किसान पर दबाव डालकर कराए हस्ताक्षर
भास्कर संवाददाता - टीकमगढ़
कपिलधारा कूप निर्माण योजना में कार्रवाई से बचने के लिए संबंधित अधिकारी किसानों से जबरन काम पूरा होने का दबाव डाल रहे हैं। जिन हितग्राहियों ने अधूरे निर्माण की शिकायतें दर्ज कराई हैं। उनसे समझौता कागज पर हस्ताक्षर करवाए जा रहे हैं। पृथ्वीपुर ब्लॉक के दर्रेठा पंचायत का ऐसा ही एक मामला सामने आया है। पंचायत सचिव और सब इंजीनियर ने हितग्राही से यह लिखवा लिया है कि उसके कुएं का निर्माण निश्चित समयसीमा में किया जा रहा है। जबकि हकीकत में किसान का कुआं अधूरा पड़ा है।
दरअसल दैनिक भास्कर ने 30 दिसंबर के अंक में कपिल धारा कूप निर्माण योजना में चल रही धांधली की खबर प्रकाशित की थी। इसमें दर्रेठा गांव के कृष्णकुमार चतुर्वेदी ने बताया था कि उनके पिता लखनलाल चतुर्वेदी ने कुआं स्वीकृत कराया था। पंचायत द्वारा कुआं का निर्माण शुरू किया गया। लेकिन बीच में ही काम बंद कर दिया गया। दोबारा काम शुरू कराने के लिए उनके पिता ने सरपंच सचिव के कई चक्कर काटे। इस बीच वे बीमारी का शिकार हो गए और उनका निधन हो गया। उनके जिंदा रहते कुएं का निर्माण पूरा नहीं हो सका।
खबर प्रकाशित होने के बाद संभागीय कमिश्नर आरके माथुर ने मामले की जांच करने के निर्देश जारी किए। कलेक्टर सुदाम खाड़े ने टीम गठित कर निरीक्षण कराया। जिसमें मामले की सच्चाई उजागर हुई। लेकिन कार्रवाई से बचने के लिए पृथ्वीपुर जनपद कार्यालय के कर्मचारी हितग्राही कृष्णकुमार चतुर्वेदी के पास पहुंचे। श्री चतुर्वेदी ने बताया कि अधिकारियों ने घर आकर यह लिखकर देने को कहा कि कुएं का निर्माण निश्चित समयसीमा में चल रहा है। और उनके पिता की मौत का कारण बीमारी है। उन्होंने बताया कि अधिकारियों ने कुएं का निर्माण 15 दिन में पूरा कराने का आश्वासन दिया। 3 दिन कुएं का काम शुरू किया गया। लेकिन अब फिर से बंद कर दिया गया है।
पत्थर निकलने से रोका काम
इस मामले में पंचायत सचिव हरिओम निरंजन का कहना है कि कुएं की खुदाई में शुरू से ही पत्थर निकल रहा है। नियम अनुसार हार्डवर्क होने पर 7 मीटर खुदाई के बाद बंधाई शुरू की जाती है। इसके बाद 5 मीटर तक कुईया बनाई जाती है। वर्तमान में कुएं में करीब 5 फिट पानी भरा है। ऐसे में बंधाई करने में समस्या हो रही है। इसके अलावा हितग्राही 12 मीटर खुदाई करने के बाद बंधाई करने की बात कह रहे हैं। पत्थर निकलने के कारण आगे खुदाई नहीं की सकती। इसलिए कुएं का निर्माण बंद कर दिया गया है। अब अधिकारियों के निर्देश पर आगे कुएं का निर्माण शुरू किया जाएगा।
दो साल में धराशायी हुआ कुआं
मोहनगढ़ तहसील क्षेत्र के मालपीथा गांव में किसान सरजू पिता लखन आदिवासी का कपिलधारा कूप निर्माण योजना के तहत कुआं बनाया गया। लेकिन पक्के निर्माण के दो साल के भीतर ही कुआं पूरी तरह से धराशायी हो गया है। पीडि़त किसान ने मामले की शिकायत मंगलवार को जनसुनवाई में की है। उन्होंने बताया कि 8 और 16 जनवरी को भी मामले की शिकायत दर्ज कराई थी। लेकिन अब तक कुएं का निरीक्षण नहीं कराया गया है।
उन्होंने बताया कि जगतनगर के मोहन अहिरवार ने ठेके पर कुएं का पक्का निर्माण किया था। लेकिन घटिया निर्माण के कारण कुआं धसक गया। अचानक कुआं धसकने से डीजल पंप भी कुएं में गिर गया। किसान का कहना है कि कुएं से 2.5 एकड़ जमीन की सिंचाई होती थी। अब सिंचाई के लिए परेशान होना पड़ रहा है। मंगलवार को कलेक्टर के नाम सौंपे ज्ञापन में पीडि़त किसान ने कपिलधारा कूप निर्माण की जांच करने की मांग की है।