नशा करने वालों का होगा इलाज
नगर संवाददाता - इटारसी
इंजेक्शन के माध्यम से कोकीन, मोर्फिन, दर्द निवारक केमिकल्स से नशा करने वालों को नशामुक्त करने का इलाज दिया जाएगा। मंगलवार को डॉ. श्यामाप्रसाद मुखर्जी अस्पताल में केंद्र सरकार के नाको (( नेशनल एड्स कंट्रोल आर्गेनाइजेशन)) प्रोजेक्ट के ओएसटी (( ओपियाड सब्सिटीट्यूड थैरेपी)) सेंटर का लोकार्पण हुआ। कार्यक्रम के अतिथि पूर्व विधायक गिरिजाशंकर शर्मा, जिला पंचायत के स्वास्थ्य सभापति दिनेश शर्मा ने फीता काटकर सेंटर का लोकार्पण किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पूर्व विधायक शर्मा ने कहा कि नशामुक्ति के लिए स्थापित इस केंद्र में नशे की गिरफ्त से तो निजात मिलेगी ही अपराधों का ग्राफ भी कम होगा। सभापति श्री शर्मा ने कहा कि एक ही विधानसभा क्षेत्र में दो ओएसटी केंद्र की स्थापना समाज सुधार की दिशा में बड़ी उपलब्धि है। इस अवसर पर गोपाल शिवदासानी, डॉ.नीरज जैन, डा. यूके शुक्ला, ओएसटी की प्रभारी चिकित्सक डॉ. शारदा विश्वास और स्टाफ के सदस्य उपस्थित थे।
इसलिए है ओएसटी की जरूरत : अधीक्षक डॉ.आरपी टिकरिया ने बताया कि इंजेक्शन से नशीले पदार्थों का सेवन करने वाले एडिक्टस अपने हाथ से ही इंजेक्शन लेते हैं। नशे के आदी ऐसे लोगों को इंजेक्शन की निडिल से एचआईवी संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। एचआईवी संक्रमण के अन्य कारणों से संक्रमित एडिक्ट से एचआईवी संक्रमण अन्य लोगों को भी संक्रमित करता है। नशे का आदी होने के कारण लत को पूरी करने के लिए किसी भी तरह के अपराध करने को भी तैयार हो जाता है।
ऐसे होगा इलाज
ओएसटी सेंटर के आउट रीच वर्कर और एनजीओ की सहायता से इंजेक्शन से नशा करने वालों को चिंहित किया जाएगा। सेंटर पर काउंसलिंग से नशामुक्ति के लिए प्रेरित करने के बाद परिवार के सदस्यों की सहमति से सेंटर में इलाज शुरु किया जाएगा। इंजेक्शन से नशा करने वाले एडिक्ट्स को ओपियाड सब्सटीट्यूट थैरेपी से नशे की लत छुड़वाई जाएगी। इलाज के लिए पीडि़त को रोज सेंटर आना होगा यहीं पर निर्धारित मात्रा में चिकित्सकों की देखरेख में दवा दी जाएगी। इस थैरेपी से छह माह से दो साल में नशे की लत से मुक्ति मिल सकेगी। सेंटर में नियुक्त चिकित्सक और स्टाफ को दिल्ली से विशेष ट्रेनिंग दिलवाई जाएगी।
डॉ श्यामप्रसाद मुखर्जी अस्पताल में शुरू हुई ओएसटी यूनिट