मां के आशीर्वाद से दूर होते हैं कष्ट
भास्कर संवाददाता - मनासा
नारी शक्ति का अवतार है, नारी पूजनीय है, सम्माननीय और हमारे ग्रंथों में नारी को देवी कहा है। हमारी मां देवी भगवती का रूप है। माता के आशीर्वाद से
कष्ट दूर होते हैं।
यह बात स्वामी दिव्यानंद तीर्थ महाराज ने कही। वे शुक्रवार को रामद्वारा में श्रीमद् देवी भागवत कथा कर रहे थे। उन्होंने कहा जो लोग माता-पिता का दिल दुखाते हैं उनका अपमान करते हैं वे जीवन भर दु:ख पाते हैं। अगर भारी कष्ट हो, परेशानी हो तो बंद कमरे में भगवान को याद करना। अपना सारा दु:ख भगवान को सौंप देना। फिर देखना पलभर में कष्ट दूर हो जाएगा। अगर सगुण को मानते हो तो मंदिर में भगवान की प्रतिमा के सामने बैठकर सारा दु:ख सुनाना। भगवान दु:ख दूर कर देगा। अगर सगुण-निर्गुण में विश्वास न हो तो अपनी माता को परेशानी बताना। मां का हाथ सिर पर आते ही परेशानी दूर हो जाएगी। संसार में गुरु, माता और पिता ही मददगार हो सकते हैं। संसार के बाद परमपिता परमात्मा ही आपकी रक्षा कर सकता है। रामायण में बताया है विभीषण ने भगवान श्रीराम से कहा आप ही मेरे रक्षक, पालक और पोषक हैं। आप के सिवाय मेरा कोई नहीं है। भगवान ने विभीषण को लंका का राजा बना दिया। पुत्र मोह दु:ख का कारण होता है। जब तक देश में सदाचार की स्थापना नहीं होगी तब तक भ्रष्टाचार नहीं मिट सकता। कथा सुनने बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे।
कथा सुनती महिलाएं। इनसेट-भजन गाते संतश्री भीमाशंकर शर्मा।
रामद्वारा में कथा सुनते श्रद्धालु। इनसेट-कथा करते स्वामी दिव्यानंद तीर्थ महाराज।