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एडीएम ने नपा सीएमओ से पूछा- परेशान जनता किसके पास जाए

7 वर्ष पहले
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भास्कर संवाददाता - शिवपुरी
राशनकार्ड बनवाने के लिए आ रही जनता परेशान हो रही है। उनको यह पता भी नहीं है कि उनका काम कहां और कैसे होगा? आप लोग क्या कर रहे हो। जनता को सिर्फ यहां से वहां घुमाया जा रहा है। यह बात बुधवार को नगर पालिका का औचक निरीक्षण करने पहुंचे अपर कलेक्टर दिनेश कुमार जैन ने नपा सीएमओ पीके द्विवेदी से कही। एडीएम ने जब सवाल किए तो अधिकारी से लेकर कर्मचारी तक बहानेबाजी करके पल्ला झाडऩे में जुट गए। इसी तरह एडीएम ने कलेक्टोरेट में शिक्षा विभाग के दफ्तर पर नजर डाली तो वहां भी कुर्सियां खाली ही मिलीं। यह भी मिले पीडि़त: पुरानी शिवपुरी तलैया बिलकिस बानो ने एडीएम को बताया कि मेरी बहू सायरा को 12 अक्टूबर 2013 को प्रसव हुआ था। मैने बीपीएल कार्ड लगाकर आवेदन दे दिया, लेकिन अभी तक नपा से पांच हजार रुपए का चेक नहीं दिया गया। कोई कुछ बताता भी नहीं है कि मैं कहां, किससे कहूं। 20 साल से नहीं बना कार्ड : लक्ष्मीनारायण धाकड़ ने बताया कि मैं करौंदी में 20 साल से परिवार सहित निवास कर रहा हूं। कई बार नगरपालिका में आवेदन दे दिया, लेकिन अभी तक मेरा राशनकार्ड नहीं बना।



तुम यहां क्या कर रहे हो... और जवाब नहीं दे पाया कर्मचारी

इसी बीच सामान्य शाखा देखने वाले आनंद भार्गव भी आ गए। उनसे पूछा कि तुम कहां और क्या कर रहे थे। वो कोई जवाब नहीं दे पाया। आवक-जावक की कुर्सियां खाली मिलीं। अंदर बने कमरे में स्कूलों की मान्यता व विधानसभा का काम देखने वाले महेश भटनागर से पूछा कि जिले में कितने निजी स्कूल हैं, तो वे हड़बड़ाते हुए बोले कि मुझे याद नहीं है, सूची देखकर बता पाऊंगा। एडीएम जब दूसरे कमरे में गए तो कुछ ही देर में जिला शिक्षा अधिकारी बीएस देशलहरा भी आ गए। डीईओ ने आते ही अपनी व्यस्तता व ऑफिस में कमियां गिनाना शुरू कर दिया। डीईओ कक्ष के अंदर वाले कमरे में कंप्यूटर सेट पर एक युवक बैठा था। डीईओ ने बताया कि ये क्रमोन्नति, पदोन्नति का काम देखते हैं। लेकिन वो युवक प्राइवेट तौर पर रखा गया कर्मचारी निकला, जबकि विभाग का कोई कर्मचारी उसकी मदद के लिए नहीं है। इस तरह के काम पर भी एडीएम ने आश्चर्य जताते हुए किसी वरिष्ठ कर्मचारी की निगरानी में कार्य कराने की नसीहत दी। कलेक्टोरेट के अन्य विभागों के कमरों में भी नजर दौड़ाने के बाद एडीएम अपने कक्ष की ओर चले गए।

शिक्षा विभाग में खाली मिलीं कुर्सियां

समय: दोपहर 12 बजे- स्थान: कलेक्टोरेट में शिक्षा विभाग दफ्तर

यह मिले हालात: डीईओ की कुर्सी खाली थी। समीप वाले कमरे में हैडक्लर्क ओपी गुप्ता बैठे थे। उनके पास की दो कुर्सियों पर दो कर्मचारी हाथ पर हाथ धरे बैठे थे, जबकि शेष कुर्सियां खाली थीं। खाली बैठे कर्मचारी शैलेंद्र जादौन ने बताया कि मैं छात्रवृत्ति का काम देखता हूंू। एडीएम ने पूछा कि तुम तो यहां कुर्सी पर बैठकर कुछ भी नहीं कर रहे, क्या तुम्हारा पूरा काम निपट गया। शैलेंद्र हड़बड़ा गया।



नगर पालिका परिषद में एडीएम से राशनकार्ड न बनने की शिकायत करती महिलाएं।

‘यह तो गलत है, इतना समय नहीं लगना चाहिए’

नपा सीएमओ बोले - एसडीएम ऑफिस से नहीं भेजी जाती सूची

समय: सुबह 11.15 बजे स्थान: नगरपालिका शिवपुरी

यह हुआ: एडीएम श्री जैन ने परिसर के आखिरी छोर पर स्थित ऑफिस में कर्मचारियों की अधिकांश कुर्सियां खाली मिलीं। नपा के मुख्य दफ्तर में भी कर्मचारी यहां-वहां बैठे नजर आए। एडीएम को अचानक ऑफिस में देख कर्मचारी अपनी-अपनी कुर्सियों की तरफ लपके। परिषद के सभाकक्ष में चल रहा राशनकार्ड ऑनलाइन फीडिंग व घर-मकान के सर्वे कार्य के संबंध में कर्मचारियों से जानकारी ली। राशनकार्ड बनाने की प्रक्रिया सभाकक्ष के सबसे अंदर वाले कमरे में चल रहा था। कर्मचारी ने बताया कि आवेदन आने के बाद पूरी प्रक्रिया में दो माह से अधिक समय लगता है। एडीएम ने कहा कि यह तो गलत है, इतना समय नहीं लगना चाहिए।



एडीएम के सभाकक्ष से बाहर निकलते ही महिलाओं ने उन्हें घेर लिया और अपनी रसीद व फार्म दिखाते हुए बताया कि हम महीनों से यहां बीपीएल कार्ड के लिए चक्कर लगा रहे हैं। हमें कोई यह बताता ही नहीं कि पहले वाला फार्म क्यों निरस्त हुआ और अब कार्ड कब तक बनेगा। इसी बीच सीएमओ पीके द्विवेदी भी वहां आ गए। एडीएम ने सीएओ से पूछा कि यहां महिलाएं व परेशान लोग घूम रहे हैं, उन्हें कोई सही जवाब देने वाला कर्मचारी ही नहीं बिठाया। आखिर जनता की यहां कौन सुनेगा। सीएमओ बोले कि एसडीएम ऑफिस से सूची नहीं भेजी जाती, इसलिए हम निरस्त होने का कारण नहीं बता पाते। एडीएम ने पूछा कि नगरपालिका में लोक सेवा केंद्र की खिड़की व आरटीआई के तहत जानकारी देने वाला सहायक सूचना अधिकारी कौन है? एचओ अशोक शर्मा व राजस्व अधिकारी सौरभ गौड़ ने कहा कि पुताई होने की वजह से वो सब छुप गया है। हम दोबारा लिखवा देंगे।