वादा खिलाफी पर धरना आज
कार्यालय संवाददाता - नरसिंहगढ़
सुभाष चौक में नेताजी सुभाषचंद्र बोस की प्रतिमा स्थापना और दूसरे स्थानीय मुद््दों पर काम की मांग को लेकर स्वयं सेवी संगठन जनजागरण मंच के सदस्य गुरुवार को एक दिन का सांकेतिक धरना देंगे। चौक में प्रतिमा की स्थापना की मांग पिछले कई सालों से चल रही है, लेकिन अब तक पूरी नहीं हुई है। जबकि नगरपालिका परिषद तीन बार इसके लिए प्रस्ताव पास कर चुकी है।
सदस्यों का कहना है कि एक साल पहले 23 जनवरी 2013 को सुभाष जयंती के दिन नगरपालिका के पदाधिकारियों ने सार्वजनिक मंच से वादा किया था कि चौक में प्रतिमा स्थापित करवा दी जाएगी। इस बात को एक साल पूरा हो गया है, लेकिन अब तक कुछ नहीं हुआ है। इसी के विरोध में धरना दिया जाएगा। अगर इसके बाद भी नगरपालिका इस मामले में कोई कदम नहीं उठाएगी तो श्रृंखला बद्ध आंदोलन किया जाएगा।
धरना सुबह 10 बजे नेताजी सुभाषचंद्र बोस की तस्वीर पर फूल चढ़ाकर शुरू किया जाएगा।
छह दशकों से चल रही है मांग
सुभाष चौक शहर के वार्ड नंबर 11 का हिस्सा है। इसे पीपल वाला चौक के नाम से भी जाना जाता है। लेकिन इसकी खास पहचान यहां का वटवृक्ष है। इसे 15 अगस्त 1947 को आजादी की यादगार के तौर पर तत्कालीन प्रजामंडल के युवा सदस्यों ने रोपा था। इसके बाद चौक का नाम आजादी के योद्धा नेताजी सुभाषचंद्र बोस के नाम पर रखा गया। तबसे ही चौक में नेताजी की प्रतिमा की स्थापना और सुभाष उद्यान बनाने की मांग उठती रही है। सन् 1980 के बाद से अलग अलग नपा परिषदों ने तीन बार चौक में प्रतिमा और बगीचा निर्माण के प्रस्ताव पास किए, लेकिन यह सब कागजों में ही सिमट कर रह गया। सन् 2009 में नपा चुनाव में वर्तमान परिषद ने अपने घोषणा पत्र में दोनों कामों को पूरा करने का वादा किया था, लेकिन आज तक दोनों काम नहीं हुए।
नगर पालिका ने बनाया प्रतिवेदन, एसडीएम को सौंपा
जनजागरण मंच की मांगों को लेकर नपा ने अपना प्रतिवेदन बुधवार को एसडीएम कार्यालय में प्रस्तुत किया है। इसमें सुभाष प्रतिमा की स्थापना के विषय में बताया गया है कि परिषद ने इसके लिए स्वीकृति दे दी है, लेकिन शासन से इस पर मंजूरी नहीं मिली है। अब विधि मान्य तरीके से इस पर निर्णय लिया जाएगा। पट्टी बाजार में व्यावसायिक परिसर विकसित करने के लिए तैयारी चल रही है। छोटा महादेव शिवालय वन विभाग के क्षेत्र में आता है। इसलिए यहां महिला स्नानगृह के लिए विभाग से अनुमति मिलने पर निर्माण करवाया जाएगा। इसके अलावा यातायात व्यवस्था सुधारने के लिए बाजार में सड़क पर सामान रखने वाले दुकानदारों के सामान की जब्ती की कार्रवाई की जाएगी।
मंच की दूसरी मांगें
नेताजी सुभाषचंद्र बोस— एक नजर
> शहर से रेलवे लाइन निकालने के लिए ठोस प्रयास हों।
> सिविल मेहताब अस्पताल में स्वास्थ्य सुविधाएं बहाल की जाएं।
> सब्जी मंडी की स्थिति सुधारी जाए।
> छोटा महादेव परिसर में श्रद्धालु महिलाओं के लिए स्नान घर का इंतजाम किया जाए।
> पट्टी बाजार को व्यवस्थित किया जाए और मीट मार्केट को व्यवस्थित कर दूसरी जगह स्थानांतरित किया जाए।
> यातायात इंतजाम सुधारे जाएं।
> पर्यावरण के लिए घातक प्लास्टिक की शराब बोतलों पर प्रतिबंध लगाया जाए और पहले की तरह कांच की बोतलों का उपयोग शुरू किया जाए। इससे प्रदेश के करीब 20 हजार बेरोजगार परिवारों को दोबारा रोजगार मिल सकेगा।
जन्म: 23 जनवरी 1897 को कटक ((उड़ीसा)) में।
देश के लिए योगदान: अंग्रेजी राज से देश को आजाद कराने में सशस्त्र संघर्ष का रास्ता अपनाया। हालांकि सन् 1921 से 1940 तक तत्कालीन आजादी का आंदोलन संचालित कर रही कांग्रेस पार्टी के सदस्य और अध्यक्ष भी रहे। सन् 1943 में दूसरे विश्व युद्ध के दौरान देश की आजादी के लिए आजाद हिंद फौज की स्थापना की। सन् 1945 में ताइवान में एक विमान दुर्घटना के बाद नेताजी लापता हो गए। माना गया कि उनकी मौत हो गई, लेकिन उनका शव कभी नहीं मिला। इसलिए उनका अंजाम एक रहस्य बनकर रह गया।
...तो होगा बड़ा आंदोलन
॥ हम जनहित से जुड़े मुद््दों पर काम करने की ही मांग कर रहे हैं। इसके लिए पहले कई बार प्रशासन को आवेदन दे चुके हैं। हमें कई आश्वासन भी मिले, लेकिन काम नहीं हुए।अगर अब भी प्रशासन इसमें दिलचस्पी नहीं दिखाएगा तो हम श्रृंखलाबद््ध आंदोलन चलाएंगे। इनमें शहर के हर घर से लोगों को जोड़ा जाएगा।
कैलाश शर्मा, अध्यक्ष जनजागरण मंच नरसिंहगढ़।
जो विधिमान्य तरीका होगा, अपनाया जाएगा
॥ सुभाष जी की प्रतिमा की स्थापना के लिए नपा गंभीर है। जो भी विधिमान्य तरीका होगा, उसी हिसाब से काम किया जाएगा।
बाबूलाल साहू, नपाध्यक्ष नरसिंहगढ़।