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आजाद नहीं होते तो आजादी भी नहीं होती : श्रीवास्तव
भास्कर संवाददाता - दतिया
आजाद नहीं होते तो आजादी भी नहीं होती। नेताजी जी सुभाषचंद्र बोस की देश की आजादी में महत्वपूर्ण भूमिका रही है। उन्होंने आजाद हिंद फौज का गठन किया और अंग्रेजी सरकार को हिला दिया। यह विचार गुरुवार को सेवानिवृत्त शिक्षक ओमप्रकाश श्रीवास्तव ने विवेकानंद नेहरू युवा मंडल के तत्वावधान में ग्राम बरोह के सरकारी प्राथमिक विद्यालय में नेताजी सुभाषचंद्र बोस की जयंती पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए बतौर मुख्य अतिथि व्यक्त किए।
कार्यक्रम की अध्यक्षता विद्यालय के प्रधानाचार्य ओमप्रकाश शर्मा ने की। विशिष्ट अतिथि के रूप में खेल युवा कल्याण विभाग के युवा समन्वयक संजय रावत मौजूद रहे। कार्यक्रम की शुरुआत नेताजी सुभाषचंद्र बोस के चित्र पर माल्यार्पण कर की गई। कार्यक्रम के दौरान विद्यालय की छात्राओं ने देशभक्ति पूर्ण गीत प्रस्तुत किए। छात्रा दीक्षा शर्मा ने ए मेरे वतन के लोगों गीत सुनाकर प्रथम स्थान प्राप्त किया। छात्रा राम भारती कुशवाहा हम लाए हैं तूफान से कश्ती निकालकर प्रस्तुत कर द्वितीय स्थान पर रहीं। छाया राजपूत जहां डाल-डाल पर सोने की चिडिय़ा करती हैं बसेरा प्रस्तुत कर तृतीय स्थान पर रहीं। इस दौरान ग्राम बरोह के स्वतंत्रता संग्राम सेनानी मुन्नालाल मिश्रा को नवांकुर संस्था मनोज रावत युवा एवं खेल अकादमी के द्वारा सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का संचालन शिक्षक अशोक शर्मा ने किया। आभार सरपंच प्रतिनिधि बनमाली लाल शर्मा ने व्यक्त किया। इस अवसर पर भगवान दास शर्मा, कैलाश राजपूत, सुदर्शन राजपूत, प्रवीण श्रीवास्तव, जितेन्द्र पंडा, महाराज सिंह अहिरवार, रामस्वरूप राजपूत आदि उपस्थित रहे।
नेताजी सुभाष चन्द्र बोस की जयंती के अवसर पर पुरस्कार ग्रहण करती छात्रा।