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- ‘हर योजना अधूरी, यह बताओ कब तक कर पाओगे पूरी’
‘हर योजना अधूरी, यह बताओ कब तक कर पाओगे पूरी’
भास्कर संवाददाता - दतिया
गुरुवार को जिला योजना समिति की बैठक में प्रभारी मंत्री माया सिंह ने अफसरों को फटकार लगाते हुए कहा कि मैं यह देख रही हूं कि ज्यादातर योजनाओं के आगे लिखा है कि टेस्टिंग कार्य प्रगति पर है, आखिर यह टेस्टिंग कब तक चलती रहेगी? नल-जल योजनाएं कब तक चालू होंगी, इस संबंध में एक निश्चित तारीख दी जाए। न दो दिन आगे की और न दो दिन पीछे की।
शपथ के साथ बैठक का समापन
अंत में प्रभारी मंत्री श्रीमती सिंह ने सभी अधिकारी व बैठक में उपस्थित लोगों को नशा मुक्ति की शपथ दिलाई। शपथ के साथ बैठक का समापन किया गया।
दतिया। जिला योजना समिति की बैठक लेतीं प्रभारी मंत्री माया सिंह।
योजनाएं कब तक चालू होंगी, इसकी निश्चित तारीख दी जाए, इसके बाद कुछ नहीं सुना जाएगा।
भास्कर लाइव
अधिकारियों को यह निर्देश दिए
ञ्च उन्हें किसी भी मामले में जांच नहीं परिणाम चाहिए।
ञ्च पीडीएस पर पैनी निगाह रखो
ञ्च दतिया को विकसित करने के लिए प्लान तैयार करो। ताकि सीएम जब दौरे पर आएं तो उनसे दतिया के लिए विशेष पैकेज की मांग की जा सके।
जिला पंचायत सदस्य जगदीश रावत: ग्रामीण क्षेत्र की नल जल योजनाएं अधूरी हैं। लोग पानी को परेशान हैं?
प्रभारी मंत्री माया सिंह: ((पीएचई के ईई जितेन्द्र मिश्रा से)) मिश्रा जी, यह क्या चल रहा है। ज्यादातर योजनाओं के आगे लिखा है टेस्टिंग कार्य प्रगति पर है। अखिर यह टेस्टिंग कब तक चलेगी। मेरे खयाल से टेस्टिंग एक दिन में हो जाती है। योजनाएं कब तक चालू होगी, इसकी निश्चित तारीख दी जाए। इसके बाद कुछ नहीं सुना जाएगा। सख्त कार्रवाई होगी।
भांडेर विधायक घनश्याम पिरौनिया व सेंवढ़ा विधायक प्रदीप अग्रवाल: वर्ष 2007 में स्वीकृत हुए स्कूल भवन अधूरे हैं।
सर्व शिक्षा अभियान के उपयंत्री: लागत बढ़ जाने के कारण दिक्कत आ रही है।
माया सिंह: ((कलेक्टर से)) सरपंचों से वसूली की जाए। बढ़ी लागत को शासन से स्वीकृत कराया जाए।
जगदीश रावत: क्षेत्र के लिए वर्ष 2008-09 में 14 नल जल योजनाएं शासन ने स्वीकृत की थी। इन पर पांच करोड़ की राशि खर्च हो चुकी, लेकिन पानी नहीं मिला। पीएचई के ईई मिश्रा सुनवाई भी नहीं करते।
माया सिंह: ((ईई मिश्रा को फटकार लगाते हुए)) तय तिथि में योजनाएं चालू कीजिए। लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
जगदीश रावत: गोराघाट क्षेत्र के लिए सीएम ने 25 करोड़ की जलावद्र्धन योजना की घोषणा की थी। योजना का क्या हुआ?
पीएचई ईई: सर्वे में 62 गांव शामिल किए गए। जल निगम क्षरा काम कराया जाएगा।
भांडेर विधायक: भांडेर-सरसई मार्ग लंबे समय से अधूरा है।
पीडब्ल्यूडी ईई जीवी मिश्रा: भांडेर-सरसई रोड पर हाईकोर्ट का स्टे है। इसलिए टेंडर नहीं हो पा रहे हैं।
सेंवढ़ा विधायक: इंदरगढ़-कामद रोड पर अधूरा निर्माण हुआ है।
पीडब्ल्यूडी ईई: इंदरगढ़-कामद रोड के 10 फरवरी तक टेंडर हो जाएंगे।
माया सिंह: मिश्रा जी, जिले की सड़कों की हालत खराब है। शिकायतें हैं कि गुणवत्ता का ध्यान नहीं रखा जा रहा है।
पीडब्ल्यूडी ईई: नौ सड़कें खराब हैं। इन पर रेत-गिट्टी के क्रेशर हैं। ओवरलोड वाहनों से सड़कें खराब हो रही हैं। शासन के पास सड़कों के चौड़ीकरण व उन्नयन का प्रस्ताव भेजा है।
भांडेर विधायक: भांडेर-बागपुरा रोड पर खंदक है। यदि हादसा हुआ तो जिममेदारी पीडब्ल्यूडी की होगी।
पीडब्ल्यूडी ईई: मैं इसे दिखवाता हूं। अगर सड़क विभाग की है, तो शीघ्र मरम्मत हो जाएगी।
महिला बाल विकास अधिकारी: विभाग में कुछ पुराने स्थानीय लोग लंबे समय से हैं। स्टाफ कम है, काम में परेशानी आती है।
प्रभारी मंत्री: ऐसे लोगों के नाम आप मुझे दें।
प्रभारी मंत्री: ((डीएसओ ज्योति बघेल से)) पीडीएस व्यवस्था को लेकर शिकायतें बहुत हैं।
डीएसओ: थोड़ा बहुत गड़बड़ हो सकता है।
स्थानीय निवासी: उनाव के कन्या स्कूल में पानी भरा रहता है।
डीईओ केजी शुक्ला: उन्हें जानकारी है, तो प्रभारी मंत्री ने कहा क्या कार्रवाई की? इस पर वह चुप्पी साध गए।
प्रभारी मंत्री: डीईओ साहब! अपने बच्चों को हम अच्छे स्कूल में पढ़ाते है, उन्हें 10 बार देखते हैं। गांव के बच्चों की सुविधा का भी ख्याल रखो।
बैठक - जिला योजना समिति की बैठक में प्रभारी मंत्री माया सिंह ने पीएचई अफसरों को लगाई फटकार