रुपए दे दो, तो नहीं बदलेंगे आपका मीटर
भास्कर संवाददाता - डबरा
बिजली चोरी रोकने और लाइन लॉस कम करने के लिए खुले तारों की जगह केबल डालने और मीटर बदलने का कार्य किया जा रहा है। लेकिन केबल डालने के साथ ही ठेका कंपनी के कारिंदे विद्युत उपभोक्ताओं से अवैध वसूली कर रहे हैं। केबल डालने के बाद ठेका कंपनी के कारिंदे पुराने मीटरों को नहीं बदलने के नाम पर उपभोक्ताओं से दो सौ रुपए से पांच सौ रुपए तक की वसूली कर रहे हैं। जबकि केबल डालने के बाद नये डिजिटल मीटर लगाए जाने का प्रावधान हैं।
नगर में अभी बिजली वितरण के दौरान लाइन लॉस करीब 50 प्रतिशत है। इस लाइन लॉस को कम करने के लिए तथा बिजली चोरी रोकने के लिए आरएपीडीआरपी ((रिफॉर्म एसिलिरेटर पावर डव्लेपमेंट एंड रिफॉर्म प्रोग्राम)) योजना के तहत करीब 16 करोड़ रुपए की राशि से शहर में केबल डालने और मीटरों को बदलने का कार्य किया जा रहा है। साथ ही इस योजना के तहत नए ट्रांसफार्मर भी रखे जा रहे है और क्षतिग्रस्त टेढ़े-मेढ़े बिजली पोल को भी बदला जा रहा है। इस कार्य का ठेका ए टू जेड कंपनी को दिया गया है। लेकिन ठेका कंपनी के कारिंदों द्वारा मीटर बदलने के कार्य को कमाई का जरिया बना लिया है। कर्मचारियों द्वारा विद्युत उपभोक्ताओं से अवैध वसूली की जा रही है। जिस क्षेत्र या मोहल्ले में केबल डाली जाती है, उस क्षेत्र के उपभोक्ताओं से ठेका कंपनी के कारिंदों द्वारा पुराने मीटर नहीं बदलने के नाम पर दो सौ रुपए से पांच रुपए तक की अवैध वसूली की जा रही है। इसी माह सराफा बाजार में भी केबल डालने के बाद कई उपभोक्ताओं के मीटरों को बदला ही नहीं गया है। कई उपभोक्ताओं के यहां तो घर के अंदर ही मीटर लगे हुए हैं, जबकि घरों के बाहर मीटर लगाए जाने का प्रावधान है।