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भास्कर संवाददाता - दमोह
शहर के सिविल वार्ड स्थित पंचमुखी हनुमान मंदिर में आयोजित श्री हनुमत महायज्ञ के छटवें दिन यजमानों ने गणेशादि पंचाग, पूजन, मंडप पूजन, पीठादि पूजन के बाद श्रीराम रक्षा स्त्रोत, हनुमान चालीसा, बजरंग वाण, रूद्र सुक्त आदि से भाव सहित आहूतियां दी। यज्ञाचार्यमहेंद्र गर्गने बताया कि यज्ञ २५ जनवरी तक चलने वाले इस यज्ञ में रोजाना ही बड़ी संख्या में श्रद्धालुजन उपस्थित होकर यज्ञ में शामिल हो रहे हैं और आहूतियां देकर पुण्य अर्जित कर रहे हैं। यज्ञ में पं. ओमप्रकाश पाठक, पं. दुर्गेश शास्त्री, पं. आशीष कृष्ण शास्त्री, पं. सुनील शास्त्री, बालकृष्ण शास्त्री, राजेंद्र सरवरिया, देवेंद्र शास्त्री, सुरेंद्र शास्त्री, मनीष पाठक का विशेष योगदान रहा। जीवन में सदैव अच्छे कर्म करो: शहर के तीन गुल्ली चौराहा के समीप आयोजित श्रीमद् भागवत कथा में पं. धर्मदास मिश्रा ने कहा कि भगवान ने मानव तन अच्छे कार्यों के लिए दिया है इसलिए इसे सद्कर्म में ही लगाएं। भले ही जीवन में कितनी बड़ी विपत्ति आए जाए, लेकिन भगवान की भक्ति कभी नहीं भूलना चाहिए। क्योंकि भगवान अपने भक्त की हर विपदा को दूर करते हैं। भले ही विपदा कितनी बड़ी क्यों न हो वह छोटे रूप में टल जाती है। उन्होंने कहा कि आज का मानव पाश्चात्य संस्कृति की ओर भाग रहा है जबकि हमारी भारतीय संस्कृति का ज्ञान लेने विदेश के लोग भी यहां आकर अध्ययन करते हैं। जीवन में कितने बड़े पद पर भले ही पहुंच जाओ लेकिन अहंकार कभी नहीं करना चाहिए। उन्होंने कहा कि आज का मनुष्य अपने बड़े-बुजुर्गों एवं माता-पिता का आदर करना भूल गया है जो हमारी संस्कृति के विपरीत है। जो लोग अपने माता-पिता को दुख देते हैं, परेशान करते हैं वे लोग जीवन में कभी भी सुखी नहीं हो सकते। इसलिए माता-पिता को कभी दुख न दें। कथा के दौरान बड़ी संख्या में भक्त शामिल थे।