हरेक बीट में एक सप्ताह के वन्य प्राणी गणना कार्य में पहले तीन दिन मांसाहारी वन्यप्राणी की गणना की जाएगी और बाकी के तीन दिन शाकाहारी वन्यजीवों की गणना कार्य किया जा रहा है। सप्ताह के आखरी दिन गिद्धों की गणना के लिए रखा गया है। जिसमें गणना के लिए वन्यप्राणी के प्रत्यक्ष व पगमार्क बीस्ट को आधार बनाते हुए ट्रांजेक्शन लाइन पर ही गणना कार्य किया जा रहा है। गणना की हरेक बीट की शामिल रिपोर्ट वन मंडलाधिकारी को देते हैं। इसके बाद उसे प्रदेश की गणना रिपोर्ट में शामिल किया जाएगा। इसके बाद यह रिपोर्ट वन्य प्राणी सेंटर भेजी जाएगी।