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नोटिस जारी कर पेमेंट पर रोक लगाई, कार्रवाई का इंतजार
छतरपुर - जिले की ग्राम पंचायतों में मनमाने ढंग से सोलर लाइट लगवाने के मामले में अब कार्रवाई शुरू हो गई है। जिला प्रशासन ने आदेश जारी करके सोलर लाइट का पेमेंट रोकने के लिए कहा है। हालांकि अब तक सोलर लाइट का पेमेंट करने और मनमानी खरीदी करने वालों पर कार्रवाई के बारे में अब तक कोई आदेश जारी नहीं हुआ है। दरअसल जिले की कई ग्राम पंचायतों में पिछले दिनों सोलर लाइट लगाई गई हैं। मप्र ऊर्जा विकास निगम इस सोलर लाइट को केवल 9 हजार रुपए में लगाने के लिए तैयार है, लेकिन जिला पंचायत के जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के बीच हुई सांठगांठ के कारण एक-एक सोलर लाइट का 65-65 हजार रुपए पेमेंट किया गया। यह राशि पंच परमेश्वर और 13वें वित्त से दी गई और नियमों को ताक पर रखकर खरीदी हुई। इस मामले को दैनिक भास्कर ने प्रमुखता से प्रकाशित किया। इस पर कलेक्टर डॉ.मसूद अख्तर के अनुमोदन से जिला पंचायत सीईओ डॉ.सत्येंद्र सिंह ने आदेश जारी किया है। इस आदेश में जनपद पंचायत सीईओ को संबंधित सोलर लाइट का पेमेंट रोकने के लिए है। अर्थात अब किसी भी ग्राम पंचायत को इन सोलर लाइट का पेमेंट नहीं किया जाएगा। हालांकि अब तक पेमेंट करने वाले सरपंच-सचिवों पर कार्रवाई, पेमेंट लेने वालों से रिकवरी करने के संबंध में कोई आदेश जारी नहीं किया गया। जिला पंचायत सीईओ के अनुसार जल्दी ही इस संबंध में आदेश जारी होगा।
एक वर्ष पहले से चल रही थी कोशिश : ग्राम पंचायतों में मनमाने रेट पर सोलर लाइट लगाकर कमाई करने का प्रयास लगभग एक वर्ष पहले शुरू हो गया था। जिला पंचायत में जब सीईओ के रूप में भावना वालिंबे पदस्थ थीं। तब सामान्य सभा की बैठक में जिला पंचायत के सदस्यों ने एक प्रस्ताव रखा था। इसमें परफार्मेंस ग्रांट फंड से ग्राम पंचायतों में सोलर लाइट लगाने के लिए प्रस्ताव डाला गया। तत्कालीन जिला पंचायत सीईओ श्रीमती वालिंबे के अवकाश पर होने के कारण इस बैठक में प्रभारी सीईओ के रूप में एसीईओ एबी खरे मौजूद थे। इस बैठक में प्रस्ताव को पास कर दिया गया और श्री खरे के दस्तखत से बैठक की कार्रवाई जारी हो गई। इसके बाद कुछ ग्राम पंचायतों में सोलर लाइट लगाई गईं। इस मामले के सामने आने पर तत्कालीन सीईओ श्रीमती वालिंबे ने सोलर लाइट लगवाने संबंधी आदेश को निरस्त कर दिया और जनपद पंचायत सीईओ की बैठक बुलाकर मनमाने ढंग से सोलर लाइट का पेमेंट करने पर रोक लगा दी थी, लेकिन उनके स्थानांतरण के बाद नए सीईओ के रूप में डॉ. सत्येंद्र सिंह ने प्रभार लिया और ग्राम पंचायतों में धड़ल्ले से सोलर लाइट लगनी शुरू हो गईं। सचिवों पर तबादलों का दबाव बनाकर मनमाने ढंग से पेमेंट करा दिया गया। इस मामले में अतिरिक्त सीईओ श्री खरे कहते हैं कि उन्होंने कोई आदेश जारी नहीं किया था। सामान्य सभा की कार्रवाई उन्हें याद नहीं हैं।
फॉलोअप - छतरपुर में सोलर लाइट खरीदी में गड़बड़ी करने वालों पर कोई कार्रवाई नहीं