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जम्पर में खराबी से बिजली रही गुल

7 वर्ष पहले
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नगर संवाददाता. इटारसी। गल्र्स कॉलेज में नए सत्र में छात्राएं एमकॉम की पढ़ाई भी कर सकेंगी। कॉलेज में स्ववित्तीय पाठ्यक्रम से एमकॉम की कक्षाएं संचालित करने के लिए जनभागीदारी ने अपनी अनुमति दे दी है। एमकॉम की कक्षाएं खोलने के लिए अब उच्च शिक्षा को प्रस्ताव भेजा गया है। उच्च शिक्षा से हरी झंडी मिलने के बाद गल्र्स कॉलेज में उच्च शिक्षा के लिए छात्राओं को कामर्स जैसा मुख्य विषय पीजी कक्षाओं में मिल सकेगा। जनभागीदारी के पदेन अध्यक्ष कलेक्टर और एसडीएम से अनुमति मिलने के बाद कॉलेज प्रबंधन ने विभागीय कार्यवाही शुरु कर दी है। जनवरी 2013 में मुख्यमंत्री की घोषणा से कॉलेज में बीकॉम और बीएससी की कक्षाएं शासन स्तर से संचालित करने की अनुमति के साथ कामर्स संकाय के तीन पद स्वीकृत किए गए हैं। प्राचार्य डॉ.कामिनी जैन ने बताया कि बीकॉम में बढ़ती छात्राओं की संख्या को देखते हुए कॉलेज प्रबंधन और जनभागीदारी से कॉलेज में एमकॉम की कक्षाएं शुरु करने का निर्णय लिया है। उच्च शिक्षा से अनुमति मिलने के बाद छात्राओं को उच्च शिक्षा के लिए गल्र्स कॉलेज में नए पाठ्यक्रमों की सुविधा मिल सकेगी इससे छात्राओं में खुशी का माहौल है।

भेज दिया प्रस्ताव

कॉलेज ने जनभागीदारी की अनुमति के बाद उच्च शिक्षा को प्रस्ताव भेज दिया है। डॉ.कुमकुम जैन ने बताया कि पहले सेशन में एमकॉम 60 सीटों पर प्रवेश दिया जाएगा। प्रस्ताव के अनुसार प्रत्येक छात्रा को न्यूनतम 4 हजार रुपए जनभागीदारी शुल्क देना होगा। कक्षाओं के संचालन के लिए कॉलेज के पास अनुमानित 2 लाख 40 हजार का बजट होगा। इस राशि को स्टूडेंट्स की सुविधाओं, शिक्षक का वेतन, पुस्तकों की खरीदी, विश्वविद्यालय का संबद्धता शुल्क और निरीक्षण व्यवस्था के लिए खर्च किया जाएगा। विश्वविद्यालय के आर्डिनेंस के अनुसार 15 बिंदुओं की जानकारी भी एकत्र कर ली गई है।

उच्च शिक्षा की अनुमति का इंतजार

उच्च शिक्षा से अनापत्ति मिलने के बाद बरकतउल्लाह विश्वविद्यालय में संबद्धता के लिए आवेदन किया जाएगा। विश्वविद्यालय के दल के निरीक्षण के बाद कॉलेज को स्ववित्तीय पाठ्यक्रम से एमकॉम संचालित करने की अनुमति मिल सकेगी।

भविष्य में यह लाभ

गल्र्स कॉलेज में एमकॉम की कक्षाएं शुरु होने का सीधा लाभ छात्राओं को होगा। वर्तमान सत्र में कॉलेज में बीकॉम की 193 छात्राएं हैं। शहर में कामर्स विषय से पीजी करने के लिए एकमात्र सरकारी कॉलेज उपलब्ध है। जहां सीमित सीटें होने के कारण पिछले सत्र करीब 150 स्टूडेंट्स दाखिला पाने से वंचित रह गए थे। इनमें 70 फीसदी छात्राएं थीं। गल्र्स कॉलेज में एमकॉम की कक्षा खुलने से छात्राएं यहां भी प्रवेश ले सकेंगी।

इनका कहना है

कामर्स संकाय में छात्राओं की संख्या को देखते हुए कॉलेज में एमकॉम की कक्षाएं शुरु करने के लिए प्रस्ताव तैयार किया गया है। उच्च शिक्षा को प्रस्ताव भेज दिया गया है। संभवत: अप्रैल तक प्रक्रिया पूरी होने पर नए सत्र में एमकॉम की कक्षाएं शुरु हो सकेंगी।

-डॉ.कामिनी जैन, प्राचार्य गल्र्स कॉलेज।





इटारसी। गल्र्स स्कूल के सामने ट्रांसफार्मर में गड़बड़ी को ठीक करते बिजलीकर्मी।

इन इलाकों में नहीं थी बिजली

मालवीयगंज, गांधी स्टेडियम के आसपास, फल बाजार, न्यास कालोनी, इंदिरा कालोनी, लाइन एरिया, बाजार क्षेत्र।



गांधीनगर में वोल्टेज की समस्या

वार्ड क्रमांक २० गांधीनगर के लोग वोल्टेज की समस्या का सामना कर रहे हैं। वोल्टेज कम ज्यादा होने से घर में रखे बिजली उपकरण खराब हो रहे हैं। वार्ड 20 गांधीनगर की मोहल्ला विकास समिति इस समस्या को लेकर ३ दिसंबर मंगलवार को बिजली कार्यालय जाकर अधिकारियों से बिजली ट्रांसफार्मर लगाने की मांग भी की थी। बावजूद इसके अब तक समस्या का समाधान नहीं हुआ। मोहल्ला समिति के सचिव आरके दुबे ने कहा कि वोल्टेज की समस्या पिछले कई महीनों से बनी हुई है। वार्ड में खंभे लगा दिए गए हैं, लेकिन अभी तक डीपी नहीं लगाई गई।



झूलते तारों से खतरा

सरकारी अस्पताल परिसर में चल रहे निर्माण के दौरान झूलते बिजली तारों से खतरा बना हुआ है। यहां बिजली के झूलते तारों को रस्सी के सहारे बांधकर रखा गया है। अस्पताल परिसर से पंजाबी मोहल्ला जा रही एलटी लाइन और इससे जुड़े खंभे सालों पुराने हैं। खंभे तिरछे और बिजली के तार झूल रहे हैं। बब्लू बस्तवार ने बताया कि न्यास कालोनी झुग्गी बस्ती में बिजली के खंभे नहीं है। ऐसे में लोग लंगर डाल देते हैं। जिससे बिजली तार टूटकर गिरने का खतरा बना रहता है। हेमंत वर्मा ने कहा कि कालोनी में बिजली के खंभे तिरछे हो गए हैं।



रैसलपुर में दो मोबाइल टॉवरों में जल रही थी चोरी की बिजली

बिजली बिल की बकाया वसूली के लिए बिजली कंपनी ने सख्ती का रुख अपना लिया है। बुधवार को बिजली कंपनी ने इटारसी डिवीजन के अंतर्गत आने वाले पथरौटा, गुर्रा, केसला, सुखतवा, रैसलपुर और मेहरागांव में लगे 56 मोबाइल टॉवरों के बिजली कनेक्शन काट दिए हैं। बिजली कंपनी के शहर प्रबंधक विशाल उपाध्याय ने बताया कि ५६ मोबाइल टॉवरों पर करीब 9 लाख रुपए बिजली बिल का बकाया है। उन्होंने बताया कि रैसलपुर में काटे गए दो मोबाइल टॉवरों में जांच के दौरान चोरी की बिजली का उपयोग करते पाया गया। प्रकरण भी बनाया गया है।



काम कंपनी कर रही है

॥बाजार क्षेत्र के एक ट्रांसफार्मर के जम्पर में गड़बड़ी आ गई थी। जिसे ठीक करने के लिए बिजली बंद करनी पड़ी। सुबह 11.30 बजे से दो घंटे बिजली गुल थी। सूरजगंज चौराहे के पास ट्रांसफार्मर के जम्पर को सुधारकर बिजली बहाल कर दी गई। बिजली के झूलते तार और नए खंभे लगाने का काम एटूजेड कंपनी कर रही है।

विशाल उपाध्याय, शहर प्रबंधक



परेशानी - मालवीयगंज फीडर और टाउन फीडर से जुड़ा होने से बिजली बंद करनी पड़ी