मौसम साफ, फसल को कीटों से खतरा
चना, मटर में इल्ली व मसूर सरसों में माहू का प्रकोप। तापमान बढऩे से तेजी से बढ़ेगी कीट व्याधि।
भास्कर संवाददाता - दतिया
मौसम साफ होते ही तेज धूप व बढ़ रहा तापमान फसलों में कीट व्याधि का कारण बन रहा है। जिले की दलहन व तिलहन की फसलों में कीट व्याधि शुरू हो गई। कीट व्याधि के लिए तापमान अनुकूल होने से फसलों में इसके तेजी से फैलने की संभावना बन रही है। कृषि वैज्ञानिक फसलों को कीट व्याधि से बचाने के लिए किसानों को देशी उपाय के साथ दवा का छिड़काव करने की सलाह दे रहे हैं।
दतिया शहरी क्षेत्र के किसान भागीरथ कुशवाह की सरसों की फसल में माहू का प्रकोप शुरू हो गया, तो भांडेर व इंदरगढ़ क्षेत्र से भी किसान कृषि वैज्ञानिकों के पास फोन पर फसल में कीट व्याधि लग जाने की शिकायतें कर रहे हैं। वर्तमान में मौसम साफ है। तापमान भी 20 से 30 डिग्री के बीच चल रहा है। सुबह के समय कोहरा होने से फसलों को नमी मिल रही है। यह वातावरण चना व मटर में इल्ली व सरसों व मसूर में माहू के लिए अनुकूल होता है।
दतिया। सरसों की लहलहाती फसल, जिसमें माहू लगने की संभावना है।
कीटों से फसल को बचाने किसान यह करें उपाय
सरसों व मटर की फसल में
(( माहू के प्रभाव के लिए))
माहू का प्रकोप खेत के किनारे से मुलायम तना व फूल वाली फसल से शुरू होता है। अगर किसान को खेत के किनारे खड़ी सरसों या मसूर की फसल पर माहू का प्रकोप नजर आ रहा है, तो किसान माहू के प्रकोप वाली फसल को उखाड़ कर जला दें या मिट्टी में गाड़ दें। इससे शेष फसल को व्याधि लगने से बचाया जा सकता है।
ञ्च इलीडाकलोफ्रिड 8.10 मिली दवा एक पंप में डाल कर फसल पर छिड़काव करें।
चना व मटर की फसल में
(( इल्ली के प्रभाव के लिए))
एक हेक्टेयर फसल के क्षेत्र में अंग्रेजी शब्द के टी आकार की 50 लकडिय़ां गाड़ दे। इन पर चिडिय़ां बैठेंगी। इल्ली चिडिय़ों का प्रिय भोजन है। इससे कीट व्याधि पर 50 से 60 फीसदी काबू पाया जा सकता है।
ञ्चकुनाइलफास 1.2 लीटर दवा का छिड़काव एक हेक्टेयर फसल में करें। कीट व्याधि समाप्त हो जाएगी।
॥ भांडेर व इंदरगढ़ क्षेत्र से कीट व्याधि की सूचनाएं आ रही है। दतिया ब्लाक के किसानों ने भी माहू की शिकायत की। कीटों के लिए मौसम अनुकूल है। अगर किसान ने समय रहते उपाय नहीं किए तो फसल को नुकसान हो सकता है। किसान बताए जा रहे उपाय कर फसलों को कीट व्याधि से बचा सकते हैं।ञ्जञ्ज
डॉ. बीएस कंसाना, कृषि वैज्ञानिक , कृषि विज्ञान केन्द्र दतिया
गया, तो भांडेर व इंदरगढ़ क्षेत्र से भी किसान कृषि वैज्ञानिकों के पास फोन पर फसल में कीट व्याधि लग जाने की शिकायतें कर रहे हैं। वर्तमान में मौसम साफ है। तापमान भी 20 से 30 डिग्री के बीच चल रहा है। सुबह के समय कोहरा होने से फसलों को नमी मिल रही है। यह वातावरण चना व मटर में इल्ली व सरसों व मसूर में माहू के लिए अनुकूल होता है।