बड़े अस्पताल में हेराफेरी!
संजय जैन - मंदसौर
अस्पताल में एक नया मामला सामने आया। पिछले दिनों अस्पताल की अनुपयोगी सामग्री के टेंडर हुए थे। बुधवार को सामान ले जाने के दौरान जो कुछ दिखा। उससे पूरी प्रक्रिया पर सवालिया निशान लग गए। दोपहर 3.45 बड़े अस्पताल के पिछले दरवाजे पर लोडिंग खड़ा था। इसमें एसी टेबल-कुर्सी, बड़ी व छोटी लाइटें थीं। चालक के पास चालान में इनका जिक्र नहीं था। सूची में जिनका जिक्र था उनकी संख्या नहीं लिखी थी। रोगी कल्याण समिति सचिव, सह सिविल सर्जन सह मुख्य अस्पताल अधीक्षक कार्यालय से जारी चालान एक ओर गंभीर मामले की ओर इशारा कर रहा है। इसमें सामग्री के नाम, स्वीकृत निविदा दरों का जिक्र है लेकिन सामान की संख्या की जानकारी नहीं है। ‘भास्कर’ ने खरीदार से लेकर अधिकारियों से सवाल किए तो सभी कन्नी काटते दिखे।
चालान में यह दर्ज था-जिला अस्पताल से 7 जनवरी 14 को अनुपयोगी सामान की बिक्री के लिए निविदा जारी की थी। यह जावरा के बोहरा बाखल निवासी अब्दुल कादर यूसुफ अली के नाम रही। अनुपयोगी सामान की सूची में माइक्रोस्कोप बड़ा के सामने स्वीकृत निविदा दर 1250 लिखी है। लेकिन कुल संख्या नहीं लिखी। माइक्रोस्कोप छोटा के सामने 1250 प्रति नग लिखा है। लेबर टेबल 600 प्रति नग व पुराने एसी ((चालू व बंद)) की कीमत 4500 रुपए प्रति नग दशाई है।