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बेसली डैम में पीला, झागयुक्त पानी, सैकड़ों मछलियां मरी
बेसली डैम के पानी का लिया सैंपल। एसडीएम बोले- मछलियां क्यों मरी, पता करवा रहे हैं।
भास्कर संवाददाता - गोहद
नगर के बेसली जलाशय में शुक्रवार को सैकड़ों मछलियों की दूषित पानी के कारण मौत हो गई। जलाशय का पानी पीला, बदबूदार और झागयुक्त हो गया। जलाशय के चौकीदार ने इसकी सूचना प्रशासनिक और नगर पालिका के अधिकारियों को दी। सूचना के बाद एसडीएम डॉ. आरसी मिश्रा, नपा सीएमओ सुरेंद्र शर्मा मौके पर पहुंचे। यहां उन्होंने मालनपुर फैक्टरी से नाले के जरिए बैसली डेम में आ रहे पानी को रोकने के साथ ही डैम के पानी के सैंपल लेने के भी निर्देश दिए। मालूम हो, कि मालनपुर की औद्योगिक इकाईयों का दूषित व केमिकलयुक्त पानी नाले के माध्यम से बेसली डैम में आता है। यही पानी नगर पालिका यहां की जनता को सप्लाई करती है। इससे पहले भी भास्कर ने चेताया था कि मालनपुर की फैक्टरियों का दूषित पानी बेसली डैम में आ रहा है।
शुक्रवार की सुबह बेसली जलाशय में सैकड़ों की तादात में मछलियां पानी में उतराती दिखाई दीं। वहीं पानी में चारों तरफ झाग ही झाग दिखाई दे रहा था। पानी में पीलापन और बदबू घरों में पहुंच रहे पानी में भी आई। इसके बाद कुछ लोगों ने इसकी शिकायत चौकीदार से की। तब जाकर चौकीदार ने वरिष्ठ अधिकारियों को समस्या के बारे में बताया। इसके बाद अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए। उन्होंने गंदे पानी को जलाशय से बाहर निकलवाया। इसके साथ ही मालनपुर स्थित औद्योगिक इकाइयों से नाले के जरिए आ रहे पानी को रोकने के लिए एसडीओ सिंचाई विभाग और एकेवीएन के अधिकारियों से कहा।
कहीं जहर न बन जाए बेसली जलाशय का पानी :बेसली जलाशय में मालनपुर स्थित करीब एक सैकड़ा औद्योगिक इकाइयों से निकलने वाला केमिकलयुक्त पानी पहुंच रहा है। सबसे बड़ी बात यह है कि यह पानी गोहद नगर की करीब ७० हजार की आबादी को फिल्टर करके सप्लाई किया जा रहा है। अगर फैक्टरियों के केमिकलयुक्त पानी को जलाशय में जाने से नहीं रोका गया तो यह पानी लोगों के लिए जहर भी बन सकता है।
दो दिन तक बोर-हैंडपंप से लेना होगा पीने का पानी: गोहद के बेसली जलाशय में मछलियों की मौत के बाद प्रशासन ने दो दिन तक नगर के लोगों को जलाशय का पानी नहीं पीने की सलाह दी है। इसके लिए एसडीएम डॉ. आरसी मिश्रा ने नगरपालिका को निर्देशित किया गया है कि वह नगर में जगह-जगह मुनादी कराकर लोगों को जलाशय के पानी को पीने के लिए रोकें। जिससे किसी भी तरह की परेशानी से बचा जा सके। ऐसे में अब नगर की करीब ७० हजार की आबादी को पानी हैंडपंप और बोर से ही लेना होगा।
दो दिन से पानी में उठ रहा था झाग: बेसली जलाशय में भरे पानी में दो दिन से झाग उठने की बात कही जा रही है। वहीं घरों में जो पानी आ रहा है, वह हल्का पीला रंग का है। उसमें से बदबू भी आ रही है। लोग इसे फैक्टरियों से निकल रहे केमिकलयुक्त पानी को मान रहे हैं।