पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • गरोठ अस्पताल में ही हो सकेगी खून की व्यवस्था

गरोठ अस्पताल में ही हो सकेगी खून की व्यवस्था

7 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
भास्कर संवाददाता - गरोठ
लंबे समय से बंद पड़ा ब्लड स्टोरेज सेंटर चालू होगा। लाइसेंस रिन्युअल होकर आ गया है। साथ ही इसे चलाने के लिए ऑटो कट जनरेटर की खरीदी की तैयारियां शुरू हो गई है। एक पखवाड़े में चालू करने की योजना अस्पताल प्रबंधन ने बनाई है।
पांच साल पहले अस्पताल में स्थापित हुए ब्लड स्टोरेज सेंटर चालू होगा। चालू करने की तैयारियां पूरी हो चुकी है। जल्द मरीजों को लाभ मिल सकेगा। खून की कमी के कारण फिर कोई मरीज अस्पताल से रैफर नहीं होगा। अब तक खून की कमी के कारण कई मरीज रैफर हो गए हैं। 27 जनवरी को सेंटर का लाइसेंस रिन्युअल हो कर आ गया है। अस्पताल प्रबंधन ने सेंटर में खून सहेज कर रखने की व्यवस्थाएं जुटाना शुरू कर दी है।



भास्कर ने उठाया था मुद्दा

अस्पताल में ब्लड स्टोरेज सेंटर 2008 में स्थापित किया था। तब से ही यह बंद है। खून की कमी से मरीजो को होने वाली परेशानी के बारे में कई बार भास्कर ने प्रकाशित किया। इसके कारण प्रबंधन ने इस सेंटर को चालू करने के लिए संसाधन जुटाए।

फ्रीज और चाहिए

॥ब्लड स्टोरेज सेंटर पूरी तरह तैयार है। एक बड़ा फ्रीज और चाहिए। शासन को लिखेंगे। जल्द मरीजों को सेंटर का लाभ मिलने लगेगा।ञ्जञ्ज

डॉ. संजय शर्मा, बीएमओ

11 से हो सकता है चालू

जानकारी के अनुसार ब्लड स्टोरेज सेंटर 11 फरवरी से चालू हो सकता है। अस्पताल प्रबंधन की माने तो इस दिन यहां एक बड़ा रक्तदान शिविर लग रहा है। इसमें दो सौ लोगों द्वारा रक्तदान किया जाएगा।

इन्होंने ली थी ट्रेनिंग

बीएमओ डॉ. संजय शर्मा

लैब टेक्नीशियन विमल मीणा

टीबी सुपरवाइजर सतीश शर्मा



ये होंगे फायदे

ञ्च सरकारी अस्पताल से खून की कमी के कारण रैफर करने वाले सभी मरीजों को इलाज मिल सकेगा।

ञ्च मरीजों को रैफर करने की स्थितियां कम बनेगी।

ञ्च प्रसूताओं को सबसे अधिक फायदा होगा। सबसे अधिक खून की कमी के कारण वे ही रैफर होती हैं।

ञ्च कुपोषित बच्चों को आसानी से खून मिल सकेगा।