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प्रमाण-पत्र बनवाने के लिए परेशान हो रहे हैं विकलांग

7 वर्ष पहले
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भास्कर संवाददाता। दमोह
जिले में विकलांग हितग्राहियों को विकलांग प्रमाण-पत्र देने के लिए जिला अस्पताल परिसर में २७ से ३१ जनवरी तक नि:शुल्क विकलांग शिविर लगाया जा रहा है।
आदिम जाति कल्याण विभाग द्वारा लगाए गए इस शिविर में जिला मेडीकल बोर्ड द्वारा विकलांगों की जांच कर उन्हें नि:शुल्क प्रमाण-पत्र वितरित किए जा रहे हैं। शिविर में अभी
तक कुल ९१ हितग्राहियों की जांच की जा चुकी है। गुरूवार को शिविर में ११ मानसिक, २२ अस्थि बाधित, ५ दृष्टि बाधित एवं ८ ईएनटी के प्रमाण-पत्र बनाए गए।




नहीं किया समुचित प्रचार-प्रसार

राष्ट्रीय विकलांग पार्टी के जिलाध्यक्ष हेमंत रजक ने बताया कि शासन द्वारा विकलांग शिविर तो लगाया गया हैलेकिन इसका पर्याप्त-प्रसार न होने के कारण अधिकांश हितग्राहियों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने कहा कि जो हितग्राही शिविर में आते हैं उन्हें मेडीकल बोर्डके डॉक्टरों की लेटलतीफी के चलते परेशानियों झेलना पड़ रही हैं। डॉक्टर १२ बजे के बाद ही बैठते हैं जिससे ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले विकलांगों को शाम होने के बाद अपने गांव तक पहुंचने कोई वाहन नहीं मिलता। उन्होंने बताया कि जिले में १३१ मानसिक विकलांग हैं जिनमें से अभी तक महज २० विकलांगों के ही प्रमाण-पत्र बनाए गए हैं।

पहले ९० था अब बना दिया ३० प्रतिशत

विकलांग शिविर में आई दमोह निवासी अनीता सेन ने बताया कि उनका पूर्व में ९० प्रतिशत का विकलांग सर्टिफिकेट बना था लेकिन यहां पर उनका ३० प्रतिशत का सर्टिफिकेट बना दिया गया जिससे अब उन्हें न तो विकलांग पेंशन मिलेगी और न ही शासकीय योजनाओं का लाभ। इसी प्रकार पथरिया निवासी पन्नलाल गौंड, पठानी मोहल्ला जेनुबा खान का भी ३५ प्रतिशत का सर्टिफिकेट बनाया गया है जबकि पूर्व में उनका ७० प्रतिशत था।

दमोह। जिला अस्पताल में प्रमाण पत्र बनवाने पहुंचे स्कूली बच्चे।