- Hindi News
- पहाडग़ढ़ बीएमओ ने बिना प्राथमिक इलाज किया रैफर, महिला की मौत
पहाडग़ढ़ बीएमओ ने बिना प्राथमिक इलाज किया रैफर, महिला की मौत
मृतका का पति बोला- पहाडग़ढ़ अस्पताल में सही इलाज दिया जाता तो नहीं होती मेरी पत्नी की मौत।
भास्कर संवाददाता - मुरैना
पहाडग़ढ़ की आदिवासी महिला शिक्षक निरमा ((25)) की मंगलवार को प्रसव के बाद मौत हो गई। जच्चा का चेकअप करने वाली मुरैना जिला अस्पताल की डॉक्टर अभिलाषा गर्ग ने बताया कि पहाडग़ढ़ से मुरैना रैफर करने के दौरान महिला को आईवी सलाइन देकर नहीं भेजा गया। इससे जच्चा सॉक ((सदमे)) में चली गई और उसकी मौत हो गई। पहाडग़ढ़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में निरमा को सही इलाज मिल जाता तो बेहतर रहता।
जानकारी के अनुसार पहाडग़ढ़ निवासी निरमा पत्नी संजय आदिवासी की सास ने मंगलवार की दोपहर एक बजे घर पर ही निरमा का प्रसव करा दिया। प्रसव के बाद महिला को ब्लीडिंग होने लगी। निरमा की हालत बिगडऩे पर उसे उसके परिजन इलाज के लिए पहाडग़ढ़ स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले गए। वहां ऑन ड्यूटी नर्स मंगला सिकरवार ने जच्चा की हालत देखने के बाद ब्लॉक मेडिकल आफिसर डॉ. आरएस सिकरवार को स्थिति से अवगत कराया। बीएमओ ने जच्चा को फस्र्ट एड दिए बिना ही जिला अस्पताल के लिए रैफर कर दिया। दोपहर तीन बजे जच्चा निरमा को मुरैना लाने के बाद मेटरनिटी वार्ड में चेक कराया तो डॉक्टर अभिलाषा गर्ग व डॉ. मनीषा ने केस क्रिटिकल होने के कारण जच्चा को जिला अस्पताल की इमरजेंसी में रैफर कर दिया। इमरजेंसी ड्यूटी कर रहे डॉ. योगेश तिवारी ने महिला का चेकअप करने के साथ ही उसे मृत घोषित कर दिया।
आंगनबाड़ी कार्यकर्ता ने भी नहीं दिया ध्यान : पहाडग़ढ़ की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता ने इस बात पर ध्यान नहीं दिया कि उनके वार्ड में रहने वाली किसी गर्भवती महिला का समय पर टीकाकरण किया जाए और उसे संस्थागत सुरक्षित प्रसव के लिए निकट के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया जाए।
ब्लीडिंग से आई दिक्कत
जिला अस्पताल के मेटरनिटी वार्ड में ड्यूटी कर रहीं लेडी डॉक्टर अभिलाषा गर्ग का कहना है कि निरमा को पहाडग़ढ़ से रैफर करने के दौरान उसे आईवी सलाइन देकर नहीं भेजा गया। इससे उसका बीपी कम हो गया और सॉक में पहुंचने से महिला की मौत हो गई। केस को सैटल करने के बाद पहाडग़ढ़ से मुरैना रैफर किया जाता तो बेहतर होता। प्रसव के बाद निरमा का प्लेसेंटा ठीक से नहीं निकल पाया इस कारण उसे ब्लीडिंग हो रही थी।
जच्चा निरमा आदिवासी का जिला अस्पताल में चेकअप करते डॉ. योगेश तिवारी।
लापरवाही - मुरैना में डॉक्टर बोलीं- रैफर करने से पहले महिला को नहीं लगाई आईवी सलाइन
ठीक से इलाज होता तो नहीं जाती जान
मेरी पत्नी निरमा का पहाडग़ढ़ अस्पताल में ठीक से इलाज किया गया होता तो उसकी जान नहीं जाती।ञ्जञ्ज
संजय आदिवासी, शिक्षक पहाडग़ढ़
रैफर से पहले फस्र्ट एड दी गई थी
जच्चा निरमा आदिवासी को मुरैना रैफर करने से पहले फस्र्ट एड दी गई थी। प्लेसेंटा बाहर नहीं निकलने से उसे अधिक ब्लीडिंग हुई और उसकी मौत हो गई।ञ्जञ्ज
डॉ. आरएस सिकरवार, बीएमओ पहाडग़ढ़
मौत के मामले की जांच करा रहे हैं
आदिवासी शिक्षक निरमा की प्रसव के बाद मौत के मामले की जांच करा रहे हैं कि उसे पहाडग़ढ़ से मुरैना रैफर करने के समय क्या ट्रीटमेंट दिया गया था।ञ्जञ्ज
डॉ. जीएस राजपूत, सीएमएचओ मुरैना