- Hindi News
- सिंधिया के खिलाफ भाजपा को जिताऊ चेहरे की तलाश
सिंधिया के खिलाफ भाजपा को जिताऊ चेहरे की तलाश
रंजीत गुप्ता - शिवपुरी
शिवपुरी-गुना संसदीय क्षेत्र में कांग्रेस नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया के मुकाबले भाजपा को जिताऊ चेहरे की तलाश है। पिछले 15 साल से भाजपा गुना-शिवपुरी संसदीय क्षेत्र में कांग्रेस से जीत नहीं पाई है। अप्रैल-मई में होने वाले लोकसभा चुनाव को देखते हुए भाजपा तैयारियों में जुट गई है, लेकिन किस नेता को मैदान में उतारकर चुनाव जीता जाए, इसको लेकर भाजपा रणनीतिकारों के चेहरे पर चिंता की लकीरें देखी जा रही हैं।
विस के परिणाम भी रहे निगेटिव : अभी हाल ही में संपन्न हुए विधान सभा चुनाव मेें भी गुना-शिवपुरी संसदीय क्षेत्र की 8 सीटों में से 5 पर कांग्रेस और तीन पर भाजपा जीती है। विधानसभा के परिणाम भी भाजपा के लिए पिछले वार के मुकाबले सही नहीं रहे हंै। वर्ष 2008 में इस संसदीय क्षेत्र में भाजपा के पास 7 और कांग्रेस के पास 1 सीट थी, लेकिन इस बार कांग्रेस ने भाजपा से 4 सीटें अधिक जीती हैं। जहां एक ओर पूरे मप्र में शिवराज की लहर चली वहीं शिवपुरी गुना संसदीय क्षेत्र में भाजपा के लिए विधानसभा परिणाम नेगेटिव रहने पर पार्टी रणनीतिकार चिंता में हैं।
लोधी व यादव वोट बैंक पर नजर : इस सीट को लेकर भाजपा की नजर यहां के लोधी व यादव वोटरों पर है। इस संसदीय क्षेत्र की आठों विस सीटों पर लोधी व यादव वोटर बड़ी संख्या में हैं। इसलिए भाजपा यहां से इन दोनों ही जाति के किसी नेता को टिकट देने की योजना में है। लोधी वोटरों को एकजुट करने के लिए शिवपुरी का प्रभारी मंत्री कुसुम महदेले को बनाया गया है। इसके अलावा पूर्व डीआईजी हरीसिंह यादव व पूर्व विधायक देशराज सिंह यादव को भी इस संसदीय क्षेत्र में भाजपा ने सक्रिय किया है।
सिंधिया के मुकाबले का कोई नेता नहीं
॥ भाजपा के पास कांग्रेस सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया के मुकाबले का कोई नेता ही नहीं है। कई उपलब्धियों से कांग्रेस भाजपा पर भारी पड़ेगी। ।ञ्जञ्ज
रामसिंह यादव, कांग्रेस जिलाध्यक्ष
मोहभंग हो चुका है
॥ संसदीय क्षेत्र में इस बार हम जिताऊ चेहरा ही उतारेंगे। पहले जो कमियां थी उन्हें दूर किया जाएगा और इस बार कांग्रेस को भाजपा से कड़ी चुनौती मिलेगी।ञ्जञ्ज
नरेंद्र बिरथरे, भाजपा प्रभारी, गुना-शिवपुरी संसदीय क्षेत्र
कांग्रेस की मजबूती
ञ्च ज्योतिरादित्य का इस क्षेत्र में प्रभाव है।
ञ्च सिंधिया के कार्यकाल में कई रेल गाडिय़ां, केंद्र की योजनाएं, स्कूल व कॉलेज मंजूर हुए
ञ्च सड़क व बिजली की कई बड़ी परियोजनाएं स्वीकृत हुई।
ञ्च यह सीट सिंधिया घराने की परंपरागत सीट रही है। इसलिए यहां पर उनका प्रभाव है।
ञ्च हाल में हुए विस चुनाव में इस संसदीय क्षेत्र की 8 सीटों में से 5 पर कांग्रेस जीती है। इससे कांग्रेस उत्साहित है।
भाजपा की कमजोरी
ञ्च गुना-शिवपुरी संसदीय क्षेत्र में भाजपा के पास नेता कार्यकर्ता तो बहुत हैं, लेकिन जिताऊ चेहरा नहीं।
ञ्च इस संसदीय क्षेत्र के भाजपा नेताओं में एकजुटता का अभाव है।
ञ्च संसदीय क्षेत्र में विस चुनाव के परिणाम भी अपेक्षित नहीं रहे, इसलिए कार्यकर्ता मायूस।
ञ्च सिंधिया परिवार के ग्लैमर के आगे भाजपा को दमदार उम्मीदवार नहीं मिल पा रहा है।
ञ्च 2009 में नरोत्तम मिश्रा को भी मैदान में उतारा जा चुका है, लेकिन भाजपा की आपसी गुटबाजी के कारण वे दो लाख से ज्यादा वोटों से हारे थे।
इनके नाम चर्चा में
भाजपा : देशराज सिंह यादव,
केएल अग्रवाल, हरीसिंह यादव
कांग्रेस : ज्योतिरादित्य सिंधिया या
उनके द्वारा कोई नामित व्यक्ति
शिवपुरी गुना संसदीय क्षेत्र में भाजपा के लिए विधानसभा परिणाम निगेटिव रहने पर पार्टी रणनीतिकार चिंतित