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शिवपुरी में तैयार हो रहा है अंतरराष्ट्रीय स्तर का कमांडो ट्रेनिंग सेंटर

8 वर्ष पहले
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हर खेल के लिए होगा स्टेडियम। 150 एकड़ के कैंपस में विदेशी सैनिक भी लेंगे ट्रेनिंग।
भास्कर संवाददाता - शिवपुरी
एबी रोड बड़ौदी के पास सीआईएटी ((काउंटर इंसरजेंसी एंड एंटी टेरोरिज्म)) स्कूल में आने वाले कमांडो प्रशिक्षणार्थियों के लिए 150 एकड़ क्षेत्रफल में सुविधाओं से परिपूर्ण कैंपस बनाया जा रहा है। जिसमें न केवल बाजार होगा बल्कि सभी खेलों का स्टेडियम भी बनाया जा रहा है। अत्याधुनिक सर्वसुविधायुक्त ट्रेनिंग सेंटर बनने के बाद शिवपुरी का नाम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचाना जाएगा। क्योंकि भविष्य में इस सेंटर में न केवल भारतीय बल्कि विदेशी सैनिक भी कमांडो ट्रेनिंग लेंगे।
यह है सीआईएटी: सीआरपीएफ का सीआईएटी स्कूल वर्ष 2009 में शिवपुरी में स्थापित किया गया। जिसमें मार्च 2010 से कमांडो ट्रेनिंग शुरू की गई। आतंकवाद से लडऩे के लिए यहां कमांडो तैयार किए जाते हैं। एक बार में 500 जवानों को कमांडो ट्रेनिंग दी जाती है। कमांडो को 6 सप्ताह का प्रशिक्षण देने के बाद एक सप्ताह की सबसे कठिन जंगल में बिना किसी सुविधा के जीवित रहने का प्रशिक्षण दिया जाता है। तीन वर्ष के अंतराल में सीआईएटी हजारों जवानों को कमांडो ट्रेनिंग दे चुका है।
यह बन रहा है सीआईएटी स्कूल में: प्रशिक्षणार्थियों को रहने के लिए दो बड़ी बैरक ((एक बैरक में 270 जवान रह सकते हैं)) बनाई जा रही हैं। कैंपस में ही अस्पताल, सभी खेलों के लिए बड़ा स्टेडियम ((इनडोर व आउटडोर गेम)), शॉपिंग कॉम्पलेक्स, फैमिली क्वार्टर 100, डीआईजी चेंबर, हर अधिकारी का अलग ऑफिस, क्लासरूम, लाइब्रेरी, कंप्यूटर रूम, ऑडिटोरियम, डिजिटल सेन मॉडल ब्रीफिंग रूम, बनाया जा रहा है।
इस वर्ष ही हो जाएगा तैयार: सर्वसुविधायुक्त कैंपस बनाने का काम नेशनल बिल्डिंग कंस्ट्रक्शन कॉर्पोरेशन ((एनबीसीसी)) कर रही है। वर्ष 2012 में शुरू हुए निर्माण कार्य को वैसे तो 2015 में पूरा करना है, लेकिन कंपनी इसे 2014 में ही पूरा करने की बात कह रही है। संपूर्ण निर्माण में कुल राशि 150 करोड़ रुपए खर्च होना है।
गुरिल्ला युद्ध भी सीखते हैं कमांडो: सीआईएटी में कमांडो ट्रेनिंग के दौरान जवानों को सभी तरह के हथियारों का प्रशिक्षण तो दिया ही जाता है, साथ ही गुरिल्ला युद्ध भी सिखाते हैं। यह युद्ध नक्सलियों से लड़ा जाता है।
नेपाल के जवान भी ले चुके हैं ट्रेनिंग: सीआईएटी के डिप्टी कमांडेंट बॉबी सिंह ने बताया कि शिवपुरी के इस स्कूल में न केवल देश भर के जवान कमांडो ट्रेनिंग लेते हैं, बल्कि नेपाल के चार जवान भी यहां ट्रेनिंग ले चुके हैं।
जंगल में होंगी सभी सुविधाएं: सीआईएटी स्कूल मुख्य मार्ग से लगभग एक किमी अंदर जंगल में स्थित है। अभी तक कैंपस के बाहर चौतरफा जंगल ही दिखता था। लेकिन जब यह सभी सुविधाएं यहां शुरू हो जाएंगी तो ट्रेनिंग लेने वाले कमांडो को सभी आवश्यक सुविधाएं जंगल में उपलब्ध होंगी।




अंतरराष्ट्रीय स्तर का ट्रेनिंग सेंटर बनेगा

॥ भविष्य में शिवपुरी का सीआईएटी स्कूल अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचाना जाएगा। अभी नेपाल के सैनिकों को कमांडो ट्रेनिंग दी गई। जब काम पूरा हो जाएगा तो यह देश का सर्वसुविधायुक्त ट्रेनिंग सेंटर होगा, जिसमें न केवल भारत के बल्कि विदेशों के भी सैनिक यहां ट्रेनिंग लेंगे। जिससे शिवपुरी की पहचान अंतरराष्ट्रीय स्तर पर होगी तथा अर्थव्यवस्था भी सुधरेगी।ञ्जञ्ज

एके सिंह, डीआईजी,सीआईएटी स्कूल शिवपुरी