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सीएमएचओ की प्रताडऩा से तंग आकर डॉ. राठौर का इस्तीफा

7 वर्ष पहले
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भास्कर संवाददाता - जावरा
रिंगनोद के एक संविदा डॉक्टर ने सीएमएचओ पर अनावश्यक रूप से परेशान करने का आरोप लगाते हुए इस्तीफा दे दिया। डॉक्टरों की कमी से जूझ रहे जावरा ब्लॉक के लिए ये बड़ा झटका है। सीएमएचओ ने आरोप को गलत बताया।
रिंगनोद प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के डॉ. विक्रमसिंह राठौर ने गुरुवार दोपहर सीएमएचओ डॉ. पुष्पेंद्र शर्मा को बीएमओ डॉ. विनोद लाहिरी के मार्फत इस्तीफा भेजा। इसमें सीएमएचओ को स्वघोषित महामहिम की उपाधि देते हुए डॉ. राठौर ने लिखा मैं 10 साल से जावरा ब्लॉक में नाममात्र वेतन ((पहले 8 साल 15 हजार और दो साल से 20 हजार रुपए प्रतिमाह)) पर सेवा दे रहा हूं। वेतन की कमी का एहसास तो शुरू से था फिर भी जनता की सेवा और सम्मान के भ्रम में सेवा देता रहा। आपके तानाशाही रवैये और तुगलकी फरमान ने मेरा भ्रम तोड़ दिया है। अब मैं सेवा देने का इच्छुक नहीं हूं। मेरा चार महीने का बकाया वेतन, दो साल की सेवा के यात्रा भत्ते, ड्यूटी व पीएम चार्जेस के प्रकरण आपके कार्यालय में निराकरण की राह देख रहे हैं। ये बकाया एक लाख 60 हजार रुपए है। भुगतान करने की कृपा करें और मेरा इस्तीफा स्वीकार करें।




कर्मचारी संघ ने किया इस्तीफे का विरोध

मप्र तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारी संघ प्रदेश सचिव हेमंत सोनी ने बताया डॉ. राठौर सेवाभावी हैं। उनका इस्तीफा मंजूर नहीं होना चाहिए। सीएमएचओ की प्रताडऩा के खिलाफ कर्मचारी संघ डॉक्टर यूनियन को साथ लेकर लड़ाई लड़ेगा।

आरोप गलत हैं

॥प्रताडऩा के आरोप गलत हैं। डॉ. राठौर ने अनाधिकृत रूप से वरिष्ठ अधिकारियों को पत्र लिखकर एक एमपीडब्ल्यू की बेटी को बाल हृदय योजना का लाभ दिलाने की सिफारिश की थी। मैंने उन्हें ऐसा नहीं करने की समझाइश दी। बाकी कोई विवाद नहीं है।ञ्जञ्ज

पुष्पेंद्र शर्मा, सीएमएचओ रतलाम