पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • ‘माता पिता एवं गुरु की आज्ञा का सदैव पालन करो’

‘माता-पिता एवं गुरु की आज्ञा का सदैव पालन करो’

8 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
भास्कर संवाददाता. दमोह
संसार में माता-पिता और गुरु ही होते हैं जो कि अपने पुत्र व शिष्य के संबंध में कभी गलत नहीं सोचते। इसलिए कहा गया है कि माता-पिता और गुरु की वाणी-बिन विचारे करे सब जानी, अर्थात माता-पिता और गुरु की आज्ञा का सदैव पालन करना चाहिए। यह बात पं. धर्मदास मिश्रा ने तीन गुल्ली चौराहे पर आयोजित श्रीमद् भागवत कथा के छठवें दिन कही।
उन्होंने कहा कि भागवत कथा वह भंडार है। जिसके वाचन व सुनने से वातावरण में शुद्धि तो आती ही है। इसके अलावा मन, मस्तिष्क भी स्वच्छ हो जाता है। श्रीमद् भागवत कथा से आत्मा शुद्ध होती है। इसके अलावा बुरे विचार स्वत:: ही समाप्त हो जाते हैं। कथा के दौरान श्रीकृष्ण-रुक्मिणी विवाह धूमधाम से मनाया गया। रविवार को भंडारे के साथ कथा का समापन होगा।