- Hindi News
- जब जरुरत थी तो जब्त कर लिए वाहन अब भुगतान के लिए लटका रहे हैं
जब जरुरत थी तो जब्त कर लिए वाहन अब भुगतान के लिए लटका रहे हैं
- वाहन प्रभारी ने बिना सत्यापन भेज दिए बिल, भुगतान अटका
भास्कर संवाददाता - टीकमगढ़
विधानसभा चुनाव से पहले जब वाहनों की जरुरत पड़ी तो प्रशासन ने जप्त कर लिए, मगर जब भुगतान करने का समय आया तो अब अटकाना शुरु कर दिया।
नतीजतन चुनाव के दो माह बाद भी अधिग्रहण किए गए वाहनों का भुगतान अब तक नहीं किया गया है। वाहन मालिक अधिकारियों के चक्कर लगाकर परेशान हैं। लेकिन अब अधिकारियों का कहना है कि पहले चुनाव में लगे वाहनों की जांच की जाएगी। इसके बाद भुगतान किया जाएगा। वहीं वाहन चालकों का कहना है कि चुनाव के दौरान प्रशासन ने जबरन वाहनों का अधिग्रहण किया है। उस समय ऐसी कोई शर्त नहीं बताई गई थी।दरअसल विधानसभा चुनाव के लिए करीब 100 यात्री बसों और 200 चार पहिया वाहनों का अधिग्रहण किया गया था।
इसमें व्यवसायिक वाहनों के अलावा निजी वाहनों का भी जबरन अधिग्रहण किया गया। जिला निर्वाचन अधिकारी के निर्देश पर परिवहन अधिकारी निर्मल कुमरावत और फूड इंस्पैक्टर बीपी शर्मा को इसका प्रभार सौंपा गया। उन्होंने नोटिस जारी कर वाहनों का अधिग्रहण किया गया। उस समय वाहन चालकों को बताया गया कि चुनाव के बाद किराया दिया जाएगा। लेकिन चुनाव संपन्न हो जाने के दो माह बाद भी वाहनों का भुगतान नहीं किया गया है। इस बीच वाहन चालक कई बार संबंधित अधिकारियों के चक्कर काट चुके हैं। लेकिन अब अधिकारी जांच का बहाना बनाकर किराया भुगतान करने से मना कर रहे हैं।
इस मामले में वाहनों के प्रभारी अधिकारी और निर्वाचन कार्यालय के बीच सत्यापन को लेकर खींचतान मची है। दोनों विभाग एक दूसरे पर बिल सत्यापन करने का मामला टाल रहे हैं।
निर्वाचन कार्यालय से होगा भुगतान
॥इस संबंध में फूड इंस्पैक्टर बीपी शर्मा का कहना है कि वाहनों के बिल बनाकर निर्वाचन कार्यालय भेज दिए गए हैं। भुगतान की जिम्मेदारी निर्वाचन कार्यालय की है। उन्होंने बताया कि करीब 15 दिन पहले बिल भेज दिए गए थे। अब जानकारी नहीं है कि बिलों के भुगतान किए गए या नहीं। वहीं सहायक निर्वाचन अधिकारी एडीएम शिवपाल सिंह का कहना है कि वाहन प्रभारी आरटीओ और फूड इंस्पैक्टर को बनाया गया था। उन्होंने बिलों का सत्यापन किए बिना ही प्रषित किए हैं। ऐसे में सत्यापित करने की जिम्मेदारी उनकी है। जल्द ही बिलों का सत्यापन करवाकर भुगतान किया जाएगा।