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जनता की फिक्र है तो रसौई गैस सिलेंडर से टैक्स हटाए सरकार
सिटी रिपोर्टर - नीमच
मप्र में रसोई गैस का सिलेंडर सबसे महंगा है। वैट और एंट्री टैक्स के कारण अन्य राज्यों की तुलना में उपभोक्ताओं को हर सिलेंडर पर 90 रुपए ज्यादा देने पड़ रहे हैं। उपभोक्ताओं का कहना है कि रसोई गैस रोजमर्रा की वस्तु है। अगर जनता की फिक्र है तो टैक्स हटाएं।
शराब पर बढ़ाएं टैक्स
॥यदि सरकार टैक्स बढ़ाना चाहती है तो शराब बढ़ाए। रोजमर्रा की वस्तुओं पर नहीं। इससे सरकार की सकारात्मक छवि बनेगी।
शिवा मित्तल
॥हम देश के महंगे राज्य में रहते हैं। यहां न केवल गैस पर बल्कि पेट्रोल, डीजल सभी चीजों पर सबसे ज्यादा टैक्स है।
प्रीति ऐरन
॥टैक्स के नाम पर जनता के साथ धोखा है। अगर सरकार को जनता की फिक्र है तो रसोई गैस पर टैक्स खत्म करना चाहिए।
निकिता गर्ग
॥लोगों को इस बारे में जानकारी नहीं है। इसलिए सरकार मर्जी से टैक्स वसूलती है। इतना ज्यादा टैक्स जनता के साथ डकैती है।
सिम्पल बिंदल
॥छत्तीसगढ़ में शून्य फीसदी टैक्स है तो मप्र में क्यों नहीं हो सकता। आम आदमी पर टैक्स का इतना बोस क्यों डालकर रही प्रदेश सरकार।
अंतिमा सोनी
॥चावल और गेहंू को सरकार एक रुपए किलो कर सकती है तो रसोई गैस महंगी क्यों। गैस नहीं हुई तो पकाएंगे कैसे। अब क्या फिर उन्हें कच्चा ही खाएं।
दीपक गोयल
॥आश्चर्यजनक खुलासा भास्कर ने किया है। मप्र की सरकार जनता से इतना टैक्स वसूल रही है। अगर अभी भी जनता की चिंता है तो सरकार को टैक्स तत्काल हटाना चाहिए।
सुनील सिंहल
॥दैनिक उपयोगी जैसी वस्तूएं तो टैक्स फ्री होना चाहिए। जमाखोरी बंद हो तो महंगाई अपने आप ही कम होगी। पहले ही महंगाई से परेशान हैं।
शैलेंद्र सेठी
॥लोगों की जेब काटकर सरकार विकास करना चाहती है तो ऐसा विकास नहीं चाहिए। रसौई के दाम कम करके सरकार को टैक्स हटाना चाहिए।
शरद जैन
॥सरकार हमदर्द बनने का दावा करती है पर हकीकत में लोगों का दर्द बढ़ा है। फिजुलखर्चे पर लगाम लगाकर सिलेंडर से टैक्स हटाना चाहिए।
संदीप चौधरी