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- खुरई की नई कृषि उपज मंडी में जल्द लगेगा कलर शॉर्टेज प्लांट
खुरई की नई कृषि उपज मंडी में जल्द लगेगा कलर शॉर्टेज प्लांट
हेमंत जैन - खुरई
पठारी रोड स्थित नई कृषि उपज मंडी में छह करोड़ की लागत से कलर शॉर्टेज प्लांट लगाया जाएगा। प्लांट लगने से मंडी में व्यापारी अनाज की एक्सपोर्ट क्वालिटी तैयार करेंगे जो ऊंचे दामों पर महानगरों में भेजी जाएगी। प्लांट लगाने का मकसद क्षेत्र में बेस्ट क्वालिटी के शरबती गेहूं एवं चने की उपज होने के कारण किया जा रहा है। मंडी बोर्ड के डिप्टी सेक्रेटरी रोहणी प्रसाद चक्रवर्ती ने बताया कि कलर शार्टेज प्लांट का प्रोजेक्ट बन चुका है। मंडी भी तैयार है, बस, मशीन लगना बाकी है। उन्होंने बताया शुरुआत में चना, गेहूं की कलर के आधार पर छंटाई होगी फिर उसे श्रेणीवार पैक किया जाएगा।
कचरा, मिट्टी तत्काल छंट जाएगा
डिप्टी सेक्रेटरी चक्रवर्ती के अनुसार प्लांट में डबलिंग की सुविधा है। जैसे एक बार अनाज डालने के बाद उसमें कुछ दाने दूसरे रंग के छूट जाते हैं तो प्लांट में दोबारा अनाज डल जाएगा। जब तक दानों में अलग रंग के दाने अलग नहीं हो जाते हैं मशीन परिणाम नहीं देगी। मल्टीकलर मशीन होने से कचरा, मिट्टी अन्य उपज तत्काल छंट जाएगी। यह प्लांट अत्याधुनिक कम्प्यूटराइजड है। इसमें हर व्यापारी सूची के अनुसार अपना अनाज साफ कर सकेगा फिर उसे पैक कर ब्रांड के नाम से एक्सपोर्ट किया जाएगा।
पैकिंग भी होगी ऑटोमैटिक
डिप्टी सेक्रेटरी चक्रवर्ती ने बताया कि अनाज को ग्रेडिंग एवं कलर के आधार पर तीन प्रकार से छांटा जा सकेगा। जैसे पहले गेहूं मशीन में डाला जाएगा जिसका कचरा कंप्रेशर के माध्यम से साफ होगा। उसके बाद ग्रेविटी सिस्टम में वजन के आधार पर गेहूं की छंटाई होगी जिससे अच्छा बोल्ड दाना एक ओर एकत्र हो जाएगा। इस ग्रेडिंग प्रोसेस में गेहूं छंट जाएगा फिर बोल्ड दाना कलर शॉर्टेज में चला जाएगा जिसमें मशीन में सेट बेस्ट कलर के हिसाब से दानों की छंटाई होगी। इसके बाद मशीन क्वलिटी के आधार पर छांटे गए गेहूं की पैकिंग कर देगी।
दामों में दोगुने से ज्यादा का अंतर आएगा
एक्सपोर्ट क्वालिटी के गेहूं, चने में दामों में दोगुने से ज्यादा का अंतर आ जाएगा। जैसे 1500 रुपए का गेहूं महानगरों में 3300 रुपए प्रति क्विंंटल के हिसाब से बिक सकेगा। दूसरी क्वाालिटी के दाम भी करीब 2500 और तीसरी के दाम 1500 रुपए तक हो सकते हैं।
लीज पर चलेगा प्लांट
डिप्टी सेक्रेटरी चक्रवर्ती ने बताया कि कलर शार्टेज मशीन प्लांट तीन माह के भीतर लग जाएगी जिसे मंडी लीज पर लाइसेंस धारी व्यापारी को देगी जो इसका संचालन करेगा। लीज 20 से 30 साल की होगी जिसका निर्धारण मंडी समिति करेगी। लीजधारी व्यापारी हर साल मंडी को निर्धारित राशि जमा करेगा और वह अन्य व्यापारियों से सर्विस चार्ज लेगा। अनुमानत: एक क्विंटल गेहूं की सफाई, ग्रेडिंग में करीब 35 से 40 रुपए का खर्च आएगा जो ग्रेडिंग कराने वाले व्यापारी को देना होगा। इसमें बिजली का बिल, मजदूरों की मजदूरी शामिल होगी।
दामों में दोगुने से ज्यादा का अंतर आएगा
एक्सपोर्ट क्वालिटी के गेहूं, चने में दामों में दोगुने से ज्यादा का अंतर आ जाएगा। जैसे 1500 रुपए का गेहूं महानगरों में 3300 रुपए प्रति क्विंंटल के हिसाब से बिक सकेगा। दूसरी क्वाालिटी के दाम भी करीब 2500 और तीसरी के दाम 1500 रुपए तक हो सकते हैं।
लीज पर चलेगा प्लांट
डिप्टी सेक्रेटरी चक्रवर्ती ने बताया कि कलर शार्टेज मशीन प्लांट तीन माह के भीतर लग जाएगी जिसे मंडी लीज पर लाइसेंस धारी व्यापारी को देगी जो इसका संचालन करेगा। लीज 20 से 30 साल की होगी जिसका निर्धारण मंडी समिति करेगी। लीजधारी व्यापारी हर साल मंडी को निर्धारित राशि जमा करेगा और वह अन्य व्यापारियों से सर्विस चार्ज लेगा। अनुमानत: एक क्विंटल गेहूं की सफाई, ग्रेडिंग में करीब 35 से 40 रुपए का खर्च आएगा जो ग्रेडिंग कराने वाले व्यापारी को देना होगा। इसमें बिजली का बिल, मजदूरों की मजदूरी शामिल होगी।
पैकिंग भी होगी ऑटोमैटिक
डिप्टी सेक्रेटरी चक्रवर्ती ने बताया कि अनाज को ग्रेडिंग एवं कलर के आधार पर तीन प्रकार से छांटा जा सकेगा। जैसे पहले गेहूं मशीन में डाला जाएगा जिसका कचरा कंप्रेशर के माध्यम से साफ होगा। उसके बाद ग्रेविटी सिस्टम में वजन के आधार पर गेहूं की छंटाई होगी जिससे अच्छा बोल्ड दाना एक ओर एकत्र हो जाएगा। इस ग्रेडिंग प्रोसेस में गेहूं छंट जाएगा फिर बोल्ड दाना कलर शॉर्टेज में चला जाएगा जिसमें मशीन में सेट बेस्ट कलर के हिसाब से दानों की छंटाई होगी। इसके बाद मशीन क्वलिटी के आधार पर छांटे गए गेहूं की पैकिंग कर देगी।
अच्छी खबर - अनाज की एक्सपोर्ट क्वालिटी तैयार करने में खर्च होंगे छह करोड़