- Hindi News
- जमीन कारोबार में मंदी का असर, नहीं बढ़ेगी गाइड लाइन
जमीन कारोबार में मंदी का असर, नहीं बढ़ेगी गाइड लाइन
शहर के प्रमुख क्षेत्रों में बढ़ सकते हैं सिर्फ 5 से 10 फीसदी जमीन के दाम।
भास्कर संवाददाता - शिवपुरी
जमीन कारोबार में आई प्रदेशव्यापी मंदी का असर कलेक्टर गाइड लाइन पर भी पडऩे के आसार हैं। इस बार कलेक्टर गाइड लाइन में ज्यादा वृद्धि का प्रस्ताव नहीं रखा जा रहा है। पंजीयन विभाग से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि रियल एस्टेट कारोबार को प्रोत्साहित करने के लिए इस बार उपखंड स्तरीय समिति में जमीनों के रेट ज्यादा न बढ़ाने का प्रस्ताव रखा है। कुछ प्रमुख इलाकों में ही मात्र 5 से 10 प्रतिशत तक रेट में इजाफा करने का इरादा है।
कलेक्टर की अध्यक्षता में बैठक आज : जिले के विभिन्न इलाकों और शिवपुरी शहर में अचल संपत्ति की कलेक्टर गाइडलाइन तय करने के लिए कलेक्टर की अध्यक्षता वाली जिला मूल्यांकन समिति की बैठक 24 जनवरी को आयोजित की गई है। इस बैठक में जमीन की दरों का निर्धारण होगा। पंजीयन विभाग से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि इस बार प्रमुूख इलाकों में ही 5 से 10 प्रतिशत तक दरें बढ़ाई जाएंगी। अन्य क्षेत्रों में पुरानी दरें ही लागू होगी।
मिलेगी लोगों को राहत : कलेक्टर गाइडलाइन में जमीन की रेट में ज्यादा बढ़ोत्तरी होने का लाभ जमीन की रजिस्ट्री या क्रय विक्रय करने वाले लोगों को मिलेगा। पिछले तीन साल में लगातार जमीन की रेट में कुछ इलाकों में 100 से 300 प्रतिशत तक की बढ़ोत्तरी की गई थी, इसके कारण लोगों में टैक्स का 2 से 3 गुना तक भार पड़ रहा था।
राजस्व घटा तो हरकत में आया विभाग : पिछले कुछ दिनों से जमीन कारोबार में मंदी के कारण पंजीयन विभाग का राजस्व घटा है। वर्ष 2013-14 में 70 करोड़ का टारगेट राजस्व विभाग को मिला था, लेकिन अभी तक 30 प्रतिशत ही राजस्व की प्राप्ति हुई है। राजस्व घटने से पंजीयन विभाग के अधिकारी टेंशन में हैं, इसलिए गाइड लाइन व्यावहारिक बनाने के लिए इस बार कलेक्टर गाइड लाइन में ज्यादा इजाफा नहीं करने का निर्णय लिया गया है।
ज्यादा नहीं बढ़ेंगे दाम
॥ जमीन कारोबार में चल रही मंदी के कारण इस बार कलेक्टर गाइड लाइन की दरें ज्यादा नहीं बढ़ाईं जाएंगी, ऐसा प्रस्ताव है। कुछ प्रमुख इलाकों में ही 5 से 10 प्रतिशत तक रेट बढ़ेंगे। 24 जनवरी को मूल्यांकन समिति की बैठक है इसमें दरें फाइनल होंगी। कारोबार में चल रही मंदी से हमारा राजस्व भी घटा है। दरें निर्धारण के समय इन सब बातों को ध्यान में रखा जा रहा है। ।ञ्जञ्ज
पीपी शुक्ला,जिला पंजीयक शिवपुरी
क्या कारण हैं रेट न बढ़ाए जाने के
ञ्च अवैध कॉलोनियों में पूर्व में हाईकोर्ट द्वारा रोक लगाए जाने बाद सुप्रीम कोर्ट से मिले स्टे के बाद जमीन कारोबार में मंदी है, इससे पंजीयन विभाग का राजस्व घटा है।
ञ्च कई जगह रेट अव्यावहारिक हैं। 200 से 300 प्रतिशत तक बढ़ा दिए गए हैं।
ञ्च पूर्व में जमीन कारोबारी भी गाइड लाइन में मनमानी बढ़ोत्तरी पर विरोध दर्ज करा चुके हैं।
ञ्च राजस्व घटने से महानिरीक्षक पंजीयक ने भी पत्र लिखकर गाइडलाइन व्यावहारिक बनाने के निर्देश दिए हैं।
ञ्च रेट बढऩे से रजिस्ट्रियां कम हो रहीं थीं। नोटरी स्टाम्प पर या आपसी सहमति के आधार पर ही सौदे हो रहे थे, जिससे राजस्व प्रभावित था।
ञ्च सिंहनिवास में वर्ष 2012-13, 2013-14 के लिए तीन गुना तक रेट बढ़ा दिए गए थे।
ञ्च कमलागंज एबी रोड, ग्वालियर बायपास रोड पर दो गुना रेट का इजाफा हुआ था।
ञ्च नए रेलवे स्टेशन के पास, पुलिस क्वार्टर के नजदीक, केटीएम कॉलेज के पास भी पिछले वर्ष के मुकाबले दुगने रेट बढ़ा दिए गए थे।
ञ्च ठर्रा दर्रोनी मार्ग पर भी गत वर्ष से दो गुना रेट बढ़ाए गए थे।
ञ्च फतेहपुर बायपास रोड, एसपीएस स्कूल के सामने रेटों में काफी इजाफा हुआ था।
जिला पंजीयक कार्यालय शिवपुरी।
अधिकारियों ने की मनमानी
॥ पंजीयन विभाग से जुड़े अधिकारियों ने वर्ष 2012-13 और 13-14 में कलेक्टर गाइड लाइन में अव्यावहारिक निर्णय लेकर मनमानी करते हुए 100 से 300 प्रतिशत तक रेट बढ़ाए। अपना राजस्व बढ़ाने के लिए अधिकारियों ने मनमाना निर्णय लिया। इससे आम आदमी पर बोझ पड़ा। जिन इलाकों में रेट बढ़ा दिया गया है वहां कम किए जाए तभी यह गाइड लाइन व्यवहारिक हो सकेगी। ञ्जञ्ज
नरेंद्र जैन ‘भोला’, जमीन कारोबारी
इस तरह से बढ़े थे रेट
पंजीयन महानिरीक्षक ने दिए गाइडलाइन व्यावहारिक बनाने के निर्देश
गाइड लाइन - प्रॉपर्टी कारोबार में मंदी का असर, कीमतें कम रखकर राजस्व बढ़ाने पर जोर
इस बार नहीं बढ़ेंगे जमीन के दाम