जर्जर मार्ग, परेशानी का सबब
भास्कर संवाददाता - पिपलौदा
जावरा-सैलाना मार्ग निर्माण की धीमी रफ्तार ग्रामीणों के लिए मुसीबत बन गई है। वैकल्पिक मार्ग जर्जर होने से राहगीर परेशानियों से
रूबरू हैं। आए दिन वाहन चालक दुर्घटनाग्रस्त हो रहे हैं। बारिश ने कीचड़ कर दिया है। वाहन फिसल रहे हैं।
सैलाना से जावरा तक 40 किमी मार्ग
निर्माण की मंद गति दुर्घटना का कारण बन रही है। काम दो टुकड़ों में हो रहा है। पिपलौदा से जावरा २० व सैलाना से जावरा २० किमी का निर्माण होना है। वैकल्पिक रास्ते नहीं होने से लोग मिट्टी और कीचड़ से पटे रास्ते से गुजरने को मजबूर हैं। इस पर तहसील कार्यालय, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, कृषि उपज मंडी होने से सैकड़ों लोगों का रोज आना-जाना होता है।
सैलाना-जावरा मार्ग पर फैला कीचड़।
तीन महीने में आधा काम भी नहीं
सैलाना-जावरा के लगभग 4० किमी मार्ग का निर्माण मार्च तक पूरा होना है। अक्टूबर से शुरू हुआ काम अब तक 40 फीसदी भी नहीं हुआ है।
तहसीलदार को लिखा पत्र
॥पिपलौदा से जावरा तक के २० किमी मार्ग निर्माण की गति काफी धीमी है। रास्ता खराब होने से मरीजों को भी परेशानी होती है। मिट्टी व कीचड़ के कारण एम्बुलेंस को भी निकालने में दिक्कत होती है। तहसीलदार को पत्र लिखकर अवगत कराया है।ञ्जञ्ज
आर.सी. वर्मा, ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर
सफाई कराएंगे
॥सैलाना-जावरा मार्ग निर्माण तीव्र गति से चल रहा है। बारिश के कारण कीचड़ हो गया है जिससे काम रुका है। मशीन से मार्ग की सफाई कराई जाएगी।ञ्जञ्ज
राकेश पाल, इंजीनियर दिलीप बिल्डकॉन