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शिशु मृत्युदर, मातृ मृत्युदर कम कर कुपोषण को जड़ से मिटाएं : कलेक्टर

7 वर्ष पहले
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भास्कर संवाददाता। दमोह
लोक स्वास्थ्य एवं महिला व बाल विकास विभाग की विभागीय गतिविधियों एवं वार्षिक लक्ष्यों की पूर्ति के लिए प्रगति की समीक्षा के लिए गुरुवार को कलेक्टोरेट के सभाकक्ष में एक संयुक्त बैठक हुई। बैठक में कलेक्टर स्वतंत्र कुमार सिंह ने इन दोनों विभागों के फील्ड अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि वे अपने विभागीय दायित्वों को कत्र्तव्य समझकर नहीं सेवाभावी होकर निष्पादित करें। गरीबों और जरूरतमंदों को सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का अधिकतम लाभ दिलाएं। फील्ड अधिकारी अपनी-अपनी विभागीय योजनाओं की सेवा सुविधा प्रदाय प्रणाली में और बेहतरी लाकर अधिकतम लोगों तक शासन की योजनाओं का लाभ पहुंचाएं। उन्होंने कहा कि विभागीय योजनाओं की समीक्षा अधिकारी के परफारमेंस के आधार पर की जाएगी। स्वास्थ्य एवं महिला बाल विकास के बीएमओ एवं सीडीपीओ दोनों मिलकर अपने-अपने ब्लॉक परियोजना क्षेत्र में विभागीय योजनाओं के क्रियान्वयन में और तेजी लाएं और अपने परफारमेंस को बेहतर बनाएं।
बैठक में सीईओ जिला पंचायत डॉ.जगदीश जटिया, सीएमएचओ डॉ. ओपी गौतम, जिला कार्यक्रम अधिकारी चंद्रावती गुप्ता, जिला महिला सशक्तिकरण अधिकारी सुशीला कुसराम परस्ते के अलावा जिले के सभी विकासखंड चिकित्सा अधिकारी, सभी सीडीपीओ, जिले की सभी १८ आंगनवाड़ी सेक्टर सुपरवाइजर्स व स्वास्थ्य विभाग द्वारा संचालित सभी राष्ट्रीय कार्यक्रमों के प्रभारी अधिकारी भी मौजूद थे।
मुख्यालय में रहें डॉक्टर
बैठक में सीएमएचओ द्वारा कतिपय मेडिकल ऑफिसर्स बीएमओ द्वारा मुख्यालय में निवास नहीं करने की जानकारी देने पर कलेक्टर श्री सिंह ने सभी डॉक्टर्स एवं पैरामेडिकल स्टाफ को निर्देशित किया है कि वे हरहाल अपने पदस्थापना मुख्यालय पर ही निवास करें और पूरी क्षमता और निष्ठा से अपने दायित्वों का निर्वहन करें। उन्होंने कहा कि प्रत्येक डॉक्टर सुबह ८ से दोपहर एक बजे तक तथा शाम ५ से ६ बजे तक अनिवार्यत: ओपीडी में बैठे। ओपीडी टाइम में प्राइवेट प्रैक्टिस करना अपने प्रोफेशनल मॉरल्स के साथ धोखा करना है, एक अपराध है। अपने कार्य में रूचि न लेने वाली आशा कार्यकर्ताओं को टर्मीनेट करने की कलेक्टर श्री सिंह द्वारा हिदायत देने पर सीएमएचओ ने बताया कि जिले में चिन्हित की गई ऐसी ८२ निष्क्रिय आशा कार्यकत्र्ताओं को पदमुक्तकर दिया गया है और उनके स्थान पर नई आशा कार्यकत्र्ताओं की भर्ती की प्रक्रिया प्रारंभ हो गई है।
सुपोषण अभियान का हो कारगर तरीके से क्रियान्वयन
महिला एवं बाल विकास विभाग की समीक्षा में कलेक्टर श्री सिंह ने मैदानी क्षेत्रों में काम करने वाली एएनएम, आशा एवं आंगनवाड़ी कार्यकत्र्ताओं से कहा है कि स्वास्थ्य एवं महिला व बाल विकास विभाग के सभी अधिकारी एवं फील्ड स्टाफ यह प्रण करें कि जिले का कोई भी बच्चा कुपोषित न रहे। बैठक में कलेक्टर ने कहा कि सभी शासकीय सेवकों की सीआर उनके सालाना परफारमेंस के आधार पर की जाए। अच्छा काम करने वाले फील्ड स्टाफ विशेष कर महिला फील्ड वकर्स को सम्मानित किया जाएगा।



मुख्यालय में रहें डॉक्टर

बैठक में सीएमएचओ द्वारा कतिपय मेडिकल ऑफिसर्स बीएमओ द्वारा मुख्यालय में निवास नहीं करने की जानकारी देने पर कलेक्टर श्री सिंह ने सभी डॉक्टर्स एवं पैरामेडिकल स्टाफ को निर्देशित किया है कि वे हरहाल अपने पदस्थापना मुख्यालय पर ही निवास करें और पूरी क्षमता और निष्ठा से अपने दायित्वों का निर्वहन करें। उन्होंने कहा कि प्रत्येक डॉक्टर सुबह ८ से दोपहर एक बजे तक तथा शाम ५ से ६ बजे तक अनिवार्यत: ओपीडी में बैठे। ओपीडी टाइम में प्राइवेट प्रैक्टिस करना अपने प्रोफेशनल मॉरल्स के साथ धोखा करना है, एक अपराध है। अपने कार्य में रूचि न लेने वाली आशा कार्यकर्ताओं को टर्मीनेट करने की कलेक्टर श्री सिंह द्वारा हिदायत देने पर सीएमएचओ ने बताया कि जिले में चिन्हित की गई ऐसी ८२ निष्क्रिय आशा कार्यकत्र्ताओं को पदमुक्तकर दिया गया है और उनके स्थान पर नई आशा कार्यकत्र्ताओं की भर्ती की प्रक्रिया प्रारंभ हो गई है।

सुपोषण अभियान का हो कारगर तरीके से क्रियान्वयन

महिला एवं बाल विकास विभाग की समीक्षा में कलेक्टर श्री सिंह ने मैदानी क्षेत्रों में काम करने वाली एएनएम, आशा एवं आंगनवाड़ी कार्यकत्र्ताओं से कहा है कि स्वास्थ्य एवं महिला व बाल विकास विभाग के सभी अधिकारी एवं फील्ड स्टाफ यह प्रण करें कि जिले का कोई भी बच्चा कुपोषित न रहे। बैठक में कलेक्टर ने कहा कि सभी शासकीय सेवकों की सीआर उनके सालाना परफारमेंस के आधार पर की जाए। अच्छा काम करने वाले फील्ड स्टाफ विशेष कर महिला फील्ड वकर्स को सम्मानित किया जाएगा।