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दमोह जिले के अस्पतालों से स्टॉफ ही गायब मिला

7 वर्ष पहले
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भास्कर संवाददाता। दमोह
जिले की स्वास्थ्य सेवाएं बदहाल होती जा रही हैं। पहले से ही अस्पतालों में डॉक्टरों की कमी है। ऊपर से जो डॉक्टर पदस्थ हैं, वे अपने कर्तव्य के प्रति घोर लापरवाही करने में लगे हैं। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों से पूरा का पूरा स्टाफ ही गायब मिल रहा है। लगातार निरीक्षण और शोकाज नोटिस के बाद भी डॉक्टर से लेकर कर्मचारी अपनी ड्यूटी के प्रति गंभीर नहीं है। अस्पतालों में डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों के नहीं पहुंचने से मरीजों को स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ भी नहीं मिल पा रहा है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पटेरा एवं हिंडोरिया में औचक निरीक्षण के दौरान अनुपस्थित मिले ६६ डॉक्टरों सहित कर्मचारियों को शोकाज नोटिस जारी किए गए हैं।
सीएमएचओ डॉ. ओपी गौतम ने सिविल अस्पताल हटा तथा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पटेरा एवं हिंडोरिया का औचक निरीक्षण किया था। निरीक्षण के दौरान सिविल अस्पताल हटा के २ डॉक्टर्स सहित १० स्वास्थ्य कर्मचारी, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पटेरा के ७ डॉक्टर्स सहित २७ स्वास्थ्य कर्मचारियों तथा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र हिंडोरिया के ८ डॉक्टर्स सहित २९ स्वास्थ्य कर्मचारी बिना किसी पूर्व सूचना के अपने कत्र्तव्य स्थल पर अनुपस्थित पाए गए। सीएमएचओ ने सिविल अस्पताल हटा सहित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पटेरा एवं हिंडोरिया के अनुपस्थित डॉक्टर्स से समयावधि में नोटिस का प्रति उत्तर प्रस्तुत करने को कहा है एवं सिविल अस्पताल हटा सहित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पटेरा एवं हिंडोरिया में अनुपस्थित पाए गए। डॉक्टर्स एवं कर्मचारियों का डाईज-नॉन की कार्यवाही की गई है।
ये डॉक्टर और स्वास्थ्यकर्मी मिले नदारद
सीएमएचओ ने बताया कि सिविल अस्पताल हटा में पदस्थ एमओ डॉ. विशाल शुक्ला, एएमओ डॉ. प्रीति विदौल्या, लेखापाल आरसीएच मुकेश अहिरवाल, कुक सुदामा सोनी, स्टाफ नर्स एस बानो, एएनएम लक्ष्मी गुप्ता, फार्मासिस्ट गजेंद्र बंसोड़, वार्डवाय हंसराज सोनी, फार्मासिस्ट आरके गोस्वामी एवं एएनएम विनी लाल अनुपस्थित मिले। इस दौरान सीएमएचओ ने उपस्थिति पंजी का भी निरीक्षण किया। रजिस्टर निरीक्षण में जीवनलाल अहिरवाल के एक दिवस पूर्व के उपस्थिति पंजी में हस्ताक्षर पाए गए एवं सपना बाल्मीकि वार्ड आया के उपस्थिति पंजी में २३ एवं २४ जनवरी के हस्ताक्षर नहीं पाए गए, जिस कारण से उन्हें उक्त दिवसों में अनुपस्थित मानते हुए दो दिवसों की डाइज नान की कार्यवाही की गई। सीएमएचओ ने बताया कि इन सभी से समयावधि में जवाब मांगा गया है। जवाब प्रस्तुत नहीं करने पर इन सबके विरुद्ध एकपक्षीय दंडात्मक कार्यवाही की जाएगी।
पटेरा में नहीं सुधर रहे हालात
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पटेरा में स्वास्थ्य सेवाएं सुधरने का नाम नहीं ले रही हैं। पूर्व के निरीक्षण में नदारद मिले डॉक्टर और स्वास्थ्यकर्मी फिर से अनुपस्थित पाए गए हैं। यहां पदस्थ बीएमओ डॉ. डीके राय, एमओ डॉ. प्रशांत सोनी, एमओ डॉ. मुकेश अहिरवाल, एमओ डॉ. मनीष पालीवाल, एमओ डॉ.सुशील सागर, एमओ डॉ. भावना जैन, एमओ डॉ. विनीता कुशवाहा, एनके सोनी, अनिल कटारया, ममता गुप्ता, अनूप रोहित, रानी प्रसाद, रमाकांत प्रजापति, सत्यम नेमा, लक्ष्मी कुर्मी, फार्मासिस्ट देवेंद्र तिवारी, फार्मासिस्ट अभिषेक नेमा, नीतिका खरे, अमित अहिरवाल, विकास साहू, अमृता राय, पुरूषोत्तम पटेल, संतोष रोहित, झल्लन प्रसाद, रामगोपाल अहिरवाल, कमोद अहिरवाल तथा फार्मासिस्ट आकांक्षा अग्रवाल अनुपस्थित मिले। इन सभी को शोकॉज नोटिस जारी किए गए है। इनसे तीन दिन के भीतर जबाव मांगा गया है।
हिंडोरिया के स्टॉफ से जवाब मांगा
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र हिंडोरिया में भले ही अस्पताल भवन भव्य और सुंदर बना है, लेकिन यहां की स्वास्थ्य सेवाओं के भी बुरे हाल हैं। हिंडोरिया में पदस्थ सीबीएमओ डॉ. संजीव गुप्ता, वरिष्ठ एमओ डॉ. बीपी अहिरवाल, एमओ डॉ. एसके तिवारी, एमओ डॉ. अमन श्रीवास्तव, एमओ डॉ. अखिलेश पटेल, एमओ डॉ. शरद अठ्या, एमओ डॉ. सरिता पटेल, एमओ डॉ. नेहा गौतम, आरसीएच लेखापाल राखी राय, कम्प्यूटर आपरेटर रंजीत ठाकुर, नेत्र सहायक प्रशांत रोहित, स्टाफ नर्स रेशमा बी, स्टाफ नर्स प्रीति रावंडे, फार्मासिस्ट प्रकाश त्रिपाठी, फार्मासिस्ट अमित तिवारी, फार्मासिस्ट चेतन आनंद चक्रवर्ती, फार्मासिस्ट विकास ताम्रकार, पूना साहू, सुषमा परिहार, एचके कौरव, अमित जैन, प्रमेश जड़िया, हेमंत शुक्ला, कमला जैन, शकीला कुरैशी, आशावती साकेत, शैलेंद्र उइके, ब्रम्हदेव शर्मा एवं हीरालाल नामदेव बिना किसी पूर्व सूचना के अपने कत्र्तव्य स्थल पर अनुपस्थित पाए गए। इन सभी को शोकॉज नोटिस जारी कर जबाव मांगा गया है। सीएमएचओ डॉ. ओपी गौतम ने बताया कि इन सभी से समयावधि के अंदर जबाव मांगा गया है। जवाब प्रस्तुत नहीं करने पर इन सबके विरुद्ध एकपक्षीय दंडात्मक कार्यवाही की जाएगी।
ऐसे में कैसे सुधरेंगे हालात ?
जिले के सामुदायिक व प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में १२६ डाक्टरों के पद स्वीकृत हैं जिनमें मात्र ४३ ही पदस्थ हैं। जबकि जिला अस्पताल ५८ पद डॉक्टरों के लिए स्वीकृत हैं, इनमें मात्र २८ पद ही भरे हैं जबकि 30 पद अब भी रिक्त पड़े हुए हैं। इस स्थिति के बाद भी लोगों को जिले में उपलब्ध डॉक्टर और स्वास्थ्य कर्मचारियों की सेवाएं नहीं मिल रही हंै। जाहिर है ऐसे में जिले की सेहत कैसे सुधरेगी।



पटेरा में नहीं सुधर रहे हालात

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पटेरा में स्वास्थ्य सेवाएं सुधरने का नाम नहीं ले रही हैं। पूर्व के निरीक्षण में नदारद मिले डॉक्टर और स्वास्थ्यकर्मी फिर से अनुपस्थित पाए गए हैं। यहां पदस्थ बीएमओ डॉ. डीके राय, एमओ डॉ. प्रशांत सोनी, एमओ डॉ. मुकेश अहिरवाल, एमओ डॉ. मनीष पालीवाल, एमओ डॉ.सुशील सागर, एमओ डॉ. भावना जैन, एमओ डॉ. विनीता कुशवाहा, एनके सोनी, अनिल कटारया, ममता गुप्ता, अनूप रोहित, रानी प्रसाद, रमाकांत प्रजापति, सत्यम नेमा, लक्ष्मी कुर्मी, फार्मासिस्ट देवेंद्र तिवारी, फार्मासिस्ट अभिषेक नेमा, नीतिका खरे, अमित अहिरवाल, विकास साहू, अमृता राय, पुरूषोत्तम पटेल, संतोष रोहित, झल्लन प्रसाद, रामगोपाल अहिरवाल, कमोद अहिरवाल तथा फार्मासिस्ट आकांक्षा अग्रवाल अनुपस्थित मिले। इन सभी को शोकॉज नोटिस जारी किए गए है। इनसे तीन दिन के भीतर जबाव मांगा गया है।



ये डॉक्टर और स्वास्थ्यकर्मी मिले नदारद

सीएमएचओ ने बताया कि सिविल अस्पताल हटा में पदस्थ एमओ डॉ. विशाल शुक्ला, एएमओ डॉ. प्रीति विदौल्या, लेखापाल आरसीएच मुकेश अहिरवाल, कुक सुदामा सोनी, स्टाफ नर्स एस बानो, एएनएम लक्ष्मी गुप्ता, फार्मासिस्ट गजेंद्र बंसोड़, वार्डवाय हंसराज सोनी, फार्मासिस्ट आरके गोस्वामी एवं एएनएम विनी लाल अनुपस्थित मिले। इस दौरान सीएमएचओ ने उपस्थिति पंजी का भी निरीक्षण किया। रजिस्टर निरीक्षण में जीवनलाल अहिरवाल के एक दिवस पूर्व के उपस्थिति पंजी में हस्ताक्षर पाए गए एवं सपना बाल्मीकि वार्ड आया के उपस्थिति पंजी में २३ एवं २४ जनवरी के हस्ताक्षर नहीं पाए गए, जिस कारण से उन्हें उक्त दिवसों में अनुपस्थित मानते हुए दो दिवसों की डाइज नान की कार्यवाही की गई। सीएमएचओ ने बताया कि इन सभी से समयावधि में जवाब मांगा गया है। जवाब प्रस्तुत नहीं करने पर इन सबके विरुद्ध एकपक्षीय दंडात्मक कार्यवाही की जाएगी।



हिंडोरिया के स्टॉफ से जवाब मांगा

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र हिंडोरिया में भले ही अस्पताल भवन भव्य और सुंदर बना है, लेकिन यहां की स्वास्थ्य सेवाओं के भी बुरे हाल हैं। हिंडोरिया में पदस्थ सीबीएमओ डॉ. संजीव गुप्ता, वरिष्ठ एमओ डॉ. बीपी अहिरवाल, एमओ डॉ. एसके तिवारी, एमओ डॉ. अमन श्रीवास्तव, एमओ डॉ. अखिलेश पटेल, एमओ डॉ. शरद अठ्या, एमओ डॉ. सरिता पटेल, एमओ डॉ. नेहा गौतम, आरसीएच लेखापाल राखी राय, कम्प्यूटर आपरेटर रंजीत ठाकुर, नेत्र सहायक प्रशांत रोहित, स्टाफ नर्स रेशमा बी, स्टाफ नर्स प्रीति रावंडे, फार्मासिस्ट प्रकाश त्रिपाठी, फार्मासिस्ट अमित तिवारी, फार्मासिस्ट चेतन आनंद चक्रवर्ती, फार्मासिस्ट विकास ताम्रकार, पूना साहू, सुषमा परिहार, एचके कौरव, अमित जैन, प्रमेश जड़िया, हेमंत शुक्ला, कमला जैन, शकीला कुरैशी, आशावती साकेत, शैलेंद्र उइके, ब्रम्हदेव शर्मा एवं हीरालाल नामदेव बिना किसी पूर्व सूचना के अपने कत्र्तव्य स्थल पर अनुपस्थित पाए गए। इन सभी को शोकॉज नोटिस जारी कर जबाव मांगा गया है। सीएमएचओ डॉ. ओपी गौतम ने बताया कि इन सभी से समयावधि के अंदर जबाव मांगा गया है। जवाब प्रस्तुत नहीं करने पर इन सबके विरुद्ध एकपक्षीय दंडात्मक कार्यवाही की जाएगी।

ऐसे में कैसे सुधरेंगे हालात ?

जिले के सामुदायिक व प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में १२६ डाक्टरों के पद स्वीकृत हैं जिनमें मात्र ४३ ही पदस्थ हैं। जबकि जिला अस्पताल ५८ पद डॉक्टरों के लिए स्वीकृत हैं, इनमें मात्र २८ पद ही भरे हैं जबकि 30 पद अब भी रिक्त पड़े हुए हैं। इस स्थिति के बाद भी लोगों को जिले में उपलब्ध डॉक्टर और स्वास्थ्य कर्मचारियों की सेवाएं नहीं मिल रही हंै। जाहिर है ऐसे में जिले की सेहत कैसे सुधरेगी।