न स्कूल भवन, न सुविधाएं, छात्र परेशान
अयोध्या बस्ती में संचालित सरकारी स्कूल के बच्चों को नहीं मिल रही सुविधाएं।
भास्कर संवाददाता - गोहद
गोहद नगर के वार्ड क्रमांक १६ में स्थित अयोध्या बस्ती है। जिसमें एक सरकारी प्राइमरी स्कूल संचालित हो रहा है।इस स्कूल के पास न तो स्वयं का भवन है और न ही स्कूल में पढऩे वाले बच्चों को छात्रवृत्ति और मध्याह्न भोजन जैसी सुविधाओं का लाभ मिल रहा है। जिससे बच्चों और उनके अभिभावकों को दिक्कत हो रही है।
तब खोला गया था स्कूल : अयोध्या बस्ती के गांधी नगर में एक भी सरकारी स्कूल नहीं था। ऐसे में स्थानीय लोगों ने चंदा कर करीब ८० हजार रुपए से स्कूल भवन का निर्माण शुरू किया। इसी दौरान गांव के लोगों ने प्रशासन से स्कूल बनाए जाने की मांग की। एक युवक अवनीश सैमर ने तो आत्मदाह की धमकी तक दे डाली।तब जाकर शिक्षा विभाग ने श्यामपुरा गांव के प्राइमरी स्कूल जिसमें छात्र संख्या शून्य थी, को गांधीनगर में मर्ज कर स्कूल का संचालन शुरू कर दिया।
प्राइवेट भवन से चल रहा है स्कूल : गांधीनगर में संचालित सरकारी प्राइमरी स्कूल के पास भवन नहीं है।ऐसे में स्कूल का संचालन किराए के एक भवन से किया जा रहा है। स्थानीय लोगों की मांग है कि जो भवन लोगों ने चंदा कर बनाया था उसमें जल्दी ही शिक्षा विभाग स्कूल भवन बनवाए।
इस बारे में स्थानीय निवासी वृंदावन जाटव, बल्लू सैमर, अमर सिंह उर्फ गुड्डू, सोबाराम जाटव, नारायण सिंह, राजाराम आदि का कहना है कि स्कूल में बच्चों को सुविधाएं दिए जाने के लिए हम लोग कई बार शिक्षा अधिकारियों से गुहार लगा चुके हैं, लेकिन कोई भी ध्यान नहीं दे रहा है।वे कहते हैं कि हम लोग कभी-कभी तो चंदा करके बच्चों को भोजन करा देते हैं, लेकिन यह व्यवस्था रोज नहीं की जा सकती है।
नहीं मिल रहा लाभ
॥यह बात सही है कि स्कूल में बच्चों को भोजन और छात्रवृत्ति का लाभ नहीं मिल रहा है। हमने इसके लिए वरिष्ठ अधिकारियों से कहा है।
सरनाम सिंह, हैडमास्टर प्राइमरी स्कूल गांधीनगर
॥ जिला पंचायत इनके खाते में पैसा क्यों नहीं डाल रही है। इसकी जानकारी ली जाएगी। बच्चों को भोजन सहित अन्य सुविधाएं जरूर मिलेंगी।
देवेंद्र सिंह गुर्जर, बीआरसी गोहद
बच्चों को नहीं मिलता मध्याह्न भोजन
स्कूल में करीब १४६ बच्चों पढ़ रहे हैं। जिनमें ६५ छात्र और ८१ छात्राएं हैं। लेकिन एक भी बच्चों को मध्याह्न भोजन और छात्रवृत्ति का लाभ नहीं दिया जा रहा है। जबकि नवीन स्कूल ने स्वयं का बैंक में खाता भी खुलवा लिया है। बावजूद इसके लिए जिला पंचायत द्वारा मध्याह्न भोजन के लिए पैसा नहीं दिया जा रहा है। ऐसे में गांव के कुछ लोग ही पैसा इकट्टा कर कभी-कभी स्कूल में भोजन वितरण करा देते हैं।
२६ जनवरी को मिले खीर-पूड़ी
स्कूल में पढऩे वाले बच्चों शिवानी, किशन, प्रेमवती, लाजो, मुनमुन, लक्ष्मी, साधना आदि का कहना है कि उन्हें स्कूल में रोज भोजन नहीं मिलता है। वे कहते हैं कि हमारे दोस्त जो दूसरे स्कूलों में पढ़ते हैं उन्हें २६ जनवरी को खीर पूड़ी मिलती है। जबकि हमारे स्कूल में इस तरह का भोजन नहीं मिलता है। बच्चों की मांग है कि २६ जनवरी को उन्हें भी खूरी पड़ी दी जाए।
गोहद के गांधी नगर स्थित स्कूल के बाहर खड़े बच्चें।