‘इच्छा है, पार्टी टिकट देगी तो लडूंगा’
ञ्चभाजपा किसान मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष बंशीलाल गुर्जर ने मीडिया से कहा ञ्चआज भाजपा मनाएगी किसान अधिकार दिवस ञ्चमांगें न मानी तो 7 को किसान बैठेंगे पटरी पर
सिटी रिपोर्टर - मंदसौर
लोकसभा चुनाव होने को है। भाजपा को छोड़ अन्य राजनीतिक दलों के एजेंडे से किसानों के मुद्दे गायब हैं। किसान मोर्चा 30 जनवरी को गांधीजी की पुण्यतिथि पर किसान अधिकार दिवस मनाएगा। देश के सभी 618 जिला केंद्रों पर यूपीए सरकार के खिलाफ धरने देंगे। मांगें नहीं मानी तो 7 फरवरी को पटरी पर बैठकर रेल रोकेंगे। मैं बरसों से संगठन का कार्यकर्ता रहा हूं। पार्टी लोकसभा में टिकट देती है तो मैं तैयार हूं। मेरी चुनाव लडऩे की इच्छा है।
यह बात भाजपा किसान मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष बंशीलाल गुर्जर ने बुधवार को मीडिया से कही। उन्होंने बताया यूपीए सरकार के 9 साल 8 माह के कार्यकाल में किसानों की हालत बदतर हुई। केंद्र सरकार ने किसान आयोग की सिफारिशों को लागू तक नहीं किया। पीएम मनमोहनसिंह मुंह खोलने तक को तैयार नहीं है। एग्रीकल्चर में रिस्क मैनेजमेंट पर काम होना चाहिए। 2003 में भाजपा सत्ता में आई तो उस समय प्रदेश के 7 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई होती थी जबकि पिछले वर्ष तक सिंचाई रकबा बढ़कर 27 लाख हेक्टेयर तक पहुंच गया है। केंद्र सरकार ने कर्ज माफी योजना में पात्रों की सुध नहीं ली। किसान मोर्चा अध्यक्ष गुर्जर ने कहा देश की आबादी का 65 फीसदी भाग कृषि करता है वह केंद्र की नीतियों के कारण खेती से पलायन कर वैकल्पिक धंधे की ओर बढ़ रहा है। 50 साल पहले कृषि लागत एवं मूल्य आयोग के फार्मूले पर ही अमल हो रहा है। किसानों की आत्महत्या के लिए मनमोहनसिंह, राहुल गांधी, सोनिया गांधी व केंद्र सरकार सीधे तौर पर जिम्मेदार है। यूपीए शासन में खाद के दाम तीन गुना बढ़ गए। सरकार ने प्राकृतिक आपदा से हुई नुकसानी में पहले भी राहत दी है। भाजपा जिलाध्यक्ष सुधीर गुप्ता, मंडी अध्यक्ष रमादेवी गुर्जर, किसान मोर्चा प्रदेश कार्यालय मंत्री हिम्मत डांगी भी मौजूद रहे।
पोस्तादाना आयात, बंद हो, अफीम भाव 15 हजार करें
गुर्जर ने कहा अफीम का भाव 15 हजार रुपए प्रतिकिलो होना चाहिए। केंद्र सरकार टर्की से अवैध पोस्तादाना का आयात करा रही है। यही वजह है कि अफीम किसानों की लागत नहीं निकल रही। पोस्तादाना अफगानिस्तान व पाकिस्तान में अवैध तौर पर की जाने वाली खेती का वेस्ट मटेरियल है। अत: पोस्ते के आयात को सरकार बंद करें। खाद्य सुरक्षा कानून मंडी व्यापारियों के लिए व्यावहारिक नहीं है।