- Hindi News
- पीएस के दौरे को लेकर अलर्ट, 15 से पहले आएंगे
पीएस के दौरे को लेकर अलर्ट, 15 से पहले आएंगे
सिटी रिपोर्टर - मंदसौर
स्वास्थ्य विभाग की पीएस के जिला अस्पताल के प्रस्तावित दौरे को लेकर अब सब कुछ ठीक होने लगा। डॉक्टर, नर्स व अस्पताल स्टाफ ड्रेस कोड का पालन करने लगा। वार्डों में मरीजों की बेडशीट साफ-सुथरी दिखने लगी हैं। अस्पताल परिसर में वाहन पार्किंग से लेकर सफाई इंतजामों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
जिला अस्पताल सहित ब्लॉकों की स्वास्थ्य सेवाओं को परखने के लिए स्वास्थ्य विभाग के पीएस प्रवीर कृष्ण के प्रस्तावित दौरे को लेकर स्टाफ अलर्ट है। अकसर अस्पताल में दिखने वाले बदइंतजामों में मरीजों का समय पर उपचार न होना, डॉक्टरों के इंतजार में लंबी कतार, पर्ची काउंटर पर अटेंडर से लेकर बिगड़ी पार्किंग पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। अस्पताल के अलावा नारायणगढ़, मल्हारगढ़, धुंधड़का, गरोठ, भानपुरा, शामगढ़, सीतामऊ सहित अन्य स्थानों पर दौरे को लेकर सुधार इंतजामों की हलचल दिखी रही है। प्रभारियों को आदेश जारी किए जा चुके हैं। वे कमी वाले संसाधनों की रिपोर्ट तैयार रखें ताकि वरिष्ठ अधिकारी को अवगत करा सके। संचालित एंबुलेंस व अन्य सुविधाओं संबंधी एंट्री व रिकॉर्ड अपडेट किया जा रहा है।
प्रस्तावित कार्यक्रम आया
॥प्रस्तावित कार्यक्रम अनुसार पीएस 15 फरवरी के पहले कभी भी अस्पतालों, स्वास्थ्य केंद्रों के हालातों को परखने आ सकते हैं।ञ्जञ्ज
डॉ. प्रदीप शर्मा, सीएमएचओ जिला अस्पताल
लेटर में डायटिशियन को विशेष कोड किया
सिविल सर्जन व रोकस सचिव डॉ. वर्मा द्वारा निविदाकर्ता अब्दुल कादर यूसुफ अली के नाम से जारी पत्र में डायटिशियन अभय जैन बंडी का विशेष कोड किया है। प्रतिलिपि कॉलम में लिखा है कि ‘डायटिशियन जिला अस्पताल की ओर से भेजकर लिखा जाता है कि वे निविदाकर्ता से उपरोक्त सामग्री की राशि कार्यालय में जमा कराने के बाद संबंधित को सुपुर्द करें।’
ऐसे हुआ घटनाक्रम
बुधवार दोपहर 3.45 बजे अस्पताल के पिछले गेट पर सामान से भरा लोडिंग वाहन खड़ा दिखा। वाहन के पास जावरा निवासी अब्दुल कादर यूसुफ अली दिखे। अन्य सामान देख ‘भास्कर’ के सवाल पर वे बोले ये सामान तो जावरा में रिपेयरिंग के लिए ले जा रहे हैं वापस लाएंगे। यह कहकर वे अस्पताल में चले गए। इस संबंध में ड्राइवर से पूछा कि आप सामान किस आधार पर ले जा रहे हैं तो उसने चालान दिखा दिया। बाद में खरीदार अब्दुल कादर अस्पताल के डायटिशियन अभय जैन बंडी के पास खड़े दिखे। अभय से सवाल किए तो उनका जवाब था अन्य सामान की एंट्री कर रहे हैं। ये तो पुराना सामान है। ‘भास्कर’ ने लोडिंग वाहन में रखे अन्य सामान में कुर्सी, स्टैंड, बड़ी लाइटों का जिक्र किया तो बंडी बोले हां वो एंट्री भी मैं अभी कर रहा हूं। जबकि बंडी का मूल काम डायटिशियन का है।
अस्पताल परिसर में खड़ा लोडिंग वाहन।
भास्कर पड़ताल के बाद चालक संबंधित कर्मचारी के पास पहुंचा और सामान की एंट्री चालान पर कराने लगा। फोटो भास्कर