विपक्ष बिफरा, पक्ष पार्षद भी नाराज
भास्कर संवाददाता - जावरा
नगरपालिका परिषद सम्मेलन में निजामत कम्पाउंड और सांसद-विधायक निधि से काम नहीं होने की बात पर विपक्ष बिफर गया। हंगामे के चलते १५ मिनट सम्मेलन स्थगित करना पड़ा। सम्मेलन शुरू हुआ तो एक विषय को छोड़ बाकी प्रस्ताव पारित हो गए। घटिया निर्माण के बाद ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई नहीं होने से सत्तापक्ष के एक पार्षद नाराज हो गए। उन्होंने सदन में विरोध दर्ज करने के साथ ही पक्ष की बैठक में तीखे तेवर दिखाए।
बुधवार सुबह ११ बजे नपा सम्मेलन शुरू हुआ। एजेंडे के विषयों पर चर्चा के पहले ही नेता प्रतिपक्ष कुतुबुद्दीन सैफ, कांग्रेस पार्षद जगदीश चतवाणी, इब्राहिम मंसूरी ने हंगामा कर दिया। सांसद प्रतिनिधि धरमचंद चपड़ोद, निर्दलीय पार्षद सुशील कोचट्टा ने नपाध्यक्ष निर्मला हाड़ा से पूछा निजामत कम्पाउंड परिसर स्थित नपा के गोदाम के ताले टूटने पर क्या कार्रवाई हुई। वहां कुछ लोगों ने कब्जा भी कर लिया लेकिन नपा चुप्पी साधे बैठी है। नपाध्यक्ष ने कहा गोदाम में भरी लकडिय़ां व अन्य सामान लेने के लिए जो व्यक्ति सामने आएगा, उसके खिलाफ एफआईआर करवाएंगे।
नामांतरण का विषय निरस्त
१५ मिनट बैठक स्थगित रहने के बाद फिर से सम्मेलन चला। इसमें नीमचौक की विवादित संपत्ति के नामांतरण के लिए आवेदक जफरउल्ला खान उर्फ चांद मियां के प्रकरण को खारिज कर दिया गया। निर्णय हुआ कि पहले आवेदक उत्तराधिकारी प्रमाण-पत्र लाए। मामला कोर्ट में चल रहा है, वहां से निराकरण होने के बाद ही विषय को फिर से परिषद में लाएंगे। राजस्व समिति अध्यक्ष सुमन मेहता ने भी समर्थन किया।
इन विषयों पर हुई बहस
ञ्च कच्चे सुविधाघर की जगह नए सुविधाघर बनाने वाले ठेकेदारों को अब तक हुए काम की राशि भुगतान करने व बाकी काम के लिए स्थानीय ठेकेदार को रिटेंडर करने के प्रस्ताव पर सर्वानुमति से निर्णय हुआ। पहले जो काम हुआ उसका वेरिफिकेशन करेंगे। कच्चे सुविधाघर के साथ ही जिन लोगों के यहां सुविधाघर नहीं हैं, उन्हें भी योजना में शामिल कर रिटेंडर करेंगे।
ञ्च वार्ड १६ में रतलामीगेट से खिड़की दरवाजा तक शहरपनाह की दीवार के पास डामरीकरण करेंगे। पार्षद इब्राहिम मंसूरी ने रोड सहारे नाली निर्माण की मांग की। दीवार ढहाकर विकास करने की बात कही।
नपाध्यक्ष निर्मला हाड़ा के सामने विरोध दर्ज करते विपक्ष पार्षद।
आपा खो बैठे पक्ष के पार्षद
सम्मेलन स्थगित होने के बाद नपाध्यक्ष के कक्ष में पक्ष की बैठक हुई। वार्ड १७ के भाजपा पार्षद गोपाल मोदी आपा खो बैठे। बकरकसाबपुरा में डेढ़ साल पहले साढ़े तीन लाख से सीमेंट-कांक्रीट रोड बना था। यह छह महीने में ही उखड़ गया। पार्षद मोदी ने घटिया निर्माण के लिए ठेकेदार पर कार्रवाई की मांग की थी। नपा ने ध्यान नहीं दिया। बुधवार को सम्मेलन के दौरान मोदी ने पूछा कि ठेकेदार पर कार्रवाई क्यों नहीं हुई। जब सत्तापक्ष की बैठक हुई तो नपाध्यक्ष ने कहा कि आप सत्तापक्ष के विरोध में क्यों बोले। इस पर मोदी भड़क गए। उन्होंने कहा एक तो डेढ़ साल से कार्रवाई नहीं की और मैंने पूछा तो मुझे ही दबा रहे हैं। ये कहते हुए मोदी कक्ष से बाहर निकल गए। मुश्किल से एल्डरमैन मनोहर पांचाल उन्हें समझाकर अंदर लाए।
सांसद-विधायक पर टिप्पणी से बिफरे कांग्रेसी
पार्षद सैफ के साथ ही सलमा डेविड, उपनेता रशीदा बी, ओ.पी. धाकड़, बब्बन रजा ने कहा ६ महीने पहले ११ वार्डों में विकास कार्यों के लिए विधायक निधि से १८ लाख और सांसद निधि से ढाई-ढाई लाख हर वार्ड के लिए स्वीकृत हुए। इस राशि से अब तक काम नहीं हुआ। उपाध्यक्ष अनिल दसेड़ा ने चुटकी ली आपके सांसद-विधायक ने तो केवल कांग्रेस वार्डों में ही पैसा दिया और भेदभाव किया। जो राशि दी वह भी कम है। इस पर विपक्ष बिफर गया। काफी हंगामा हुआ। नपाध्यक्ष, उपाध्यक्ष ने विपक्ष को जवाब दिया कि जो राशि स्वीकृत हुई उससे अधिक के एस्टीमेट बने हैं। कम राशि में अधूरा काम नहीं करवा सकते। अतिरिक्त राशि स्वीकृत करने या कम पड़ रही राशि निकाय से मिलाकर काम करने। जो राशि है उससे जितना हो सके उतना काम करने की स्वीकृति के लिए कलेक्टर को प्रस्ताव भेजा है। स्वीकृति मिलने पर काम शुरू करेंगे। विपक्ष ने हंगामा बंद नहीं किया तो दोपहर १२.३० बजे कार्रवाई स्थगित कर दी गई।