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पालकियों में निकले तीर्थंकर

7 वर्ष पहले
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निज संवाददाता - खुरई
मालथौन में आर्यिकाश्री प्रभावनामति माता के ससंघ सानिध्य में चल रहे श्री सिद्धचक्र महामंडल विधान का समापन तीर्थंकर भगवान की त्रयरथ शोभायात्रा के साथ हुआ। शोभायात्रा में गजरथ, वृषभ रथ, अश्व रथ पर तीर्थंंकर विराजमान थे और चौबीस तीर्थंकरों की प्रतिमाओं को पालकियों में विराजमान कर श्रद्धालु चल रहे थे।
शहर भ्रमण के बाद मेला स्थल पर शोभायात्रा का समापन हुआ। उसके बाद श्रद्धालुओं ने श्रीजी की प्रतिमाओं को विधि-विधान के अनुसार मंदिरजी में विराजमान किया। शोभायात्रा में आगे आर्यिका प्रभावनामति माता, भावनामति माता, सदयमति माता एवं भक्तिमति माता चल रहीं थी जिनका श्रद्धालुओं ने जगह-जगह आरती कर पाद प्रक्षालन कराए। ब्र. योगेश, सनत, रागिनी दीदी, रवि दीदी, पं. अभिषेक ‘‘प्रियज‘‘, आशीष ‘तरुण‘ सगरा वाले दमोह के निर्देशन में पालकी जी की नगर परिक्रमा हुई। सौधर्म इंद्र जिनेंद्र कुमार जैन एवं उनका परिवार हाथी पर सवार था एवं बग्गियों में श्रद्धालु सवार होकर चल रहे थे।
यश की चाह में कोई काम न करें : आर्यिका श्री
आर्यिका भावनामति माता ने प्रवचनों में कहा कि जो भी धार्मिक आयोजन किए जाते हैं उनका मूल उद्देश्य विश्व शांति एवं मैत्री भाव के साथ ही व्यसन मुक्त जीवन जीने की कला सिखाना होता है। सच्चे अर्थों में हवन करना तब ही सार्थक हो सकता है जब की हम राग-द्वेष की हवन में आहुति दें। आर्यिका प्रभावना मति माता ने कहा कि हम जो भी अच्छा या बुरा कार्य करते हैं उसके परिणाम हमें आज नहीं तो कल भोगना पड़ते हैं इसलिए हमें जीवन भर हमेशा सत कर्म करते रहना चाहिए।
शाहपुर में भागवत कथा कल से
शाहपुर - सिद्धधाम सीहोरा पहाड़ी शारदा मंदिर में 29 जनवरी से गणेश महायज्ञ और संगीतमय श्रीमद् भागवत कथा होगी। कथाचार्य आशीष तिवारी महाराज होंगे। कथा रोजाना दोपहर दो से शाम पांच बजे तक होगी।