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कागजों में संचालित मिले ग्राम आरोग्य केंद्र

7 वर्ष पहले
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गांव के लोगों को नहीं पता था कि उनके गांव में कहीं ग्राम आरोग्य केंद्र भी संचालित हो रहा है।
भास्कर संवाददाता - मुरैना
प्रसव के बाद शिक्षिका निरमा आदिवासी की मौत के बाद हरकत में आए स्वास्थ्य विभाग ने जिले के ग्राम आरोग्य केंद्रों की गतिविधियों की जांच कराई तो डॉक्टरों की टीम को एक सैकड़ा केंद्रों पर कोई काम नजर नहीं आया। निरीक्षण की रिपोर्ट सीएमएचओ डॉ. जीएस राजपूत को कार्रवाई के लिए प्रस्तुत कर दी गई है।
जानकारी के अनुसार ग्राम आरोग्य केंद्रों की पड़ताल के लिए सीएमएचओ डॉ. राजपूत ने दो दिन पहले डॉ. पीआर पेंढारकर, डॉ. अनुभा माहेश्वरी, डॉ. पद्मेश उपाध्याय, डॉ. मनीष शर्मा, डॉ. पीसी शाक्य व महेश गर्ग को पहाडग़ढ़ व जौरा जनपद क्षेत्र में भेजा तो केंद्रों पर स्वास्थ्य कर्मचारी उपस्थित नहीं मिले। गांव के लोगों से टीम ने बातचीत की तो कई लोगों को यह पता ही नहीं था कि उनके गांव में कहीं ग्राम आरोग्य केंद्र का संचालन भी हो रहा है। डॉक्टरों की टीम ने जिला मुख्यालय पर लौटकर सीएमएचओ को वस्तुस्थिति से अवगत कराया है।
गर्भवती महिलाओं की जांच नहीं : ग्राम आरोग्य केंद्रों पर गर्भवती महिलाओं की जांच, प्रसव से पहले व प्रसव के बाद में नहीं की जा रही हैं। टीकाकरण का काम भी स्वास्थ्य कर्मचारियों की मनमर्जी के हिसाब से चल रहा है।
खून की जांच नहीं होती : डॉक्टरों की टीम ने पाया कि ग्राम स्वास्थ्य केंद्रों पर किशोरियों के शरीर में रक्त की कमी को दूर करने के लिए उन्हें आयरन व फोलिक एसिड की टेबलेट नहीं बाटी जा रही हैं। सरदार वल्लभ भाई पटेल नि:शुल्क दवा वितरण योजना के तहत ग्राम आरोग्य केंद्रों से बीमार मरीजों को दवा का वितरण भी होना नहीं पाया गया।



कागजों में संचालित मिले केंद्र

सीएमएचओ द्वारा गठित डॉक्टरों की पांच सदस्यीय टीम को कन्हार, चिन्नोनी, परसौटा, घाड़ौर, सुजानगढ़ी व पचोख्रा सेक्टर के लगभग 100 ग्राम आरोग्य केंद्र सिर्फ कागजों में संचालित मिले। केंद्रों पर गांव के स्वास्थ्य से संबंधित कोई रिकार्ड उपलब्ध नहीं पाया गया। किसी भी आरोग्य केंद्र में ग्राम स्वास्थ्य व पोषण दिवस के आयोजन होना नहीं पाए गए। स्वास्थ्य ग्राम तदर्थ समिति को उपलब्ध कराए अनटाइड फंड के 10 हजार रुपए का सदुपयोग होना नहीं पाया गया।



वेतन रोकने के साथ व्यवस्थाएं बेहतर करने के दिए निर्देश

ग्राम आरोग्य केंद्रों के औचक निरीक्षण में जो कर्मचारी डॉक्टर्स टीम को बिना सूचना ड्यूटी से नदारद मिले हैं उनके खिलाफ वेतन रोकने की कार्रवाई की जा रही है। केंद्रों की व्यवस्थाओं को बेहतर करने के निर्देश बीएमओ को दिए गए हैं।ञ्जञ्ज

डॉ. जीएस राजपूत, मुख्य चिकित्सा अधिकारी

चिन्नोनी उपस्वास्थ्य केंद्र जहां स्टाफ अक्सर रहता है नदारद।

पहाडग़ढ़ से रैफर होकर मुरैना आई आदिवासी महिला की मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग आया हरकत में