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बिजली खपत कम, रीडिंग ज्यादा, आक्रोशित महिलाओं ने किया कलेक्टोरेट का घेराव

7 वर्ष पहले
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एसडीएम ने कहा, बिजली कंपनी के अफसरों को लिखेंगे पत्र।
भिंड - निर्धारित खपत से अधिक राशि का बिजली बिल भेजने से आक्रोशित आधा सैकड़ा महिलाओं ने बुधवार को कलेक्टोरेट का घेराव किया। जगजीवन नगर, जामुना रोड क्षेत्र की महिलाएं बिजली कंपनी के अफसरों के खिलाफ नारेबाजी कर रही थीं। बाद में एसडीएम नरोत्तम भार्गव ने आश्वासन दिया कि वे बिजली कंपनी के अफसरों को पत्र लिखेंगे तब कहीं जाकर महिलाएं शांत हुईं।
जानकारी के अनुसार सीता कॉलोनी के पांच सैकड़ा से अधिक लोगों ने बिजली कंपनी द्वारा गलत बिल जारी करने को लेकर बैठक की। बैठक में बताया गया कि बिजली कंपनी शहर के महावीर नगर, सरोजनी नगर, सीतानगर ए व बी ब्लॉक, शास्त्री नगर, सुंदरपुरा, रामनगर आदि क्षेत्र में बिना मीटर रीडिंग लिए बिल जारी कर रहे हैं। मीटर में बिजली की खपत 100 यूनिट है लेकिन बिजली कंपनी ने आधा सैकड़ा घरों में 300 यूनिट खपत के हिसाब से बिल थमा दिए हैं। खपत के विपरीत तीन गुना बिल थमाए जाने से लोगों के होश उड़ गए। बुधवार को क्षेत्रीय महिलाओं ने बताया कि मीटर रीडिंग के हिसाब से उसका बिल २५० रुपए आना चाहिए, लेकिन बिजली कंपनी ने 1057 रुपए का बिल भेजा है। महिला कैलाशी देवी ने शिकायत दर्ज कराई कि उसका बिल 4188 रुपए का दिया है। जबकि बिल ५००-६०० रुपए का आना चाहिए।
अधिक बिल भेजे जाने के विरोध में बुधवार को आधा सैकड़ा से अधिक महिलाओं ने कलेक्टोरेट पर प्रदर्शन किया। महिलाओं का कहना था कि बिजली कंपनी हर बार मनमानी कर अधिक बिल भेज देती है। आखिर हम कब तक अतिरिक्त पैसा देते रहेंगे। महिलाओं की नारेबाजी सुनकर एसडीएम नरोत्तम भार्गव ने उनसे मुलाकात कर समस्या पूछी। एसडीएम ने उन्हें समझाइश दी कि हम बिजली कंपनी के अफसरों को पत्र लिखकर अगले महीने से रीडिंग के हिसाब से बिल भेजने की बात रखेंगे। इसके बाद आक्रोशित महिलाएं पीछे हटीं।
संशोधित कर देंगे बिल
॥जिन उपभोक्ताओं के गलत बिल जारी हुए हैं, उन्हें संशोधित कर दिया जाएगा। मीटर रीडरों के काम की मॉनीटरिंग तेज की जाएगी। ञ्जञ्ज
अशोक शर्मा, डीई, बिजली कंपनी



रीडिंग लेने नहीं आते रीडर

बिजली कंपनी द्वारा मीटर रीडिंग का काम ठेके पर कराया जा रहा है। फीडर के हिसाब से मीटर रीडिंग के लिए रीडर रखे गए हैं। मीटर रीडर सर्व करने कनेक्शनधारी उपभोक्ताओं के घर तो जाते नहीं हैं, खुद ही अपने स्तर से फर्जी रीडिंग की सूची बनाकर बिजली कंपनी को भेज देते हैं।

भिंड। बिजली के बिल दिखाते सीतानगर के लोग।