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धार्मिक स्थल और चरनोई की भूमि पर भी अवैध उत्खनन

8 वर्ष पहले
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गोहद कस्बे के डांग सरकार पहाड़ पर खुलेआम अवैध उत्खनन।
भास्कर संवाददाता - गोहद
गोहद कस्बे के डांग सरकार पहाड़ पर खुलेआम अवैध उत्खनन हो रहा है। खनिज संपदा का दोहन करने वाले माफियाओं की हिम्मत इतनी बढ़ गई है कि वे धार्मिक स्थल, श्मशान और पशु विश्राम की जमीन पर भी अवैध उत्खनन करने में संकोच नहीं कर रहे हैं। पहाड़ पर राजस्व की जमीन के साथ-साथ खनिज माफियाओं ने धार्मिक स्थल, श्मशान घाट और कब्रिस्तान की जमीन में भी ब्लास्ट कर गहरे-गहरे गड्ढे कर दिए हैं।
जानकारी के अनुसार डांग पहाड़ पर सर्वे क्रं. ७३८ रकवा ०.४ हेक्टेयर जमीन धार्मिक स्थल के लिए आरक्षित है। इसी प्रकार सर्वे क्रं. ८२० रकवा १.७०० पशु विश्राम गृह, सर्वे क्रं. ८३० रकवा ०.९४० श्मशान घाट और सर्वे क्रं. ११८१/७६३ रकवा ०.४० कस्ब्रस्तान के लिए आरक्षित है, लेकिन इस जमीन को खजिन माफियाओं ने अवैध तरीके से ब्लास्ट कर छलनी कर दिया है। आरक्षित जमीन पर अवैध गतिविधियों का संचालन खुलेआम हो रहा है, लेकिन खनिज विभाग और जिला प्रशासन की टीम कोई कार्रवाई नहीं कर रही है।




जल्द ही कार्रवाई

॥अवैध उत्खनन को रोकने के लिए जल्द ही कार्रवाई करने वाले हैं। अवैध उत्खनन किसी भी कीमत पर नहीं होने दिया जाएगा।

एम सिबि चक्रवर्ती, कलेक्टर भिंड

खनिज विभाग के अफसरों का संरक्षण

कस्बे में अवैध उत्खनन को बढ़ावा अफसरों के संरक्षण में मिल रहा है। स्थानीय लोगों ने कई बार इस संबंध में लिखित शिकायत की है, लेकिन प्रशासन द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की गई है। यही कारण है कि अवैध उत्खनन के संबंध में हल्का पटवारी रमाशंकर जाटव द्वारा कई बार रिपोर्ट दी गई है, लेकिन वरिष्ठ अधिकारियों ने कोई कार्रवाई नहीं की है। डांग सरकार पहाड़ हल्का पटवारी श्री जाटव का तर्क है कि बिना प्रशासन के सहयोग के कार्रवाई संभव नहीं है। वरिष्ठ अधिकारी सहयोग करें तो कार्रवाई हो सकती है।

सड़कों की हालत भी हो रही खराब

गोहद कस्बे में हो रहे अवैध उत्खनन से सड़कों की हालत भी खराब हो रही है। डंपर क्षमता से अधिक वजन लेकर दौड़ते हैं, जिससे सड़क खराब हो जाती है। प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना विभाग ने तो इस संबंध में एक रिपोर्ट पिछले महीने खनिज विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को भी भेजी है, जिसमें करीब २० करोड़ रुपए की लागत से बनीं सड़कों के खनिज लेकर दौडऩे वाले वाहनों के कारण खराब होने की बात कही गई है।

बिना अनुमति के चल रहे क्रेशर

खनिज विभाग से डांग सरकार पहाड़ पर सिर्फ १८ क्रेशर की अनुमति दी गई है। पहाड़ पर १४ लोगों को उत्खनन के लिए जमीन आवंटित की गई है, लेकिन यहां करीब ७० क्रेशर लगे हुए हैं। पूरे पहाड़ को ब्लास्टों से छलनी कर दिया है। माफियाओं के खनिज संपदा के दोहन करने से पर्यावरण भी प्रदूषित हो रहा है। खदान संचालन के लिए माफियाओं ने पर्यावरण विभाग से अनुमति भी नहीं ली है।

गोहद के डांग पहाड़ पर अवैध उत्खनन ।



१४ लोगों को उत्खनन के लिए की जमीन आवंटित, लेकिन यहां लगे हुए हंै ७० क्रेशर