- Hindi News
- आधी सदी बाद भी पहुंचे तो केवल खंभे और डीपी
आधी सदी बाद भी पहुंचे तो केवल खंभे और डीपी
जावद से भले ही प्रदेश को बिजली मिलने का दावा किया जा रहा हो लेकिन क्षेत्र के दो गांव अब भी बिजली को तरस रहे हैं। एक गांव में सालभर पहले खंभे पहुंचे तो दूसरे में छह माह पहले डीपी लगी लेकिन बिजली नहीं पहुंची।
राकेश सोन/मुकेश माहेश्वरी - नीमच/सिंगोली
आजादी की आधी सदी बाद भी बिजली के लिए तरस रहे गांव हैं सिंगोली के सुतारों की बड़ी और बेतरों का झोपड़ा। दोनों गांव सड़क मार्ग से 2-3 किमी दूर है, बावजूद बिजली नहीं है। गांवों में कुछ लोग संपन्नता के बल पर दूसरे गांवों से तार खींचकर बिजली ले आए। इन दो-चार मकानों को छोड़ दें तो बाकी गांव में अंधेरा है। सड़क के नाम पर पथरीला रास्ता और शिक्षा के नाम पर प्राथमिक स्कूल। बेतरों के झोपड़ों में सालभर पहले बिजली के खंभे पहुंचे। तार का इंतजार आज भी ग्रामीणों को है। सुतारों की खेड़ी में डीपी लगा दी है लेकिन कनेक्शन नहीं दिए।
सड़क-बिजली न पानी
मूलभूत सुविधा सड़क, बिजली और पानी ग्रामीणों के पास नहीं है। ग्रामीण कहते हैं नेता वोट मांगने आते हैं, फिर भूल जाते हैं। हमने भी चक्कर लगाना छोड़ दिया है।
वादे किए पर निभाए नहीं
जनप्रतिनिधियों ने वादे किए लेकिन बिजली नहीं पहुंचाई। डीकेन के वेलस्पन सोलर प्लांट से रोज 130 मेगावाट बिजली प्रदेश को दी जा रही है फिर भी लोग बिजली के लिए तरस रहे हैं।
ग्रामीणों का दर्द
पूरी उम्र गुजर गई, बिजली नहीं आई
॥क्या करें साहब, पूरी उम्र गुजर गई, गांव में बिजली नहीं आई। बार-बार फरियाद लगाई पर सुनवाई नहीं हुई। अब तो बिना बिजली के आदत हो गई है।
खाना जी, ग्रामीण, सुतारों की बड़ी
अंधेरा ही जीवन
॥अब तो अंधेरा ही जीवन बन गया। बिजली तो क्या सड़क और पानी की सुविधा भी नहीं है।
नानीबाई ग्रामीण
मैं खुद हार गया
॥क्या बताऊं, मैं खुद हार गया हूं। ग्राम बड़ी पंचायत में दोनों गांव आते हैं, कई बार सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाए। हर बार आश्वासन मिला। एक गांव में खंभे लगाए तो दूसरे में डीपी। आज भी दोनों गांव बिजली के लिए तरस रहे हैं।
रामलाल गुर्जर, सरपंच, ग्राम पंचायत बड़ी
जल्द तेज होगा काम
॥ऐसे छोटे गांव जो बिजली से दूर हैं। वे अब जल्द बिजली से जुड़ेंगे। राजीव गांधी विद्युतीकरण योजना के तहत गांवों को जोड़ा जा रहा है। कुछ साधन-संसाधन की कमी के कारण काम अटके हैं लेकिन जल्द ही पूरे हो जाएंगे। दोनों तक बिजली जल्द पहुंचेगी।
ओपी मौर्य, अधीक्षण यंत्री, पश्चिम विद्युत वितरण कंपनी
२५० की आबादी वाले गांव बेतरों का झोपड़ा में सालभर पहले लगे खंभे।
३०० की आबादी वाले गांव सुतारों की बड़ी में छह माह पहले लगी डीपी।