तर्क देकर की बेटियों की तरफदारी
नगर संवाददाता - इटारसी
बेटी और बेटों में कोई अंतर नहीं है। बेटियों को बेटों के समान सम्मान और विश्वास दिया जाए तो बेटियां हर क्षेत्र में बेटों के समान ही हैं। समाज में बालक बारिका अनुपात तेजी से घट रहा है तो बेटियों के साथ हो रहे भेदभाव को स्पष्ट करता है। यह बात गुरुषा राठौर ने गल्र्स कॉलेज में बालिका दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित वाद विवाद प्रतियोगिता में अपने विचार प्रस्तुत करते हुए कही। बालिका दिवस के उपलक्ष्य में गल्र्स कॉलेज में बेटियों को दी जाने वाली स्वतंत्रता उचित या अनुचित विषय पर आयोजित वाद विवाद प्रतियोगिता और भ्रूण हत्या एक सामाजिक अपराध विषय पर निबंध प्रतियोगिता का आयोजन हुआ। प्रतियोगिता में छात्राओं ने बढ़चढ़ कर हिस्सा लिया। निबंध प्रतियोगिता में नंदिनी सिसोदिया प्रथम, नेहा पानके और कीर्ति जैन द्वितीय, पूजा साहू तृतीय स्थान पर रहीं। वाद विवाद प्रतियोगिता में विषय के पक्ष में अपनी अभिव्यक्ति देकर गुरुषा राठौर ने पहला, नंदिनी सिसोदिया ने दूसरा, सविता सातनेरे ने तीसरा और विपक्ष में बोलने वाली कंचन मेहरा ने पहला, कीर्ति जै ने दूसरा और पूजा साहू ने तीसरा स्थान प्राप्त किया। इस अवसर पर प्राचार्य डॉ.कामिनी जैन ने विजेता छात्राओं को पुरस्कृत किया। कार्यक्रम में डॉ. कुमकुम जैन, हरप्रीत रंधावा, अनामिका पांडे, मालती शाक्य, संजय आर्य प्राध्यापक और छात्राएं बड़ी संख्या में उपस्थित थीं।