सात दिन कमांडो के साथ रहे 132 बच्चे
रंगारंग कार्यक्रमों के बीच हुआ रासेयो शिविर का समापन।
भास्कर संवाददाता - शिवपुरी
हैप्पीडेज स्कूल का राष्ट्रीय सेवा योजना शिविर का समापन बुधवार को सीआईएटी कैंपस में रंगारंग देशभक्ति से ओतप्रोत कार्यक्रमों के बीच हुआ। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सीआईएटी के डीआईजी एके सिंह मौजूद रहे। स्कूल के 132 छात्र-छात्राओं ने सात दिन तक कमांडो के साथ न केवल विभिन्न गतिविधियों में भागीदारी की, बल्कि उनके जटिल जीवन को बहुत नजदीक से जाना। समापन समारोह में डीआईजी श्री सिंह ने सबसे पहले बच्चों से यह पूछा कि आपने इन सात दिनों में क्या सीखा व अनुभव किया। बच्चों ने अपनी समझ के अनुरूप जवाब दिए। तत्पश्चात डीआईजी श्री सिंह ने अमिताभ बच्चन, एपीजे अब्दुल कलाम, बॉक्सर मोहम्मद अली, बिल गेट्स सहित कई नामी-गिरामी हस्तियों के उदाहरण सहित बताया कि हर एक में क्षमताएं बहुत होती हैं, जरूरत है कि हम उन्हें कैसे निखार सकते हैं। नेतृत्व क्षमता, सकारात्मक सोच, टीम को साथ लेकर काम करने का जज्बा आदि बातों को उन्होंने विस्तारपूर्वक समझाया। इसके बाद उमी दीवान ने शिविर में सहयोगी रहे कमांडो व अधिकारियों को प्रतीक स्वरूप पुरस्कार दिए। शिविर में स्कूल शिक्षिका रेखा पाठक ने भी भागीदारी की।
सीआरपीएफ कैंप में हैप्पीडेज स्कूल के राष्ट्रीय सेवा योजना के कार्यक्रम समापन के दौरान प्रस्तुति देती छात्राएं।
अब मैं परफेक्ट महसूस करता हूं
॥कमांडो के साथ रहते हुए समय का सदुपयोग, अनुशासन, नेतृत्व करना सीखा। आपदा प्रबंधन की महत्वपूर्ण जानकारी एवं उसका प्रैक्टिकल करने के बाद अब मैं परफेक्ट हूंू।ञ्जञ्ज
आदित्य मित्तल,छात्र, 11वीं
कुछ भी कठिन नहीं है जीवन में
॥मुझे अपनी शारीरिक क्षमताओं पर भरोसा नहीं था, मुझे लगता था कि मैं 1 किमी भी पैदल नहीं चल सकती, लेकिन जब मैंने 12 किमी तक ट्रेकिंग की तो लगा कि जीवन में कुछ भी कठिन नहीं है।ञ्जञ्ज
शालीन चानना,शिविर प्रशिक्षणार्थी
शिविर की गतिविधियां
ञ्च 16 जनवरी को बच्चों ने सीआईएटी स्कूल के संबंध में जानकारी हासिल की।
ञ्च 17 जनवरी को बड़ा गांव में बच्चों ने मॉडल सर्वे किया। जिसमें ग्रामीणों की आय के स्रोत व पारिवारिक स्थिति की जानकारी संकलित की।
ञ्च 18 जनवरी को गोराटीला के धर्मपुरा गांव में मेडिकल कैंप लगाया। बच्चों को नहलाकर साफ-सुथरा किया तथा 200 कंबल एवं बच्चों को गर्म कपड़े वितरित किए।
ञ्च 19 जनवरी को गाराघाट में कमांडो के साथ विभिन्न गतिविधियों में भागीदारी की।
ञ्च 20 जनवरी को जंगल में पूरा एक दिन गुजारा, जहां हथियारों एवं आतंकियों से लडऩे की कला के बारे में जानकारी हासिल की।
ञ्च 21 जनवरी को व्यक्तित्व विकास की कक्षाएं सीआरपीएफ अधिकारियों ने ली।
ञ्च 22 जनवरी को शिविर का समापन हुआ।